बजट में कोई बड़ा ऐलान क्यों नहीं, एक्सपर्ट से समझिए: गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट अब 8 साल बाद; करदाता के लिए क्या बदला

बजट में कोई बड़ा ऐलान क्यों नहीं?

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट में कुछ विशेष घोषणाएं थीं। लेकिन आम लोगों के लिए यह एकदम टेढ़ी खीर है। हमें समझना होगा कि इन घोषणाओं से कौन से बदलाव आएंगे।

स्थिर अर्थव्यवस्था के चलते बैलेंस बजट आया

बजट में सरकार ने कहा है कि जब स्टेबल इकोनॉमी यानी स्थिर अर्थव्यवस्था होती है, तो बजट में बड़े ऐलान नहीं करती है। भारत की इकोनॉमी 7% से ज्यादा की दर से ग्रो कर रही है और स्थिर है। इससे लोगों को फायदा हुआ। पिछले साल 12 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री की गई थी, जिससे मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वालों को फायदा हुआ। बजट साइज बढ़ा है और सरकार ने इकोनॉमी को स्थिर रखने, लोगों की अपेक्षा और उनके खर्च करने की हैसियत बढ़ाने पर ध्यान दिया है।
 
बजट में शायद तो फालतू की बातें निकलती हैं 🤑 जैसे रिफाइन्ड ईंधन पर 12% टैक्स जैसे बातें। तुम्हारा पैसा खर्च कर दिया जाएगा, क्या? और रेलवे से सरकार सीधे पैसे लेगी? यार, यह एकदम खलनायक की गद्दी है 🚫। बजट में कोई बड़ा ऐलान नहीं करना तो अच्छा नहीं है, किसी को भी फायदा नहीं होता।
 
बजट में बड़े ऐलान तो बिल्कुल नहीं आया, बल्कि बहुत सारी छोटी-छोटी चीजें जिनसे लोगों को फायदा होने वाला है, उन्हें हम देख रहे हैं 🤔। अगर अर्थव्यवस्था अच्छी है तो बजट में बड़े ऐलान नहीं करना समझदारी है। लेकिन यह सोचिए कि लोगों को क्या फायदा हुआ, टैक्स फ्री वाले 12 लाख रुपये तक की कमाई से मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वाले लोगों को जीवन में बड़ा बदलाव आया है 🚀। अब बजट साइज बढ़ गया है तो फिर यह कह रही हैं कि इकोनॉमी को स्थिर रखने पर ध्यान दिया गया है, लेकिन सरकार ने अपने वादों पर खरा उतरने में इतनी अच्छाई नहीं दिखाई 💸
 
बजट में बड़े ऐलान तो नहीं किए गए, लेकिन फिर भी हमारी अर्थव्यवस्था स्थिर और तेजी से बढ़ रही है! यह तो अच्छा है, लेकिन क्या आम आदमी को पता है कि ये ऐलान उन्हें कैसे फायदा करेंगे। 12 लाख तक की कमाई टैक्स मुक्त, यह तो मध्यम वर्ग के लिए अच्छी बात है, लेकिन क्या इस दिशा में और आगे बढ़ाएंगे?
 
बस, बजट में ज्यादा ऐलान नहीं होना तो अच्छा है 🤔। पहले 12 लाख तक कमाई टैक्स फ्री हो गई थी, अब कुछ बदलाव आ रहे हैं और सरकार से हमें उम्मीद है कि मिडिल क्लास के लिए कुछ और बेहतरियाँ आ रही हों। लेकिन अगर बजट में ज्यादा ऐलान नहीं होता, तो क्या बदलाव नहीं आएंगे? 🤑

मुझे लगता है कि सरकार ने अच्छा निर्णय लिया है, वित्तीय स्थिरता और अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना बिल्कुल सही है। हमें उम्मीद करनी चाहिए कि बजट में आ रही बदलावों से लोगों को फायदा हुआ होगा। अब जैसे हमारे पास अपने खर्च और अपेक्षाएं हैं, वैसे सरकार ने भी इन दोनों पर ध्यान दिया है।
 
बजट में बड़े ऐलान तो आमतौर पर वित्तीय वर्ष के अंत में ही होते हैं। अगर अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और लोगों की खर्च करने की हैसियत बढ़ गई है, तो बजट में बड़े ऐलान करने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि सरकार ने सही मायने में बात कही है। लेकिन जब तक आम आदमी को समझाया नहीं जाता, तो उनके दिमाग में सवाल उठते।

मैंने पिछले बजट में पढ़ा था कि सरकार ने 12 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री की थी। अब अगर वे आर्थव्यवस्था स्थिर है और से बढ़ रही है, तो यह अच्छा है। परंतु आम आदमी को लगता है कि बजट में बड़े ऐलान करने से उनके फायदे नहीं होते। मुझे लगता है कि सरकार को अपने निर्णयों को और भी बेहतर ढंग से समझाने की जरूरत है।
 
बजट में कोई बड़ा ऐलान तो नहीं आया, तो फिर इसका मतलब यह है कि सरकार अभी भी लोगों के पैसे से रोटी नहीं बना रही। बजट में कुछ छोटी सी घोषणाएं थीं, लेकिन वे ज्यादा यकीनन लोगों को प्रभावित नहीं करेंगे। सरकार द्वारा कहा गया है कि अर्थव्यवस्था अच्छी होने पर बड़े ऐलान नहीं किए जाते, लेकिन यह तो हमेशा सच नहीं होता। मुझे लगता है कि बजट साइज बढ़ाने से सरकार ने अपनी चुनौतियों से लड़ने के लिए एक छोटी सी मदद की है, लेकिन यह तो अभी भी बहुत कम है। 🤔
 
बजट में बड़े ऐलान तो वित्तीय वर्ग के लिए होते हैं, आम आदमी को फायदा नहीं हुआ होगा। सरकार ने पिछले साल टैक्स फ्री करने से मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वालों को फायदा दिया था, लेकिन इस बार उन्हें कोई बड़ा बदलाव नहीं मिलेगा। बजट में सरकार ने अपनी आर्थिक स्थिरता पर जोर दिया है, लेकिन आम आदमी को इसका फायदा क्या होगा।

मैं समझ गया हूँ कि वित्त मंत्री ने कहा है कि जब अर्थव्यवस्था स्थिर होती है, तो बजट में बड़े ऐलान नहीं करती, लेकिन यह तो आम आदमी के लिए नहीं है। हमें लगता है कि सरकार को आम आदमी के फायदे के लिए भी कुछ करना चाहिए।
 
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