भोपाल में 2 नवजातों के अधजले शव मिले: हमीदिया अस्पताल की पुरानी टंकी में कचरे के साथ फेंके थे; आग लगाने के बाद खुलासा - Bhopal News

भोपाल में हमीदिया अस्पताल की पुरानी टंकी में कचरे के साथ दो नवजात बच्चों के शव मिले। तड़के में उन्हें एक कचरे में आग लगने के बाद मिला। जांच में पता चला है कि उन्हें पानी में डुबोकर फेंका गया था।

आग लगाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों को दिया है। पुलिस तीन लोगों की तलाश में है, जिन्होंने बच्चों को शव में डुबोचर कराया था।

अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे। कोई फुटेज भी चली है। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
 
😔 ये बहुत दुखद है... भोपाल में ऐसा क्यों होता है? अस्पताल में शवों को सुरक्षित रखने का स्टैंड तो लोग समझ जाते हैं, पर न ही सीसीटीवी ठीक हुई, न ही पुलिस कोई पकड़ सकी... यह बहुत दुखद है कि ऐसा हुआ... और सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्यों? 🤔
 
😔 यह बात दिल को टूटने से कम नहीं होती। जानवरों का साथ भी ऐसा नहीं मिलता। अस्पताल प्रबंधन को अपने कर्मचारियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह तो नहीं होता, लेकिन जब ऐसा होता है तो इसके परिणामस्वरूप बच्चे के शव को पानी में डुबोचर कराया गया। ऐसा कैसे हो सकता है? अस्पताल में लगने वाले सीसीटीवी कैमरों की जांच करनी चाहिए। यह तो एक बड़ा दुर्घटना है, इस पर न्याय कराना चाहिए।
 
🤯 यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है 🙏। ऐसा करने वाले लोगों को सजा मिलनी चाहिए, जो इतने नाजुक और अनजान बच्चों के साथ इतनी बुराई कर रहे थे।

मुझे लगता है कि अस्पताल प्रबंधन को अपने कैमरों की जांच करनी चाहिए और उन्हें ठीक करना चाहिए, ताकि ऐसे incidents कभी न हों। इसके अलावा, सरकार को इस तरह के अपराधियों को पकड़ने में मदद करनी चाहिए और उनकी सजा देनी चाहिए।

यह एक बहुत बड़ा सबक है हमें यह सिखाता है कि हमारे समाज में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जागरूक रहना चाहिए।
 
मानो तो यह तो बहुत दुखद बात है 🤕, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि हमें इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए एकजुट होना चाहिए। तो ये सच्चाई की झलक है, जो दिखाती है कि अस्पताल प्रबंधन में भी कुछ ऐसा हो सकता है जिससे लोगों को नुकसान पहुंचता है। लेकिन फिर भी, हमें अपने आसपास की सामाजिक समस्याओं का समाधान ढूंढना चाहिए। शायद, हमें यहीं से एक नई दिशा ढूंढनी चाहिए जिसमें अस्पताल प्रबंधन और पुलिस मिलकर काम कर सकें।
 
इन्हें चेतावनी देना चाहिए, जान की मूल्य पर बोलते हुए। सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे, तो फिर भी उनसे सबूत मिलने चुके हैं। यह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है। कौन जिम्मेदार है, यह पता चलने तक कुछ नहीं कर सकते।
 
wow , यह तो बहुत दुर्भाग्य 🤕, एक बच्चों का शव कचरे में आग लगने के बाद मिला, यह तो बहुत ही विनाशकारी है और गंभीर अपराध है . कौन सा पैसा कमाने के लिए कुछ भी करने पर मजबूर हो जाता है, यह तो बहुत दुखद है , कोई भी ऐसी चीज में शामिल नहीं होना चाहिए, यह तो बहुत बड़ा अपराध है .
 
