दुबई एयरशो में अचानक क्यों गिर गया तेजस जेट: पायलट की गलती या मैकेनिकल फेल्योर; भारत के लिए ये कितना बड़ा झटका है

दुबई एयरशो में अचानक तेजस जेट क्रैश होने के पीछे कई सवाल छोड़ गए। एक ओर पायलट की गलती या दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, दूसरी ओर तकनीकी कमियां या स्ट्रक्चरल फेलियर भी। इस हादसे ने भारतीय वायुसेना पर बहुत बड़ा प्रभाव डाला है।

दुबई एयरशो में तेजस जेट क्रैश होना कई सवाल छोड़ गया। पहले तो देखते हैं कि विमान अचानक संतुलन खो देता है और जमीन से टकराता है। क्रैश के बाद पहले पोस्ट में कुछ शुरुआती विजुअल्स दिखाई देते हैं, जिसमें तेजस के क्रैश होने की वजह ठीक नहीं पती है।

अनंत सेठी, एक हवा योग्य लेकिन भारतीय वायुसेना में काम करने वाले एक एयरोस्पेस एक्सपर्ट, कहते हैं कि एयरशो के दौरान इस तरह के हादसे होना बड़ी बात नहीं है। ऐसे शो के दौरान पायलट को विमान की सारी क्षमताएं दिखानी होती हैं। जैसे एयरबस A-320 आज के दौर के सबसे अच्छे यात्री विमानों में से एक माना जाता है, लेकिन फ्रांस में एयरशो के दौरान इस क्रैश हुआ।

एविएशन एक्सपर्ट अनंत सेठी कहते हैं कि अगर पायलट की गलती से कोई विमान एयरशो में क्रैश हो गया, तो इसका मतलब यह नहीं है कि विमान में ही कोई कमी थी। जैसे जब अर्जेंटीना, इजिप्ट, बोत्सवाना, मलेशिया, फिलीपींस और नाइजीरिया ने तेजस खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी, भारत इसे कई देशों को बेचना चाहता है।
 
क्रैश के बाद ऐसी विजुअल्स दिखाई देने की तारीफ करनी मुश्किल है 🤔, लेकिन यह सोचा जाए कि पायलट और टीम ने समय पर मदद की। इसके अलावा, तेजस जेट खरीदने वाले कई देशों ने भारतीय वायुसेना पर भरोसा किया है 🙏, इसलिए इससे पहले की कोई कमी मान लें, हमें यह समझना चाहिए कि विमान को तैयार करने और चलाने की पूरी जिम्मेदारी एक टीम पर होती है।
 
मैंने दुबई एयरशो में तेजस जेट क्रैश होने से पहले और उसके बाद की सबकuch गंभीरता से देखा है... मुझे लगता है कि इस तरह के हादसों से हमें खुद पर ध्यान देने की जरूरत है। क्या हमने एयरशो के दौरान विमान की सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण नहीं समझा? और क्या हमने विमान बनाने की प्रक्रिया में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती। मैं अनंत सेठी जी की बात से सहमत हूँ, अगर पायलट की गलती थी, तो इसका मतलब यह नहीं है कि विमान में कमी थी।
 
मेरा यह विचार है कि एयरशो में क्रैश होने के बाद पोस्ट में दिखाए गए विजुअल्स बहुत रोचक हैं 🤯। लेकिन मुझे लगता है कि इन्हें और अच्छी तरह से विस्तार से देखना चाहिए, तो हमें पता चल सके कि क्या पायलट की गलती थी या फिर तकनीकी कमी।

मेरा यह ध्यान है कि एयरशो में पायलट को विमान की सारी क्षमताएं दिखानी होती हैं, लेकिन इस बात पर खास ध्यान देना चाहिए कि कोई भी ऐसा क्रैश होने की वजह से नहीं हो सकता। और अगर विमान में ही कमी थी, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हमने इसे खरीदने के बाद से ही गलतियां कर रहे थे।

मेरा यह विचार है कि हमें एयरशो में ऐसे क्रैशों के बाद और अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए, तो हमें पता चल सके कि क्या तकनीकी कमियां या पायलट की गलती थी।
 
मैं तो बहुत उत्साहित हूँ जब दुबई एयरशो का वीडियो देखता हूँ, लेकिन आज की दुर्घटना में मुझे लगता है कि हवाई पायलट की अनुभव और अभ्यास से यह बात नहीं पती कि वह विमान कितनी तेजी से चल रहा था।

क्या हमारी वायुसेना को यूरोपीय देशों में एयरशो में भाग लेने के लिए अपने पायलटों को अधिक प्रशिक्षित करने की जरूरत है?
 
