'भारत भरोसे की सबसे मजबूत करेंसी', कुआलालंपुर में बोले PM मोदी, मलेशिया के लिए किया बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के दौरे पर कहा, 'भारत विकास के लिए एक भरोसेमंद साझेदार है।'

अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी ने कुएलालंपुर में भारतीय समुदाय के लोगों को एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा, 'भारतीय प्रवासी भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत पुल का काम करते हैं।'

उन्होंने बताया कि ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ और अमेरिका के भारत के साथ व्यापारिक समझौते हुए हैं और विश्वास भारत की सबसे मजबूत मुद्रा बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत हमेशा आपका खुले दिल से स्वागत करेगा।'

पीएम मोदी ने अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान कहा, 'मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मैं उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले से ही दोस्त हैं।'

उन्होंने बताया कि भारतीय सरकार ने ओसीआई कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक के भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों तक विस्तारित कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आने वाले समय में मलेशिया में एक भारतीय वाणिज्य दूतावास भी खोला जाएगा।'

पीएम मोदी ने बताया कि मलेशिया में रहने वाले तमिल प्रवासी विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपनी साझा विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करेंगे।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है और यह एशिया की सफलता है। इसीलिए मैं कहता हूं कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द इम्पैक्ट है।'

उन्होंने भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों से भारत की यात्रा करने और भारत का अनुभव करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपको अपने मलय मित्रों को भी साथ लाना होगा।'

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इस मौके पर कहा, 'भारत से एक अच्छे मित्र के मलेशिया में हमारे साथ शामिल होने से मैं व्यक्तिगत रूप से उत्साहित हूं।'
 
बात करते ही ये दोस्ती, मलेशिया को तो भारत ने पहले से ही अपने सहयोगी बना लिया है 🤝, अब मोदी जी ने भी पूरा प्रदर्शन कर दिया है। ब्रिटेन और अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक हर जगह से समझौते हुए हैं, तो फिर क्यों हमारे पड़ोसी को शामिल नहीं किया गया? 🤔
 
मोदी जी ने बिल्कुल सही कहा, भारत और मलेशिया की दोस्ती बहुत बड़ी है 🤝, हमारे पास व्यापारिक समझौते, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल में बहुत सारी परामर्श और सहयोग की चीजें हैं। मलेशिया में भारतीय समुदाय की अच्छी स्थिति है, लेकिन अभी भी कुछ समस्याएं हैं जैसे कि ओसीआई कार्ड में पात्रता, जिसको दूर करने के लिए हमें बहुत से लोगों का सहयोग लेना पड़ेगा। 🤔

मलेशिया की सरकार ने भारतीय मूल के लोगों को भी ओसीआई कार्ड देने की घोषणा की, जिससे उनके भविष्य में अच्छा रास्ता है और वे अपने परिवार के साथ रहते हुए खुश रहेंगे। 🙏

भारत और मलेशिया की दोस्ती को बढ़ावा देने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा, जैसे कि एक तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करना, जहां तमिल समुदाय के लोग अपनी परंपराओं और संस्कृति को बनाए रख सकते हैं। 💪
 
मोदी जी की दोस्ती का यह बातचीत खूबसूरती से बोल गई है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने मित्रों को निश्चित कराने की जरूरत नहीं है। भारत और मलेशिया के बीच यह दोस्ती तभी मजबूत होगी, जब हम अपनी साझी समस्याओं पर सही तरीके से चर्चा करें। दुनिया में हर देश को अपने खुद के मार्ग और रास्ते हैं, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमें अपने निजी और समूहवादी हितों पर ध्यान देने से पहले दुनिया के लिए एक सामूहिक और सहयोगी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
 
मलेशियाई दोस्तों को भारत में खुले दिल से स्वागत करना एक अच्छी बात है 🤝, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत में मलेशियाई समुदाय को अक्सर विदेशी मानकर रखा जाता है, तो यह बदलाव लाने का समय आ गया है 🕰️

भारत और मलेशिया के बीच साझेदारी बढ़ाना अच्छी बात है, लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भारत में विकास पर नज़र देना मुश्किल है 😬, क्योंकि पैसे से तो बड़ी परत होती है और बाकी सब ठीक नहीं होता 🤦‍♂️

विदेशियों को भारत आने के लिए विस्तारित करना एक अच्छा विचार है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्रियों को यहाँ की मेहनत का सम्मान मिले और उनकी जरूरतों को समझा जाए 🤝
 
मलेशिया जैसी दुनिया को समझने के लिए, हमें अपने पड़ोसी देशों की तरह ही उन्हें भारत का एक महत्वपूर्ण बाजार मानकर चलना चाहिए 🤝

मलेशियाई सरकार ने भारतीय प्रवासियों को उनके जीवनकाल तक रहने की अनुमति देने की योजना बनाई है, जिससे हमारे देश में एक मजबूत बाज़ार बनेगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत होगी। यह नीति भारतीय प्रवासियों के लिए बहुत फायदेमंद होगी क्योंकि वे अपने परिवार के साथ रहते हुए एक अच्छा जीवन जी सकेंगे।

मलेशियाई देश में रहने वाले भारतीय नागरिक अपने समुदाय को और मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, उनका हमारे देश पर गर्व होगा। इसी तरह, हम मलेशियाई प्रवासियों को भी एक तिरुवल्लुवर केंद्र में शामिल होने का मौका देने से उनकी समृद्धि बढ़ाई जाएगी।
 
