दुबई से हैदराबाद आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में पीड़िता ने आरोपी यात्री के अभद्र व्यवहार का शिकायत करने के बाद, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में वह गिरफ्तार कर लिया गया. यह घटना हवाई यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे पर एक बार फिर से उजागर हुई.
शुक्रवार रात, एअर इंडिया की फ्लाइट AI-952 में यात्री ने महिला केबिन क्रू सदस्य के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद उसे तुरंत इस घटना की शिकायत करने को कहा. पीड़िता कर्मचारी ने इसकी सूचना फ्लाइट के कप्तान और एयरलाइन के सुरक्षा अधिकारियों को दी, जिसके बाद हवाई यात्रा के दौरान अपराध की सूचना तुरंत गंतव्य हवाई अड्डे की सुरक्षा और पुलिस को दी गई.
हैदराबाद पहुंचते हुए, RGIA पुलिस को यह सूचना दी गई थी, जिसके बाद आरोपी को विमान से उतारकर हिरासत में ले लिया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (यौन उत्पीड़न) और 351 (मारपीट) के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपी की पहचान केरल के रहने वाले यात्री के रूप में हुई है, जिसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
एअर इंडिया के प्रवक्त ने बताया कि एयरलाइन का अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी है. किसी भी तरह की अभद्रता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह घटना हवाई यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर करती है और एयरलाइनों और सुरक्षा एजेंसियों पर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का दबाव बढ़ाती है.
शुक्रवार रात, एअर इंडिया की फ्लाइट AI-952 में यात्री ने महिला केबिन क्रू सदस्य के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद उसे तुरंत इस घटना की शिकायत करने को कहा. पीड़िता कर्मचारी ने इसकी सूचना फ्लाइट के कप्तान और एयरलाइन के सुरक्षा अधिकारियों को दी, जिसके बाद हवाई यात्रा के दौरान अपराध की सूचना तुरंत गंतव्य हवाई अड्डे की सुरक्षा और पुलिस को दी गई.
हैदराबाद पहुंचते हुए, RGIA पुलिस को यह सूचना दी गई थी, जिसके बाद आरोपी को विमान से उतारकर हिरासत में ले लिया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (यौन उत्पीड़न) और 351 (मारपीट) के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपी की पहचान केरल के रहने वाले यात्री के रूप में हुई है, जिसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
एअर इंडिया के प्रवक्त ने बताया कि एयरलाइन का अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी है. किसी भी तरह की अभद्रता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह घटना हवाई यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर करती है और एयरलाइनों और सुरक्षा एजेंसियों पर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का दबाव बढ़ाती है.