भारत-EU की डील से अमेरिका इतना भड़का क्यों है: मंत्री बोले- इसमें भारत का ज्यादा फायदा; क्या ट्रम्प का टैरिफ बेअसर हो जाएगा

इस दौरान भारत ने अमेरिका को कई बातें सिखाई हैं। ये बातें जानना जरूरी है कि अमेरिका-भारतीय रिश्तों का भविष्य कहाँ ले जाएंगे।
 
अमेरिकी-भारतीय रिश्तों में सुधार देखने को मिला तो अच्छा है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। अमेरिका की ऐसी सरकारें जो हमेशा से ही हमारी मदद करती आई, आज उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब हुई है कि हमें उन्हें सहयोग करने की जरूरत है।
 
अमेरिका की तरफ से भारत को यह सब सिखाना मजेदार है। लेकिन हमें यकीन होना चाहिए कि अमेरिकी-भारतीय रिश्तों में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। जैसे हमारी किस्मत है तब अच्छाई होती है, वैसे भी अमेरिका ने भारत को बहुत से चीजें सिखाई हैं, जैसे कि तेजी से विकास और तकनीकी। लेकिन हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम अपनी भारतीयता और संस्कृति को कभी नहीं छोड़ सकते।
 
अमेरिका से भारत के साथ इस तरह का खेल होते हुए भी, हमें अपना देश और लोगों की परवाह करनी चाहिए। अमेरिकी कंपनियां तो अपना माल-मुनाफा बेचने के लिए हमारे साथ सस्ते में आ रही हैं। ये हमारा खिलौना बन गई है।
 
अमेरिकी-भारतीय रिश्तों में बदलाव देखने को मिला है, और यह बदलाव जरूर अच्छा साबित हुआ होगा। अगर अमेरिकी सरकार ने भारत को बाजार की विशेषताओं को समझाया तो यह किसी अच्छे रणनीति का हिस्सा था 🤑

पहली चीज जो भारत सिखाई है वह दुनिया भर में टेक्नोलॉजी का अपनाना है। अमेरिकी कंपनियां हमारी लोकल बाजारों में खुद को स्थापित करने लगीं और इसका नतीजा अच्छा साबित हुआ है - फेसबुक, जीपीएस और वॉल्ट्रेस जैसी बहुत बड़ी कंपनियां भारत की पीढ़ी की लोकल बाजारों में खुद को स्थापित कर रही हैं 🚀

दूसरी चीज जो अमेरिका सिखाया है वह हमारे देश विकास पर ध्यान देना है। अमेरिकन सरकार ने हमें दिखाया कि कैसे किसी भी प्रकार के आर्थिक बदलाव को सामने लेकर जिया जाए।
 
अमेरिकी बच्चों को खेलने के लिए मैदान दिया गया है, लेकिन उनकी आंखें भारतीय खिलाड़ियों पर लगी हुई हैं 🏟️। यह बहुत जरूरी है कि हम अपने पार्टनर्स (अमेरिका) को सही ढंग से समझें और उन्हें बेहतर बनाने का मौका दें।

भारतीय शिशुओं की तरह अमेरिकी बच्चों को भी सुरक्षित और प्यार की जरूरत होती है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वे अभी भी अपने देश में बड़े-बड़े समस्याओं का सामना कर रहे हैं। 🤔

हमें अपने दोस्तों (अमेरिकी) को हमारी जरूरतों और सीमाओं को समझने में मदद करनी चाहिए। अगर उन्हें हमारी संस्कृति और परंपराएं पसंद आती हैं तो फिर भी उनका अपना तरीका होता है। 🤝
 
🤣👀 भारत ने अमेरिकी सरकार को एक बड़ा सबक सिखाया है। उनके देश में पर्यावरण की समस्या बहुत बढ़ गई है, तो अब वे हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों की बचत करने के लिए बताने की कोशिश कर रहे हैं 🌿💦। लेकिन देखें तो अमेरिका ने भारत को अपने व्यापार में शामिल होने के लिए कहा है और हमारे संसाधनों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है 📈💸। लगता है कि अमेरिका ने भारत को एक बड़ा उपहार दिया है, जिससे वे अपने अर्थव्यवस्था में सुधार कर सकेंगे।
 
