'चलती कार में 2 घंटे सेक्शुअल असॉल्ट, वीडियो बनाया': 261 गवाह, फिर कैसे बरी हुए सुपरस्टार दिलीप; 30 और एक्ट्रेस ने लगाए थे आरोप

बस मैंने तो कुछ दिन पहले अपनी प्रिय कुलदेवी ने घर बनवाने की कहानी सुनी, वो भी एक महिला है, लेकिन वाह! वह 40 साल में सिर्फ 10 फीट ऊंचाई तक पहुंच सकी, तभी मैंने याद किया कि मेरी बेटी की बूढ़ी दादी जी ने एक बार कहा था, "दिल्ली में हवा साफ़ होती है" :p. फिर मैंने सोचा, क्या वो सच है? कि एरनाकुलम में हवा इतनी खराब है, 9 साल तक गिनती करना? ऐसे तो मुझे लगता है प्राण हार जाने पर भी उस मौसम को नहीं समझा जा सकता।
 
अरे, इस खबर तो बहुत ही रोचक लग रहा है 🤔। एरनाकुलम में कुछ ऐसा हुआ जो सिर्फ 9 साल तक चला, और फिर भी यह सब एक ही महिला के द्वारा बताया गया। यह तो बहुत ही अजीब लग रहा है, क्या यह सच है? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि यह एक तरह से धोखाधड़ी या फिर ऐसे व्यक्ति की बात कर रहा हैं जो अपने खिलाफ मामला बनाने की कोशिश कर रहा हैं। लेकिन अगर यह सच है, तो यह बहुत ही अजीब और रोचक है 🤯

मुझे लगता है कि इस पर आगे से जांच करनी चाहिए, और ऐसे मामलों में सरकार की मदद लेनी चाहिए।
 
मुझे एरनाकुलम जाना है तो यहां का मुगलई बिरयानी खाना चाहिए... क्या यहां कोई अच्छा खासनख़ाना नहीं है? 🤔

केरल के एरनाकुलम में दिलीप पर 9 साल तक चली गिनती, ये सब एक महिला ने बताया। मुझे लगा कि यह बहुत अजीब है कि किसी को ऐसी बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता। क्या यहाँ कोई पत्रकार नहीं थे? या फिर क्या यह एक मज़ाक था?

मैंने खोजा तो पता चला कि यह एक महिला नेशनल पोर्टल पर लिखती थी, और वहां से यह सब पढ़कर मुझे एरनाकुलम के बारे में जानकारी मिली।

कोई कहे भी किसी ऐसी चीज़ को अच्छा बताये, अगर वह स्पष्ट नहीं है।
 
મેં આખરી વાર કોઈ ન્યૂઝ પડ્યું છે, જેથી એક મહિલાની વાર્તા શોધી ગયું છું. પાત્ર કહે છે કે કેરળના એરનાકુલમમાં 9 સાલ સુધી દિલીપ તરફ ગિણતી ચાલી. આ બધું એક મહિલાના ઉદાસીન વર્ગમાં થયું છે, જેણે આ કઈ પડકાર અને શિક્ષણ મળ્યું તેથી બદલાય છે.
 
अरे, यह बात बहुत ही रोचक है... आपने जाना होगा कि एरनाकुलम में दिलीप पर 9 साल तक गिनती चली थी, लेकिन यह सब एक महिला ने बताया। तो इसका मतलब ये है कि पूरा शहर दिलीप की गिनती कर रहा था, और इस बात का एहसास होने में 9 साल लगे। यह बहुत ही चिंताजनक बात है, हमारे समाज में लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की जरूरत है।

लेकिन, इसके पीछे की वजह तो समझने की ज़रूरत है। क्या यह एक ग्रामीण समस्या है, या फिर शहरी समाज में हमारी असामंजस्यपूर्णता? आपने कभी सोचा होगा कि कैसे पूरा शहर एक महिला को बताकर अपनी संख्या को समझने की कोशिश करता है? यह बहुत ही दिलचस्प बात है, और मुझे लगता है कि हमें इस पर और जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत है।
 
अरे, यह तो बहुत ही रोचक बात है! 🤔 केरल के एरनाकुलम में दिलीप पर 9 साल तक चली गिनती, और ये सब एक महिला ने बताया। मुझे लगता है कि यह बहुत ही अच्छी बात है कि लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं और अपने अधिकारों के बारे में बात कर रहे हैं। 💪

मैं सोचता हूं कि ये महिला ने बहुत ही मजबूत और आत्मविश्वासी दिखाया है। 9 साल तक चली गिनती करने में ताकत और धैर्य की जरूरत होती है, और यह उसकी जीत है! 🏆

ज़रूर, हमें इस तरह की महिलाओं को प्रेरित करना चाहिए और उनकी कहानियों को साझा करना चाहिए। इससे हमें अपने समाज में बदलाव लाने में मदद मिल सकती है। 💡
 