इस दौरे की बात करें, तो प्रधानमंत्री जी ने बहुत अच्छा दिखाया, कुएलालंपुर में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए, उन्हें हमारी सफलता में शामिल करने का प्रयास किया। यह तो बहुत अच्छा दिखता है कि वे मलेशियाई भारतीय समुदाय के लिए इतने खुले हैं।

लेकिन, यह सवाल उठना चाहिए कि भारत में ऐसी कई सांस्कृतिक और आर्थिक सीमाएं हैं जो इस तरह की दोस्ती को पूरी तरह से समर्थन नहीं देती। उदाहरण के लिए, हमारी विदेशी नीति में भारतीयों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कुछ और सख्तियां शामिल होनी चाहिए।

इसके अलावा, मलेशियाई सरकार द्वारा अपनी ओर से कई आर्थिक सहायताएं प्रदान करने की बात हो रही है, लेकिन यह सवाल उठना चाहिए कि क्या हमारे भारतीय समुदाय के लोगों को इन मददों में से कुछ का वास्तविक फायदा होगा। क्या हम उनकी जरूरतों को समझेंगे?

कुल मिलाकर, यह दौरा एक अच्छा पहलकदम है, लेकिन हमें अपनी आर्थिक और सांस्कृतिक सीमाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।
 
मोदी जी ने बहुत ही अच्छा दौरा किया है, लेकिन उनके बोलों में थोड़ा संतुलन लाने की जरूरत है। विकास के लिए भरोसेमंद साझेदार के रूप में कहकर पहले भारत को खुद अच्छा दिखाना चाहिए, न कि दूसरों को।

मलेशिया में रहने वाले तमिल प्रवासी समाज की सेवा करने की बात अच्छी है, लेकिन यह भी जरूरी है कि हम उनके साथ सहयोग करें। तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करने की बात अच्छी है, लेकिन इसके पीछे क्या विचार हैं?

आजकल यह देखकर आश्चर्य होता है कि कैसे एक राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री अपने संबंधों को इम्पैक्ट बनाने के लिए कहते हैं। हमें अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए और भी कुछ करने की जरूरत है। 🤔💡
 
बhai, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया दौरे की बात करें तो बहुत खुश हूँ 🤩, भारत विकास के लिए एक मजबूत साझेदार है और हमारे संबंधों का नाम इम्पैक्ट है 💪। मलेशियाई दोस्तों की भारत में बात करने और उन्हें अपने देश की यात्रा करने के लिए आमंत्रण देना बहुत अच्छा विचार है, चाहे वह ओसीआई कार्ड धारक भी हो 📸। हमारे दोस्तों को भारत में स्वागत करने और उनकी भलाई की जिम्मेदारी लेने के लिए सरकार को प्रोत्साहित करना चाहिए, यही हमारी नीति है 🌟
 
🤔 बात करते हुए, मलेशिया की दोस्ती को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत अच्छा बयान दिया है। 🙌 उनके विचारों से यह पता चलता है कि भारत और मलेशिया के बीच कोई रिश्ता नहीं बनता, बल्कि एक दोस्ती स्थापित होती है। 💕

लेकिन, क्या यह वास्तव में सच है? क्या हमारी सरकार ने वास्तव में मलेशिया के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं? 🤷‍♂️ जैसे कि ओसीआई कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक के भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों तक विस्तारित करना। यह एक अच्छा कदम है, लेकिन हमें यह जानने की जरूरत है कि इसका क्या परिणाम होगा। 🤔

क्या आपको लगता है कि भारत और मलेशिया के बीच कोई सीमितता है? क्या हमारी सरकार ने मलेशिया की जरूरतों को समझ लिया है? 🤷‍♂️
 
मोदी जी की बात हो तो दूसरों की बात भी होती है! मलेशिया में उनकी पहली विदेश यात्रा बहुत ही अच्छी लग रही है। प्रधानमंत्री ने दोस्ती बनाने और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि मलेशिया में भारतीय समुदाय को कैसे समर्थन मिल रहा है। उनकी बात है कि भारत विकास के लिए एक भरोसेमंद साझेदार है, लेकिन हमें यह जानने की जरूरत है कि मलेशिया में भारतीय समुदाय को कैसे मदद की जा रही है। 🤔💡
 
मोदी जी तो बिल्कुल सही कह रहे हैं, भारतीयों का यह मलेशिया में इतना प्रभाव देखना अच्छा है, लेकिन क्या उन्होंने बताया कि मलेशियाई तो हमारे साथ चोरी का खेल खेल रहे हैं? 🤣

कुएलालंपुर में भारतीय समुदाय के लोगों ने तो प्रधानमंत्री से कहा कि भारतीय प्रवासी हमारे देश का एक मजबूत पुल है, लेकिन वास्तविकता यह है कि ये लोग अपने बच्चों को हमारे देश में पढ़ने के लिए भेजते हैं ताकि वह हमारी संस्कृति सीख सकें।

लेकिन फिर भी, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा आपका खुले दिल से स्वागत करेगा, और मुझे लगता है कि यह सच है, लेकिन क्या उन्होंने बताया कि भारतीय समुदाय के लोगों को हमारी सरकार को कौन से प्रावधान देने चाहिए? 🤔
 
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