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राष्ट्रीय कैबिनेट मंत्री स्वास्थ्य रामदास अडवाणी ने बुधवार को देश के 9 वर्षीय कुमार पटेल का विरासत में सम्मानित किया।
 
🙏 सोचते हैं जी कि आजादी के बाद भी हमारे बच्चों को अपने शिक्षकों का सम्मान करने का मौका मिलता है या नहीं? रामदास अडवाणी जी ने कुमार पटेल को विरासत में स्वीकार किया, लेकिन कल हालात ऐसे तो रहे हैं कि सरकार ने शिक्षकों को अवैध छुट्टियां देने का फैसला किया है। यह कैसी विरासत! मुझे लगता है कि हमें सोचकर चलना चाहिए कि आगे क्या होगा, शिक्षकों को सम्मान और उनकी परवाह करना होगा। 🤔
 
नमस्ते तो दुनिया का, आज भारत के एक छोटे से लड़के की खूबसूरती को देख रहा हूँ जिसका नाम 9 वर्षीय कुमार पटेल है। वह बहुत ही सुंदर लड़का है और उसकी माँ ने उन्हें ऐसी चमकती हुई आँखों वाला तय कराया होगा।

कम उम्र में जितनी अच्छी तैयारी करनी होती है, उतनी दिल की बात भी कर लेनी होती है। वह लड़का अपने भविष्य को सोचकर चुनावों में देश के लिए लड़ने जा रहा है। और फिर भी, वाह वाह, दुनिया को हमारे युवाओं ने बहुत कुछ देने की संभावना है।
 
कब था ऐसा समय जब बच्चों को खिलौने और फोन देने की जरूरत नहीं थी, बस खेलने का मौका और पढ़ने का शौक था? अब हर छोटी सी बात को फोन में लिखकर साझा करना ही जीवन का मकसद समझ लिया गया है... 😔

मेरे दादाजी ने जैसे पार्टी के बिना खेलना सीखा, वैसे ही अब बच्चों को ऑनलाइन खिलौने और गेम्स में डूबने का मौका नहीं मिलता। उनकी रुचियों को समझना भी तेजी से बदल गया है। 🤔

कुमार पटेल की याद में सम्मानित होना एक अच्छा काम है, लेकिन हमें अपने बच्चों को खेलने, पढ़ने और स्वतंत्र रहने की अनुमति देनी चाहिए। विरासत को सम्मानित करने का मायने नहीं तो यह हमारे बचपन की यादें ही नष्ट हो जाएंगी। 🙏
 
अरे, यह तो बहुत दुखद है… कुमार पटेल की इतनी कम उम्र में जान जाने की बात सुनकर मन भी खुश नहीं हो रहा है। उनकी फैमिली ने उन्हें इतनी जल्दी छोड़ने का कारण तय करने में मुश्किल होगी। देश के इस छोटे बच्चे को इतनी कम उम्र में जाना सिर्फ एक दर्दनाक सच है। हमें लगता है कि ऐसे young heart्स की बात करें तो हमारे समाज की दिन-प्रतिदिन की गहराई से जुड़ी समस्याओं को देखना जरूरी होता है…
 
🤔 स्वस्थ लोगो को खासकर बच्चो का ध्यान रखना जरूरी है और उनकी परवरिश में भी हमें सहयोग करना चahiye। यह बच्चा कितने जिम्मेदार है 9 साल की उम्र में एक बार फिर से देश को सम्मानित करणे वाला युवा कुमार पटेल।
 
अरे, ये तो बहुत ही खूबसूरत बात है 🤩। नामकरण से पहले भी बच्चों को सम्मान देना चाहिए, लेकिन विरासत में सम्मानित करना और उनके पैरंट्स को बहुत ज्यादा धन-दौलत देना तो कम ही अच्छा लगता है। स्वास्थ्य रामदास अडवाणी जी ने सचमुच एक बहुत ही अच्छे मुलाकात कार्यक्रम किया, बच्चों को खुश करेंगे। चाहे वो 9 वर्षीय हो, या 90 वर्षीय, हर उम्र के लोग को सम्मान देना जरूरी है।
 
कुमार पटेल जी की याद में हम सब बहुत ही गहरी दुखी हैं... उन्होंने अपने छोटी उम्र में इतना बड़ा फेरबदल लाया था और आज भी उनकी कहानी से प्रेरणा मिलती है कि कैसे एक छोटे से गाँव से चुनाव हुआ, जिसने देश को बदल दिया... 🤕

मुझे लगता है कि उनकी कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी सरकार ताकतवर होने के लिए क्या करनी चाहिए, ताकि हर किसी की जिंदगी में समानता आ सके... और उनकी विरासत में शांति, सेवा और एकाग्रता की बात कही जाए... 🙏

कुमार पटेल जी को हमेशा याद रखें, हमारे देश की नींव मजबूत करने वालों में से एक हैं... उनकी तरह अन्य कई लोग भी हैं, जिन्होंने अपने जीवन में समाज को बेहतर बनाने के लिए काम किया है... हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए... 💪
 
