दिल्ली ब्लास्ट-हर आतंकी डॉक्टर के पास थी घोस्ट सिम: फिजिकल SIM के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाए; खुलासे के बाद ही लागू हुआ एक्टिव सिम का नियम

दिल्ली ब्लास्ट में घोस्ट सिम का हाथ, डॉक्टरों ने फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाए। आतंकवादियों ने यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया।

नई दिल्ली, 16 नवंबर। दिल्ली ब्लास्ट में घोस्ट सिम का हाथ, डॉक्टरों ने फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाए। आतंकवादियों ने यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया।

दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से जुड़े व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल के आतंकी डॉक्टरों ने घोस्ट सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। इसके जरिए वे पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ कोऑर्डिनेट करते थे।

आतंकवादी डॉक्टरों ने फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाए। यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया। पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ कोऑर्डिनेट करते थे।

घोस्ट सिम ऐसी मोबाइल सिम या सिम आईडी को कहा जाता है, जो किसी असली व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर नहीं होती। बल्कि फर्जी/चोरी किए गए दस्तावेजों से एक्टिव कराई जाती है। कई मामलों में यह eSIM या क्लोन की गई सिम भी हो सकती है, जिसका इस्तेमाल असली यूजर की जानकारी के बिना किया जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि इन सेकेंडरी डिवाइस के सिम कार्ड ऐसे आम नागरिकों के नाम पर जारी किए गए थे जिनके आधार डिटेल्स का गलत इस्तेमाल किया गया था। जम्मू और कश्मीर पुलिस ने एक अलग रैकेट का भी पर्दाफाश किया, जहां फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके सिम जारी किए गए थे।
 
यह तो बहुत दुखद है कि आतंकवादी डॉक्टरों ने यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया। यह सुनकर लगता है कि हमारी देशभर में पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ कोऑर्डिनेट करने वाले लोग कितने आम हैं?

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यूट्यूब पर ज्यादातर प्लेसमेंट की जानकारी लेने के लिए किसी से मदद लेना ही बेकार है, और आतंकवादी कैसे इस्तेमाल कर रहे थे।

लेकिन फिर भी, यह तो बहुत दुखद है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ कोऑर्डिनेट करते समय डॉक्टरों ने घोस्ट सिम कार्ड का इस्तेमाल किया।

यह तो हमें एक बात सोचने पर मजबूर कर रहा है कि हमारी देशभर में पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ कैसे जुड़ते हैं, और फिर उनसे कैसे कोऑर्डिनेट करते हैं।

हमें यह भी सोचना चाहिए कि आतंकवाद के खिलाफ हमारे नेताओं क्या कर रहे हैं?

क्या हमें अपने देश में पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ जुड़ते रहना चाहिए या नहीं?
 
मुझे लगता है कि यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना बहुत बड़ा मुद्दा है... मैंने बचपन में देखा था कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे बिना इंटरनेट के भी ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं। क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर हो गई है कि आतंकवादी इस तरह के शिक्षित कर सकते हैं?
 
आजकल यूट्यूब पर कुछ चीजें बहुत आसान हो गई हैं 🤯। आतंकवादी डॉक्टरों ने IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया। लेकिन यह तो साबित होता है कि यूट्यूब पर बहुत सारी गलत जानकारी फैल रही है। क्योंकि अगर ऐसी जानकारी नहीं थी, तो आतंकवादी डॉक्टरों ने IED बनाने का शिक्षित नहीं किया होता। और हमले का निर्देश नहीं दिया होता। 🤔

और घोस्ट सिम कार्ड का इस्तेमाल करने वाले डॉक्टरों को पकड़ लेने में भी बहुत समय लग रहा है। इससे साबित होता है कि पुलिस और निगरानी एजेंसियों को अभी भी घोस्ट सिम कार्ड को पहचानने में थोड़ा समय लग रहा है। लेकिन यह तो उनकी गलती नहीं है, बल्कि हमारी दुनिया की जटिलताओं की वजह से ही ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। 🤦
 
यह तो देखकर ही खेद होता कि आतंकवादी डॉक्टरों ने यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया। लेकिन यह बात सीखने को भी है। हमें यह समझना चाहिए कि खिलाफी करने वाले लोगों से निपटने के लिए हमारे पास अपनी-अपनी रणनीति बनानी पड़ रही है। हमें खुद को सुरक्षित रखने के लिए, अपने-अपने आसपास के लोगों की भलाई का ध्यान रखने के लिए, और साथ ही आतंकवाद जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा।
 