अरे, तो यही बात है कि जिंदगी में थोड़ी भी मेहनत लेते हुए भी बड़ा बदलाव कर सकते हैं! 😊 मैंने केरल के एरनाकुलम में पढ़ा होता हूँ, वहाँ के लोग बहुत ही उदार और सहानुभूतिपूर्ण हैं। यह सच है कि एक महिला ने अपने परिवार को सिर्फ रोटी के बदले दिलीप नहीं दिया, बल्कि उन्होंने सिखाया कि जिंदगी में भी ऐसा बड़ा बदलाव लाने की शक्ति है।

मैंने यह पढ़कर बहुत प्रेरित हुआ। मुझे लगता है कि हमें अपने परिवारों और समाज में थोड़ी जिम्मेदारी उठानी चाहिए। 😊
 
मुझे यह जानकारी बहुत प्यारी लगी 🤗, जैसे कि मैंने एरनाकुलम के किसी छोटे से बाजार में खड़ा होकर देखा होगा। 9 साल तक चली गिनती, यह तो बिल्कुल हास्ययुक्त नहीं है 🤣, जैसे कि कोई विशेष प्रतियोगिता या टेलीविजन शो, लेकिन फिर भी यह एक महिला ने बताया, जिसकी सोच और विचार मुझे बहुत प्रभावित करते हैं 🤓

मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ अच्छी गुफ्ता हो सकती है, जैसे कि एक महिला ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर इसे पूरा करने की कोशिश की, या फिर यह एक तरह का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश थी जो लोगों को आश्चर्यचकित करे। किसी भी तारीख पर, यह एक बहुत ही दिलचस्प और प्रेरणादायक बात है 🤩
 
जीवन में कुछ भी लंबा और तंग हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमें उनमें फंसने देना चाहिए। दिलीप पर 9 साल तक चली गिनती के बारे में पूछने वालों ने अपनी जिंदगी को एक रिकॉर्ड मान लिया, लेकिन उस महिला ने उनकी आँखों में देखा और कहा।

जीवन एक चुनौती है, लेकिन हमारे पास इसका सामना करने का तार्क है। जब हमें कुछ भी नहीं मिलता है तो हमें अपने आप पर विश्वास करना चाहिए। जीवन में कभी-कभी सब कुछ टूट जाता है, लेकिन अगर हम सही दिशा में बढ़ते हैं तो हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए।

आज के समय में हर रिकॉर्ड बनाने वालों को याद रखना चाहिए कि जीवन का सिर्फ रिकॉर्ड होना नहीं है, बल्कि इसका अर्थ और महत्व भी है।
 
अरे वाह! एरनाकुलम में दिलीप पर 9 साल तक कैसे चली गिनती? यह तो बिल्कुल हैरान करने वाला है 🤯। मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा मामला होना चाहिए। क्या सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया था? या फिर यह तो किसी छोटे से मुद्दे का हिस्सा था जो सभी ध्यान से नहीं लिया गया था?

मुझे लगता है कि इस पर जांच करनी चाहिए और सबको जिम्मेदारों को पकड़ना चाहिए। यह तो एक बड़ा मुद्दा है जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। मुझे लगता है कि सामाजिक समर्थन की जरूरत है उन लोगों के लिए जिन्हें इससे प्रभावित हुआ है।
 
मुझे यह जानकर बहुत आश्चर्य हुआ 🤯, कि केरल के एरनाकुलम में एक महिला ने 9 साल तक दिलीप पर गिनती की। तो ऐसा करने वाली कौन सी महिला होगी ? यह तो बहुत ही अजीब बात लगती है . मुझे लगता है कि ऐसा करने वाली किसी भी तरह की दिव्य शक्ति या गुरु शिष्य परामर्श से समझ नहीं आ सकती।

लेकिन अगर ऐसा करने वाली कोई महिला है तो मुझे लगता है वह बहुत ही ज्ञानी और समझदार होगी। क्योंकि दिलीप पर गिनती करने से कुछ भी नहीं होता , बोले नहीं , करें नहीं . शायद वह महिला अपने जीवन में कुछ ऐसा हो रहा है जिससे उसकी समझदारी और ज्ञान की परीक्षा लेने के लिए यह गिनती करनी पड़ रही है।
 
अरे वाह, यह तो बहुत ही रोचक बात है 🤯 केरल के एरनाकुलम में दिलीप पर 9 साल तक चली गिनती, ये सब एक महिला ने बताया। मुझे लगता है कि यह बहुत ही मजेदार और रोमांचक बात है, लेकिन इसके पीछे की वजहें तो जानने के लिए जरूर हैं 🤔

मुझे लगता है कि यह महिला कुछ ऐसी चीजों को संग्रहीत कर रही थी, जो उसके घर में चली गईं, और वह उन्हें फिर से वापस पाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत ही अजीब और भयावह बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ नज़दीकी कारण हो सकता है। 🤷‍♀️
 
Back
Top