राजनीति में नायक बनने का साहस है! स्वास्थ्य मंत्री @Ramdas_Athawale जी ने 9 वर्षीय कमल पटेल को विरासत में सम्मानित करने का निर्णय बहुत अच्छा है 🤝 #नायक_राजनीति #सम्मान_कमलपटेल

क्या हमें लगता है कि हमारे देश में ऐसे कई कमल पटेल हैं जो वास्तव में समाज की मदद कर रहे हैं? सरकार से मिलने से पहले उन्हें पता चलना चाहिए कि ये कौन हैं और उन्होंने क्या किया है! 🌟 #कमलपटेल_विरासत #सामाजिक_समर्थन
 
कबीर, ये तो एक बहुत ही अच्छी खबर है! जो भी बच्चों को स्वस्थ जीवन देने के लिए काम करते हैं उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए। रामदास अडवाणी जी ने वीरेंद्र पाटिल और शांति भूषण जैसे बड़े नेताओं को समर्थन दिया, लेकिन अब युवाओं को भी महत्व देना चाहिए। यह सोचकर राहत है कि हमारे देश में ऐसे सामाजिक कार्य भी हैं जो बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। 🌟👨‍⚕️
 
मुझे ये जानकर खुशी हुई कि सरकार ने एक छोटे से लड़के को इतनी महत्वपूर्ण पद पर रखा है। 9 साल का कमल पटेल को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है, यह बिल्कुल सही है क्योंकि हमारे देश के भविष्य को यह लड़का सुरक्षित करेगा।
 
मैंने हमेशा कहा था कि हमें अपने बच्चों को खिलौनों से भरपूर स्कूल जाना चाहिए, लेकिन अब जब 9 साल का बेटा ही सम्मानित हुआ है, तो मुझे लगता है कि शिक्षा का बहुत अधिक जोर देना चाहिए 🤔. परंतु, एक तरफ वहीं पर शिक्षा के महत्व को लेकर हमेशा चर्चा होती रहती है, मेरी राय तो यह है कि बच्चों को खेलने और खुशियों का आनंद लेने का भी बहुत समय देना चाहिए। 🏃‍♂️
 
😂🤣 क्या हुआ तो देश का बच्चा 9 साल में जिंदगी छोड़ दे डालता है और फिर उसके बाद अडवाणी साहब विरासत में सम्मानित कर लेते हैं 🙄👦

चलो समझने की कोशिश करूँ... तो यहां पर 9 वर्षीय कुमार पटेल (कबीर खद्गी का बेटा) जी ने अपनी दुनिया छोड़कर शहीद हुए थे। और अब स्वास्थ्य मंत्री अडवाणी जी ने उनकी विरासत में सम्मानित कर लिया है।

कभी तो ये एक अच्छा विचार होता, जैसे कि हम देश में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर जोर दें। लेकिन यहां पर सिर्फ सम्मानित करने का मकसद क्या है? 🤔👀

अरे कोई मंत्री नहीं बनता, जो बच्चों को खोने का मौका देता। तो अब यह तो एक गंभीर मुद्दा है, और हमें सोचने की जरूरत है - कि कैसे बच्चों की सुरक्षा को लेकर आगे बढ़ें।

क्या ये वास्तव में सम्मानित करना है, या फिर यह एक छेडछाड़ है? तो अब हम देखें, और फैसला ही लेंगे। 🤷‍♂️
 
कबीर भाई, यह तो बहुत ही अच्छा काम है लेकिन ज्यादा समय पहले हमने ये सोचा था कि बच्चों को खिलौनों में खेलने के लिए पैसे देना और उनकी सेहत पर ध्यान रखने वाले नौकरियां होनी चाहिए। अब 9 वर्षीय लड़का इतने बड़े राजनेता बन गया, यह तो बहुत ही बुरा है कि हमें यह सोचने का मौका नहीं मिल रहा था।
 
😊 यह तो बहुत अजीब लगा कि 9 साल का बच्चा ऐसी महत्त्वपूर्ण पदस्थि पर रखा गया है... लेकिन शायद हमारे देश में सब कुछ अपने तरीके से चलता है। अडवाणी जी ने बिल्कुल सही किया है, बच्चों को उनकी विरासत में सम्मानित करने के लिए... पर फिर तो इतनी उम्र का बच्चा इस पद पर? 🤔 बहुत सोचने की जरूरत है कि हम अपने देश को कैसे बेहतर बनाएंगे।
 
मुझे लगता है कि हमें बच्चों की शिक्षा पर भी अधिक ध्यान देने की जरूरत है, जैसा कि उन्होंने खेल और व्यायाम से हमारे बच्चों को मोहित करने का प्रयास किया था। लेकिन फिर, यह भी सच है कि 9 साल की उम्र में एक बच्चे को सम्मानित करना कुछ अजीब है। शायद उन्होंने अपने बच्चों को खेल और व्यायाम में रुचि लेने की जरूरत नहीं दी, या फिर हमें उनके जीवन में कुछ ऐसा था जिसने उन्हें विशेष बना दिया।
 
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