सिर बात है, मुझे लगता है कि यह SIR की शैली से देश भर में फैल जाने की बात है। लेकिन क्या हमारे पास खुद को समझने का मौका है? SIR एक्सप्लेन किया गया है, परंतु चाहे ताकत हो, मनुष्य की गहराई तभी दिखाई देती है।
मुझे लगता है कि अगर हमारे राज्य में भी ऐसा आयोजन होता है, तो शायद लोगों में एक सामान्य बात बाहर आ जाएगी। ताकि हम सिर्फ SIR से थोड़ा दूर होकर अपने आप को समझने का समय मिले।