अमेरिका से हमारे साथ ऐसी कैसे जुड़ी हुई... तो लगता है वहां सरकार और हमारे पास बहुत खुलकर बातें करने की इच्छा थी। लेकिन भारतीय रिश्तों के भविष्य को देखना मुश्किल है। हमारे देश में हर जगह आर्थिक स्वतंत्रता की मांग बढ़ रही है, तो अब तो अमेरिका के साथ यह सही समझौता कैसे होगा? और अगर हम दोनों सरकारें अपने मकसदों के लिए मिलकर काम करती हैं तो भविष्य कितना रोमांचक है... 😏
 
मुझे लगता है कि आजकल हमारे देश ने अमेरिकी देश से बहुत सीख लिया है, और यह बहुत अच्छी बात है। मैं याद करता हूँ जब हमारे देश के पास इतनी तकनीक नहीं थी, और अब देखकर मन में खुशी होती है कि हमने इतनी तेजी से आगे बढ़कर अपने जीवन को सुविधाजनक बनाया है। लेकिन, मुझे लगता है कि हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हमारे पास एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, और हमें अपनी परंपराओं को भी जीवित रखना चाहिए।
 
अमेरिका के साथ हमारे संबंध अच्छे हो गए हैं... मुझे लगता है यह अच्छी बात नहीं है। जब अमेरिका किसी भी देश को मदद करता है तो वह मदद कई शर्तों के साथ आती है, जैसे कि वे चाहते हैं हमें अपने देश की राजनीति में शामिल होना... यह अच्छा नहीं है। भारत को अपनी आजादी और स्वतंत्रता को बनाए रखने की जरूरत है...
 
मुझे लगता है कि अमेरिकी-भारतीय रिश्तों में खास बात यह है कि दोनों देशों ने आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। लेकिन, मुझे लगता है कि भारतीय सितारों को अमेरिका में प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी किसी और को नहीं देनी चाहिए। हमारे युवाओं पर अमेरिकी फिल्म उद्योग की ताकत और प्रभाव का पूरा पता होना चाहिए।

कुछ भारतीय सितारों ने जैसे बालीवुड की मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने अमेरिकी फिल्म उद्योग में अपना खास योगदान दिया है, वहीं कुछ अन्य ने भी अपना स्वयं का रास्ता बनाया है। लेकिन, अभी तक हमारे सितारों को अमेरिकी फिल्म उद्योग में पेश करने की जिम्मेदारी पर विचार नहीं किया गया है।
 
मुझे लगता है कि अमेरिका को भारत ने हमेशा से समझाया हुआ है, लेकिन वे इसे नहीं समझ पाए हैं। मैंने अपनी बेटी की शादी के लिए अमेरिकी खाने को बनाने की कोशिश की, लेकिन वह तो पूरी तरह से गलत ही बनाया... 🤣

मुझे लगता है कि भारत ने अमेरिका को यह सिखाया है कि एक अच्छा रिश्ता बनाने के लिए ज़रूरत पड़ती है, न कि पैसों की कमी। और भारतीय भोजन भी बहुत पसंद आ रहा है, मुझे लगता है कि अमेरिकियों को अब यह पता चल गया है।

लेकिन मैं सोचता हूँ कि हमें अब अपने रिश्तों पर ध्यान देना चाहिए, न कि पैसे और खाने पर। एक अच्छा रिश्ता बनाने के लिए ज़रूरत पड़ती है, यही सच्चाई है।
 
अमेरिकी-भारतीय रिश्तों में बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ अमेरिकी और भारतीय व्यवसायियों ने ब्रेक-उप बनाकर देश से जाने का फैसला किया है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी-भारतीय रिश्तों में बदलाव देखने को मिल रहा है। ये दोनों पल्स एक साथ चलकर देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद करेंगे।
 
अमेरिकी-भारतीय रिश्तों में बहुत बड़ा बदलाव आया है। हमने अब अमेरिकी व्यवसायियों से भी अपनी बातें समझाई हैं और उन्हें भारत की अच्छी बातें बताई हैं। लेकिन अभी भी बहुत सारे मुद्दे हैं। जैसे कि अमेरिका में हमारे करों को चुनौती देना। और वहां के शेयर बाजार में हमारे शेयरों को खरीदने से।
 
अमेरिकी दोस्तों को अपनी आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए। क्या वे यूरोप और एशिया की तुलना में अमीर हैं? नहीं तो उनकी आर्थिक शक्ति कमजोर है। हमारे पास जीएसटी, दोनों देशों से बेहतर डिजिटल भुगतान प्रणाली है, फिर क्या भारत में कोई परेशानी है?
 
