सरफराज को फांसी देने की बात पर मैं तो कहूँगा, यह अच्छी खबर है
। लेकिन सोचिए, ये 9 लोग जितने भारी सजा की सजा दी गई, उनकी जिंदगी कभी नहीं बदलेगी। उन्हें उम्रकैद की सजा देने से उन्हें पुनर्वास की संभावनाएँ नहीं होंगी, ना तो सुधार की संभावनाएँ, ना ही अपनी जिंदगी को फिर से बनाने की संभावनाएँ।
लेकिन दुर्गा पूजा की घटना में जो 10 लोग दर्जनास्त हुए थे, उन्हें सजा देने से हमें उम्मीद नहीं होती कि दूसरों को हिंसक व्यवहार करने की प्रवृत्ति बदलेगी। शायद यही वजह है कि ऐसी घटनाएँ ही बनती रहती हैं।
लेकिन दुर्गा पूजा की घटना में जो 10 लोग दर्जनास्त हुए थे, उन्हें सजा देने से हमें उम्मीद नहीं होती कि दूसरों को हिंसक व्यवहार करने की प्रवृत्ति बदलेगी। शायद यही वजह है कि ऐसी घटनाएँ ही बनती रहती हैं।