अगर 10 नवंबर को दिल्ली में हुए ब्लास्ट को अंजाम देने वाले डॉ. उमर ने उसे पहले दिल्ली से श्रीनगर तक नहीं लाया था, तो शायद हमले को रोका जा सकता। इससे पहले उमर फरार हुआ था, जिसके बाद यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस ने उसकी फोटो और विस्फोटक से जुड़ी डिटेल्स साझा नहीं की, न ही वह दिल्ली में एक्टिव था, न ही उसने पहले यहां पर कुछ भी ऐसा किया था।