मैंने तो सोचा था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इतनी चालाकी और संगठित तरीके से जानकारी छुपाई जाती है, लेकिन यह आरोप राहुल गांधी ने लगाया है तो मुझे लगता है कि वो सच्ची बात कह रहे हैं। अगर ऐसा है तो यह बहुत बड़ा मामला होगा। मैं सोचता हूँ कि कैसे एक ही नाम पर हजारों आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं, यह बहुत भयंकर है। मुझे लगता है कि इन्हें जांचनी चाहिए।