मैं समझता हूँ कि ये वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें इसके पीछे के सवालों पर ध्यान देना चाहिए। क्या यह ट्रेन वास्तव में आम यात्रियों की जरूरतों को समझ रही है? या बस सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा बन गई है?
मैं सोचता हूँ कि हमें यह भी सवाल करना चाहिए कि क्या इस ट्रेन ने वास्तव में गरीब और मध्यम वर्ग की जीवन रेखा को देखा, या बस एक तकनीकी सफलता को बढ़ावा दिया। और क्या यह ट्रेन वास्तव में नए भारत की तस्वीर को दर्शाती है, या बस सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा है जिसे हमें खुश करने की जरूरत है?
मैं सोचता हूँ कि हमें यह भी सवाल करना चाहिए कि क्या इस ट्रेन ने वास्तव में गरीब और मध्यम वर्ग की जीवन रेखा को देखा, या बस एक तकनीकी सफलता को बढ़ावा दिया। और क्या यह ट्रेन वास्तव में नए भारत की तस्वीर को दर्शाती है, या बस सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा है जिसे हमें खुश करने की जरूरत है?