समुद्र प्रताप की कमीशनिंग की बात तो अच्छी है, लेकिन सवाल यह है कि इसके अलावा क्या सोचे गया है? क्या वास्तव में हम अपने समुद्री संसाधनों को साझा कर रहे हैं या बस दिखाने के लिए? 
और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात तो अच्छी है, लेकिन इससे हमें यह नहीं बताना चाहिए कि महिलाएं अभी तक क्यों इतनी कम हैं? क्या सरकार ने उनकी प्रशिक्षण और विकास पर ध्यान दिया है या बस राजनीतिक लाभ के लिए?
लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि यह एक अच्छी शुरुआत हो सकती है, अगर हम इसके साथ सही दिशा में आगे बढ़ें।
और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात तो अच्छी है, लेकिन इससे हमें यह नहीं बताना चाहिए कि महिलाएं अभी तक क्यों इतनी कम हैं? क्या सरकार ने उनकी प्रशिक्षण और विकास पर ध्यान दिया है या बस राजनीतिक लाभ के लिए?
लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि यह एक अच्छी शुरुआत हो सकती है, अगर हम इसके साथ सही दिशा में आगे बढ़ें।