भूकंप के केंद्र बिंदु चोबारी से ग्राउंड रिपोर्ट: 6 महीने की बेटी मलबे में दब गई; भगवान राम का सिंहासन पलट गया; मंदिर खड़ा रहा

चोबारी गांव में भूकंप का दुखद प्रभाव 🤕 still lagta hai, mere dil ko yaad aata hai jab us दिन ka बोलबाला सुनने को मिलta tha 😔. मैंने फोटो देखी है तो वहां की जमीन भी बदल गई है, जैसे कि घरों के टुकड़े-टुकड़े जमीन पर गिर गए हुए हैं, यह बेहद दुखद है 😢. लेकिन फिर भी, जैसे मैंने देखा है तो गांव वाले लोग अपने घरों की याद में धर्मस्थल बनाने लगे हैं, यह बहुत सुंदर है 🙏, खासकर जब वहां पर पेड़-पौधे लगे हुए हैं और लोग उनकी श्रद्धांजलि देते हैं।
 
मुझे लगता है कि चोबारी गांव में ऐसा भूकंप होना एक बहुत बड़ा दुःख था 🤕। मैंने सुना है कि जितने घर टूट गए उनमें से एक-एक को फिर से बनाने की जगह वे अपने बीच में इकट्ठा कर लिए हुए घर बनवा दिये हैं। यह बहुत अजीब लग रहा है कि क्यों इतने पुराने घरों को बनाए रखने की कोशिश की।
 
यह तो वाकई बहुत दुखद बात है 🤕, मुझे यह सुनकर कोई अच्छी बात नहीं लग रही है। यह भूकंप कितना खतरनाक था? जान-माल की खत्म होने का सारा असर न तो सरकार पास कर सकती है और फिर गांव के लोग अपने घरों को धर्मस्थल बनाकर दिखाई दे रहे हैं। पर यह अच्छा नहीं है, मेरा मानना है कि उन्हें ऐसे स्थान पर रहने से पहले सरकार की मदद और सहायता लेनी चाहिए।
 
Back
Top