छात्रा का अश्लील वीडियो...आरोपियों के घर चला बुलडोजर: कल भी मंदसौर का शामगढ़ बंद, पुलिस को 12 बजे तक का अल्टीमेटम - Garoth News

शनिवार शाम जब मंदसौर जिले का शामगढ़ में हिंदू समाज, पोरवाल और अन्य संगठनों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया, तो शहर में तनाव बढ़ गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने दोनों आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला दिया।

शाम 6 बजे जब विरोधकारी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए, तो जिला प्रशासन ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भेज दिया। पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तैयार है।

पुलिस ने शनिवार सुबह रेहान के घर का आगे का 7 फीट हिस्सा तोड़ दिया। इसके बाद बाबू के घर पर भी बुलडोजर की कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन विरोधकारियों ने दोनों आरोपियों को जुलूस निकालने की मांग की। बजरंग दल और अन्य संगठनों ने पुलिस से कहा, 'यदि 12 बजे तक आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए तो फिर से विरोध होगा'.

शनिवार शाम जब शहर में विरोध प्रदर्शन होता रहा, तभी विधायक हरदीप सिंह डंग धरने पर पहुंचे। लोगों ने उनका विरोध किया। पुलिस ने शहर में बड़ी संख्या में बल तैनात कर दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने शाम 6 बजे तक बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। उनकी बोलियां और प्रदर्शन के कारण शहर में तनाव बढ़ गया।

शनिवार सुबह जब विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, तभी जिला प्रशासन ने दोनों आरोपियों के घर पर बुलडोजर चला दिया। इसके बाद लोग धरने पर बैठ गए।

आरोपी रेहान पीड़िता का पुराना दोस्त था। 6 नवंबर को नाबालिग के घर पर जब कोई नहीं था, तो रेहान चाकू लेकर उसके घर में घुस गया। उसने धमकाते हुए पुराने फोटो वायरल करने की धमकी दी। चाकू दिखाकर पीड़िता का अश्लील वीडियो बनाया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

आरोपियों ने नाबालिग से 2 लाख रुपए वसूल भी लिए थे। जब बचे हुए तीन लाख रुपए नहीं मिले तो उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने पर गुरुवार रात को लोग भड़क गए। शुक्रवार को लोगों ने चक्काजाम और थाने का घेराव कर दिया।
 
बस एक बात तो साफ है कि पुलिस की हस्तक्षेप के बिना तो ये विरोधकारी कभी रुकते नहीं... लेकिन तो फिर भी देखिए, जैसे ही पुलिस ने कदम उठाया, तनाव कम होने लगा। और जब विधायक धरने पर पहुंचे, तो वह साबित कर गए कि शांतिपूर्ण विरोध एकमात्र विकल्प है।
 
आज मुझे यह सवाल आता है कि क्या हमें अपनी संस्कृति और समाज में फंसने वाली युवाओं को समझने की जरूरत नहीं है? रेहान और बाबू जैसे दोनों ने एक चीज़ गलत की, लेकिन उनका पीछे क्या कारण था? क्या हमें उन्हें सिर्फ तालबंद कर देना चाहिए या हमें उनकी समस्याओं को समझने और समाधान खोजने की जरूरत है?
 
मैं तो अब तक इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है कि वास्तव में क्या हुआ था, लेकिन अगर यह सच है कि आरोपियों ने एक बच्ची से धमकी और अश्लील वीडियो बनाने की, तो यह बहुत ही गंभीर मामला है। मैं समझता हूं कि आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इतनी बड़ी सजा देना नहीं चाहिए।

मुझे लगता है कि पुलिस को और अधिक सतर्क रहना चाहिए ताकि ऐसे और भी गंभीर अपराधों को रोका जा सके। लेकिन मैं यह भी कहता हूं कि शहर के निवासियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

बड़ी संख्या में विरोध कराने से कुछ नहीं होता, बल्कि इससे और अधिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मुझे लगता है कि एक समाधान ढूंढने की जरूरत है, जिससे आरोपियों को सजा मिले, लेकिन समाज को भी सुरक्षित रखा जाए।

कोई भी ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहिए जिससे दूसरों पर दोष हो।
 
मुझे लगता है कि इस मामले में जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाने से पहले विरोधकारी से भी बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने बहुत परेशान किया और उनके घरों को तोड़ दिया। अब फिर वहां तनाव बढ़ गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुझे लगता है कि इससे समाधान नहीं आ सकता।
 
आज मंदसौर जिले में बहुत बड़ा विवाद हो रहा है 🤔
शामगढ़ में पोरवाल और अन्य संगठनों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उनकी धमकी पर गंभीरता नहीं दिखाई है।

मुझे लगता है कि पुलिस को यह समझना चाहिए कि अगर आरोपियों को जल्दी से गिरफ्तार किया जाए तो विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों की भावनाओं को समझा जा सकता है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला दिया, लेकिन इसका सीधा फायदा विरोधकारियों को नहीं हुआ।

मुझे लगता है कि पुलिस और सरकार को एक साथ मिलकर इस मामले को हल करना चाहिए, ताकि लोगों की राय में शांति बनी रहे।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से लोगों की भावनाएं टूट गईं। लेकिन अगर हम एक-दूसरे की बात सुनें और समझें, तो शायद इस तरह के मामले होने नहीं होते।

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ये तो पुलिस की मुश्किल है! पहले तो विरोधकारी बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए, फिर जिला प्रशासन ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन अब पुलिस बल का यह दिखावा नहीं चल रहा। ये तो विरोधकारियों को शक्ति देता है! और ख़बरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती जा रही हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पुलिस ने सब कुछ सही किया है।
 
