रामगोपाल मिश्रा के हत्यारे सरफराज को फांसी की सजा दी गई है। उनके पिता अब्दुल हमीद, दो भाई- फहीम और तालिब समेत 9 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
इस घटना में दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा हुई थी। रामगोपाल मिश्रा अब्दुल हमीद के घर की छत पर चढ़ गया और वहां पर भगवा झंडा फहराया था। फिर उसे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
रामगोपाल की पत्नी रोली ने सुनवाई के बाद कहा, "हम अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं। हमारे पति को गोली मारने वाले को फांसी हो गई। आत्मा को शांति मिली है। योगी जी ने हमारी सभी मांग पूरी कर दी है। हम एक और योगी जी से मिलना चाहते हैं।"
इस मामले में 13 लोगों पर हत्या और हिंसा के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद अदालत ने 13 अभियुक्तों में से 10 को मॉब लिंचिंग समेत कई धाराओं में दोषी करार दिया था। तीन आरोपियों खुर्शीद, शकील और अफजल को बरी कर दिया है।
इस घटना में दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा हुई थी। रामगोपाल मिश्रा अब्दुल हमीद के घर की छत पर चढ़ गया और वहां पर भगवा झंडा फहराया था। फिर उसे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
रामगोपाल की पत्नी रोली ने सुनवाई के बाद कहा, "हम अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं। हमारे पति को गोली मारने वाले को फांसी हो गई। आत्मा को शांति मिली है। योगी जी ने हमारी सभी मांग पूरी कर दी है। हम एक और योगी जी से मिलना चाहते हैं।"
इस मामले में 13 लोगों पर हत्या और हिंसा के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद अदालत ने 13 अभियुक्तों में से 10 को मॉब लिंचिंग समेत कई धाराओं में दोषी करार दिया था। तीन आरोपियों खुर्शीद, शकील और अफजल को बरी कर दिया है।