अमेरिकी-भारत संबंध तो बहुत ही रोमांचक दिख रहे हैं 🤩। भारत ने अमेरिका को कई बातें सिखाई है, जैसे कि हमारे खुद के व्यवसायों और उद्योगों में निवेश करने का तरीका, अपनी युवा शक्ति का सहारा, और यह तो शायद सबसे जरूरी बात, हमारी पूर्वी सीमा पर हिंसक संघर्षों से बचने का समझदारी 🙏

लेकिन अगर हम इस बात पर विशेष ध्यान दें तो यह सोच लेना जरूरी है कि अमेरिका-भारतीय रिश्तों में एक निश्चित असंतुलन है। जैसे कि अमेरिका हमारी आर्थिक आवश्यकताओं को समझने में अभी भी पीछे है, लेकिन हमारे खिलाफ बढ़ते चीन और पाकिस्तान के साथ अपनी रणनीति बना रहे हैं 🤔

अगर हम इस बात पर ध्यान देते हैं तो यह सोच लेना जरूरी है कि हमें अमेरिका-भारतीय रिश्तों को और भी मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए, जिससे दोनों देशों के बीच एक समृद्ध मित्रता का गहरा संबंध स्थापित हो सके।
 
मुझे लगता है कि भारत ने अमेरिका पर बहुत सारी सबक सिखाया है, विशेषकर आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर। अब हमें देखना होगा कि अमेरिका भारतीय रिश्तों को कैसे आगे बढ़ाएगा। ये दोनों देशों के बीच की संबंधों में एक नई दिशा आएगी।

मैं उम्मीद करता हूं कि भारत और अमेरिका के बीच के रिश्ते मजबूत और विकसित होंगे। हमें देखना होगा कि दोनों देशों के बीच की सहयोग और समझ में क्या बदलाव आएंगा।
 
अमेरिका के लिए भारत में खाना खिलाना एक नई चुनौती हो गयी 😂। यह सुनकर मजाक नहीं है, पर यार, अमेरिकी तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं और भारत के पीछे पड़े हुए दिखने लगे हैं। लेकिन हमें यह भूलना नहीं चाहिए कि अमेरिका को भी हमारी मदद की ज़रूरत है 🤝। बिल्कुल, भारत ने अमेरिका को कई बातें सिखाई हैं, जैसे कि शांतिपूर्ण तरीके से लड़ना और खुशियों को देखना। लेकिन यह तो हमेशा आसान नहीं होता 🤦‍♂️
 
मैंने देखा है कि इस भारत-अमेरिका रिश्ते में हमारे देश ने कई अच्छी बातें सीखाई हैं। सबसे पहले, हमने देखा है कि अमेरिका को भारतीय व्यंजनों का शौक आ गया है 🍴। ये तो हमें बहुत खुशी है क्योंकि अब अमेरिकियों में भारतीय संस्कृति का सम्मान बढ़ रहा है। दूसरा, हमने देखा है कि अमेरिका ने भारतीय टेलीविजन शोज को बहुत पसंद लिया है। यह हमारी सिनेमा उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है, लेकिन हमें इसका फायदा उठाना चाहिए।

इन दिनों अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग बढ़ रहा है। यह हमारे देश के विकास में बहुत मदद कर सकता है, लेकिन हमें सावधानी से इसके नियमों का पालन करना चाहिए।
 
अमेरिका को भारत ने कुछ सीखने का मौका दिया है 🤔। उन्हें पता चल गया है कि हमारी अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षेत्रों में बहुत कुछ है। लेकिन फिर भी, वो अपने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और मोबाइल टेलीमोबिलिटी के बारे में अभी भी सोचना शुरू करते हैं 😂। यह देखकर मजाक नहीं है, लेकिन हमारे पास बहुत कुछ है जिस पर वे सोच सकते थे।
 
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