मेरे दिल को टूट गया है जो देखकर मुझे बिल्कुल पसीने आ रहे हैं... भोपाल के हमीदिया अस्पताल में ऐसी चीज़ें होने से मुझे बहुत निराशा महसूस होती है... तभी दो नवजात बच्चों के शव और उनके परिवार वाले पानी में डुबोचर कराया गया था। यह तो और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे... मुझे लगता है कि वहां के प्रबंधन वालों ने अपनी जिम्मेदारियों से खुदकुशी कर ली है।
 
यह तो बहुत बड़ा दुखद घटना है 🤕, यह जानकर मेरा मन टूट गया। कैसे कोई ऐसा बुरा काम कर सकता है? बच्चों की जान लेने के लिए इतना आसान तरीका ढूंढना, यह बहुत ही दुखद स्थिति है। पुलिस तीन लोगों को पकड़ने में सफल होनी चाहिए, और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अस्पताल प्रबंधन पर भी जिम्मेदारी है, उनके द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे, यह एक बड़ा खराब रहस्य बन गया। हमें ऐसे घटनाओं से निपटने के लिए अपने समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
 
क्या यह सही है? एक अस्पताल में दो नवजात बच्चों के शव उसी टंकी में फेंके जाने का भयंकर दृश्य... और पुलिस तीन लोगों की तलाश में है? यह तो बहुत बड़ा सवाल उठता है... अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे, तो कैसे रिकॉर्ड हुआ? क्या वीडियो फुटेज भी चली? और पुलिस को अभी तक इन लोगों की तलाश में क्या हाल है? यह बहुत गंभीर मामला है...
 
यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है 🤕। जैसा कि हमें पता चलता है, दो नवजात बच्चों के शव टंकी में पाये गये और वहां आग लगाने के बाद उन्हें मिला। यह सुनकर तो बहुत दर्द होता है... पर यह भी सच है कि अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज ठीक नहीं थी, जिसकी वजह से उस दिन की घटनाओं की पूरी जानकारी मिली नहीं। यह तो अस्पताल प्रबंधन के लिए एक बड़ा सवाल है... क्या वे अच्छे से निगरानी नहीं कर रहे थे, और फिर भी ऐसी घटना हुई।
 
ये तो बहुत ही दुखद घटना है 😔 बिल्कुल सही कि ऐसे कई जगहों पर भी यही होती रहती है। अगर अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे तो फिर क्या कर सकते थे? लापरवाही के आरोप लगाए गए, लेकिन ऐसी गंभीर घटनाओं में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? पुलिस ने भी तीन लोगों को तलाश शुरू कर दिया है, लेकिन उम्मीदें नहीं हैं कि वे जल्दी से मिल पाएंगे।
 
यार, यह तो बहुत भयानक है! कैसे ऐसा हो सकता है? अस्पताल में इतना सावधानी से चिकित्सा काम किया जाता है, लेकिन फिर भी ऐसा होता दिखाई देता है। यह तो बहुत शोकिंकारी है!

मुझे लगता है कि अस्पताल प्रबंधन पर यानी मैनेजर को जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्हें ऐसी स्थिति में नहीं रहने देना चाहिए। और इन तीन लोगों को जल्द से जल्द पकड़ लेना चाहिए। यह तो एक बहुत बड़ा अपराध है, जिस पर कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
 
ये तो बहुत दुखद बात है 🤕, कैसे संभव हो सकता है कि दो नवजात शिशुओं के शव कचरे में मिल जाए। यह तो बहुत ही गहरी समस्या है, जिसमें हमारे समाज की लापरवाही और अनियंत्रितता का प्रमाण है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे, तो शायद लोगों ने सोचा कि कुछ भी होने का खतरा नहीं है। लेकिन यही नहीं है, यह दुर्घटना किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं है, बल्कि हमारे समाज की असमानता और अन्याय का परिणाम है 🤝
 
ये तो बहुत भयानक, अस्पताल में ऐसा कैसे हो सकता है? पहले सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे, तो फिर और क्या हुआ? यह एक बड़ा अपराध है, बच्चों को इतने संकट में डालने का बार-बार प्रयास किया गया है!

पुलिस तीन लोगों की तलाश में है, जिन्होंने ऐसा क्यों किया? यह भी सवाल उठता है, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन यहां पर कोई जवाब नहीं दिया गया है... 🤯
 
😞 यह तो बहुत ही दुखद और चिंताजनक खबर है... बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ना जरूरी है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही भी इसका सही साबित हो रही है। किसी भी तरह से यह ऐसा नहीं होना चाहिए कि बच्चों के शव को कचरे में डुबोचर कराया जाए और फिर आग लगाई जाए। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं थे, तो यह भी एक बड़ा सवाल है। क्या ऐसी गलतियाँ करने वाले लोग सजा में नहीं आते? 🤔
 
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