मेरे लिए यह बहुत बड़ा झटका है! 🤕 दुबई एयरशो में तेजस जेट क्रैश होना कोई अच्छी बात नहीं है, यह हमारे प्रतिष्ठा और वायुसेना की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। मुझे लगता है कि पायलट की गलती या तकनीकी कमियां दोनों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, लेकिन अंत में यह तेजस जेट की सुरक्षा में कमी थी। 🚨

क्या हम वास्तव में इसे एक तकनीकी समस्या या पायलट की गलती के रूप में देखते हैं? मुझे लगता है कि हमें अपनी वायुसेना और एयरोस्पेस उद्योग को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। हमारी वायुसेना की सुरक्षा और प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए हमें अपने जेट्स को बेहतर बनाने और उनकी सुरक्षा में सुधार करने पर ध्यान देना चाहिए। 💻
 
मैंने देखा कि एयरशो में विमान क्रैश होने से पहले क्या दिखाई देता है, तो मुझे लगता है की यह बहुत जरूरी है की विस्फोट के कारण की जांच की जाए। लेकिन, एयरशो के बाद के पोस्ट्स में जब भी सार्वजनिक तौर पर कोई जवाब दिया जाता है, तो सभी चीजों को बहुत जल्दी छुपाने की कोशिश की जाती है | 😕
 
अगर हम ईमानदारी से इस मामले पर विचार करें, तो यह सवाल उठता है कि क्या तकनीकी कमियों या स्ट्रक्चरल फेलियर ने विमान को इस तरह स्थिति में लाया था। और अगर पायलट की गलती थी, तो क्या यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी जो तकनीकी कमियों से छिपी हुई थी।
 
तेजस जेट क्रैश की वजह से लगता है कि ये एक बड़ा सवाल है... क्या पायलट की गलती थी, या फिर यह तकनीकी कमी थी? मेरे दोस्त को यह एयरशो देखने जा रहे थे और अब उन्हें नहीं लग रहा। शायद अगर उनका विमान अच्छी तरह से ज्यादा उड़ा होता, तो वे इस पूरे माहौल से निकल जाते।
 
मेरे दोस्त 🤔, यह तेजस जेट क्रैश होना बहुत बड़ा सवाल उठाता है... अगर तकनीकी कमियां या स्ट्रक्चरल फेलियर का उल्लेख नहीं होता, तो क्या हमें विमान के पायलट की गलती पर भरोसा करना चाहिए? 🚀 भारतीय वायुसेना ने इस जेट को कई देशों को बेचने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन अगर यह इतनी सावधानी से बनाया गया नहीं होता, तो हमारे पास ज्यादा विकल्प नहीं रहते। 🤷‍♂️
 
आज सुनकर अच्छा लगा कि जैसे एयरबस A-320 की तरह तेजस जेट को भी बहुत बड़ा माना जाता है और इसे खरीदने के लिए दिलचस्पी है। लेकिन जब इसका एयरशो हुआ तो अचानक से यह दुर्भाग्यपूर्ण हुआ।

मुझे लगता है कि जैसे विमान खरीदते समय हर सवाल का जवाब मिलता है, इसी तरह एयरशो के दौरान भी पायलट की ताकत को देखने के लिए जरूरी है। अगर एक ही जगह इतना बड़ा हादसा हुआ, तो यह साफ नहीं कहा जा सकता कि पायलट की गलती या विमान में कमी।

मुझे लगता है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमें एक बार फिर से एयरस्पेस पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें पता लगाना चाहिए कि किसी भी विमान में क्या कमियां हैं और इसी तरह से एयरशो के समय भी।

कुछ लोग कहते हैं कि जैसे एक अच्छा गाड़ी खरीदने से पहले उसकी जांच की जाती है, हमें विमान खरीदते समय भी ऐसी जांच करनी चाहिए। लेकिन अगर हमारे पास यह जानकारी नहीं है तो हमें यह बेहतर बनाने के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए।

किसी भी तरह से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमें एक बार फिर से एयरस्पेस पर ध्यान देने की जरूरत है। और अगर हम इसी तरह से आगे बढ़ते हैं तो विमानों में ज्यादा सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाले विमान हमारे हवाई यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगे।
 
बड़ा हादसा, यह तो बहुत बड़ा सवाल छोड़ गया। क्या पायलट की गलती थी, या फिर कुछ और? 🤔 मैं सोचता हूँ कि अगर भारतीय वायुसेना ने ऐसे विमान खरीदने में दिलचस्पी ली थी, तो उन्हें जरूरी बातों पर ध्यान रखना चाहिए। जैसे जब अर्जेंटीना, इजिप्ट, बोत्सवाना, मलेशिया, फिलीपींस और नाइजीरिया ने भारत को तेजस खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी, तो उन्हें जरूरी जानकारी होनी चाहिए।
 
क्रैश होने वाली तेजस जेट की तस्वीरें देखकर लगता है कि उसका सामना करने वाले पायलट का भी मुस्कुराने को मौका नहीं मिला। 🤣
 
क्रैश की गंभीरता जाहिर है 🤕, लेकिन सवाल यह है कि क्या इसके पीछे हमारी वायुसेना या तेजस जेट की डिज़ाइन में कोई कमियाँ थीं? 🤔 मेरे दोस्त, तकनीकी कमियां से बेहतर सवाल यह है कि हमने अपने विमानों को इतनी अच्छी तरह से बनाया है या नहीं।
 
मुझे यह घटना बहुत परेशान कर रही है 🤕। जैसा कि अनंत सेठी ने कहा, एयरशो के दौरान ऐसे हादसे होना बड़ी बात नहीं है, लेकिन फिर भी यह हमारे लिए बहुत खतरनाक है। इसके पीछे कई सवाल हैं और हमें पता लगाने में समय लगेगा।

मुझे लगता है कि हमें विमान की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन फिर भी हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पायलट की गलती या तकनीकी कमियां भी इसके पीछे कोई भूमिका निभा सकती हैं। और अगर विमान में कोई कमी थी, तो हमें इस पर रिपोर्ट करनी चाहिए।
 
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