मैं समझ नहीं पाया कि पुलिस ने पहले से ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तो फिर भी विरोधकारियों ने जुलूस निकालने की मांग की। यह अच्छा नहीं लग रहा है। पुलिस को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लेना चाहिए और विरोधकारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भी ध्यान में रखना चाहिए।
 
क्या बिल्कुल समझ में नहीं आया कि जेल में तो खुशी होती है... 🤷‍♂️ इन लोगों ने भांगवाले पुरुष का फोटो वायरल करने का क्या मकसद था? और 2 लाख रुपये वसूलने के लिए क्या हिम्मत थी? अब तो शहर में तनाव बढ़ गया, और पुलिस ने बुलडोजर चलाया... तो मुझे लगता है कि शायद स्थानीय जांच एजेंसियों को अभी भी दिमाग करने की जरूरत है।
 
क्या ये हिंदू समाज में जबरन संबंध बनाने वालों की गिरफ्तारी पर पुलिस को धैर्य नहीं है? शाम 6 बजे तक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने से पहले जिलाधिकारी तैयार नहीं थे। तो आज भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज उठाई।

जैसे ही आरोपी रेहान का घर तोड़ दिया, पुलिस बल मौजूद हुए, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। यहाँ पर स्थिति बहुत भयानक है। 🚨😱

क्या हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा और पीड़िताओं को न्याय दिलाने में मदद करने के लिए पुलिस को और अधिक तैयार रहना चाहिए? 🤝💪

आज रात मैंने देखा कि विधायक हरदीप सिंह डंग धरने पर पहुंचे। लोगों ने उनका विरोध किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर करने की कोशिश की। यहाँ पर मेरा सवाल है कि हमारे पुलिस अधिकारियों को अपने काम में सावधानी बरतनी चाहिए। #JusticeForVictim #LawAndOrder #PoliceAccountability
 
अरे, यह तो बहुत ही गंभीर मामला है, जिसमें एक नाबालिग की सुरक्षा पर सवाल उठ रहा है। पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों की भावनाओं को समझना और उनकी मदद करना सबसे जरूरी बात है। शायद अगर प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही इस मामले में कोई कार्रवाई की थी, तो यह सब नहीं होता।
 
शायद पुलिस को पता ही नहीं कि वीडियो सोशल मीडिया पर जाकर कितना फैलता है 🤔। जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तब तक पूरा शहर भड़क गया। लोग तो उनकी गिरफ्तारी के लिए अपने घर से भागकर विरोध कर रहे थे। यह तो सोशल मीडिया पर ही फैलने वाली खबरों की वजह से नाबालिग की पीड़ा और भी ज्यादा बढ़ गई।

और देखिए, अब विधायक धरने पर पहुंच गए। यह तो किसानों के आंदोलन की तरह ही एक समाजिक आंदोलन है। लोग अपनी आवाज उठाकर सरकार से मांग कर रहे हैं। शायद प्रशासन को पता होगा कि अगर विरोध प्रदर्शन ना होता, तो आरोपियों को गिरफ्तार करना आसान होता।

लेकिन जब एक समाजिक आंदोलन होता है, तो पुलिस को सोच-समझकर काम करना पड़ता है। शायद प्रशासन ने अपनी रणनीति बदल देनी चाहिए। क्या पुलिस मिल कर इन लोगों को गिरफ्तार नहीं कर सकती? 🤷‍♂️
 
मैंने कहा है कि आरोपी रेहान पीड़िता का फ्रेंड था, लेकिन वास्तव में उसका क्या संबंध था? कुछ लोग कहते हैं कि वह दोस्त थे, जबकि अन्य कहते हैं कि वह जेलर थे। मुझे लगता है कि यह बात भी सटीक नहीं है। क्या हमें पता है कि वास्तविक संबंध कैसा था? शायद हमें अपने पूरे दृष्टिकोण पर सवाल उठाने चाहिए।
 
🚨अगर आरोपी को जल्द से जल्द सजा मिल जाए तो ही विरोधकारियों को शांति मिलेगी। लेकिन अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता तो विरोध और तनाव बढ़ सकता है। 🤕

मंदसौर जिले में हाल ही में एक बड़ा विवाद हुआ था, जहां आरोपी रेहान ने किसी नाबालिग लड़की से अश्लील वीडियो बनाया और उसका प्रसार किया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। 🙅‍♂️

पुलिस को आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करनी चाहिए और उन्हें न्याय दिलाना चाहिए। इससे विरोधकारियों को शांति मिलेगी और शहर में तनाव कम होगा। 🙏
 
मैंने देखा है कि जिले में कुछ चीजें बदल गई हैं। पुलिस अब भी वहीं बैठती है, लेकिन लोगों ने सोचा है कि विरोध करने के लिए और अधिक तरीके ढूंढने होंगे। मैं देख रहा हूँ कि प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए, तो भी पुलिस नहीं रुकी। यह एक ऐसा समय है जब लोग अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हो रहे हैं।
 
ये तो एक बहुत ही दुखद मामला है... रेहान और बाबू को उनके अपराधों के लिए सजा मिलनी चाहिए, नहीं तो फिर से यह तरह के अपराध होते रहेंगे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुझे लगता है कि यह पर्याप्त नहीं था। हमें इन दोनों को सजा दिलानी चाहिए, ताकि यह विरोध बंद हो जाए और शहर में शांति स्थापित हो सके।
 
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