ऐसा लगता है कि आतंकवादी डॉक्टरों ने बहुत ही स्मार्ट तरीके से हमले का मंच बनाया है 🤔। फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाने और यूट्यूब पर IED बनाने की जानकारी लेने की गुणवत्ता वास्तव में चिंताजनक है।
 
🤦‍♂️ मैंने कभी नहीं सोचा था कि घोस्ट सिम का इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा होगा। यह तो एक नए आयाम का आतंकवाद है। और फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाने की बात? यह तो एक नए प्रकार की तकनीक का उपयोग करने वालों का रोल प्ले है। लेकिन लगता है कि उनकी तकनीकें अच्छी नहीं थीं, न कि आतंकवादी होने के। 🤔
 
ऐसा लगता है कि डिजिटल दुनिया में हमने बहुत बड़ा भूलकर चला गया। घोस्ट सिम और फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाना? यह तो एक बड़ा न्याय है वाह! 🤦‍♂️

और यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना? यह तो आतंकवादी की दुनिया में सबसे बड़ी चोरी है। हमें अपनी दुनिया से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है, बस अपनी दुनिया को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

मोबाइल सिमों के बारे में भी तो लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। घोस्ट सिम और eSIM की बात करते समय तो हमने अपना देश भूल गए। हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए खेलने वालों को कड़ी मेहनत करने की जरूरत है, न कि उनकी गड़बड़ियों को सहन करना। 😡
 
बोलो ये तो बहुत ही गंभीर मामला है! कैसे आतंकवादी डॉक्टर घोस्ट सिम का इस्तेमाल कर रहे थे, यह तो बहुत ही चिंताजनक है। और यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना, यह तो पूरी तरह से खतरनाक है! हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करना होगा। 🚫💥
 
यह तो बहुत ही खतरनाक बात है 🚨, आतंकवादी डॉक्टरों ने यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया। यह सुनकर मुझे बहुत चिंता होती है, हमें अपने खिलाफ ऐसे खतरनाक तरीकों से नहीं लड़ना चाहिए। लेकिन इसके बाद भी, सरकार और पुलिस ने अच्छा काम किया, जांच में कई आतंकवादियों को पकड़ लिया।
 
मुझे पता है कि दिल्ली ब्लास्ट में आतंकवादी ने घोस्ट सिम का इस्तेमाल किया था, लेकिन यह तो सुनकर अच्छा नहीं लग रहा। 😒 यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना और हमले का निर्देश देना कितना ही खतरनाक है। आतंकवादियों के पास इतनी जानकारी होनी चाहिए, लेकिन फिर भी सरकार पर कुछ सवाल उठते हैं।

और मैं सोचने लगता हूँ कि घोस्ट सिम कैसे बनाते हैं और कैसे आम नागरिकों के नाम पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह तो बहुत ही खतरनाक मामला है और हमें इस पर और भी गहराई से देखनी चाहिए। 🤔
 
मुझे लगता है कि यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना और हमले का निर्देश देना एक बहुत बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन फिर तो ये सारी चीजें ऑनलाइन उपलब्ध हैं? क्या हमें अपने बच्चों को ऐसी चीजों से दूर रखने की जरूरत नहीं है? और फिर, अगर आतंकवादियों ने IED बनाने का शिक्षित करना सीख लिया, तो ये सारी चीजें ऑनलाइन उपलब्ध होने के बाद हमें उनसे लड़ने की जरूरत नहीं? मुझे लगता है कि हमें ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए और भी सोच-विचार करने की जरूरत है। 🤔💭
 
ज़रूर है, यह तो बहुत बड़ा मामला है और पुलिस ने अच्छा कर्कश किया है 🤯। लेकिन हमें पता होना चाहिए कि आतंकवादी डॉक्टरों ने इतनी जटिल तकनीक का इस्तेमाल करके हमला क्यों कर दिया? पाकिस्तान से जुड़े सभी मामलों पर गहरा नज़रिया रखने की जरूरत है और हमें यह भी पता लगाने की जरूरत कि इन मैसेजिंग ऐप्स को कैसे फिजिकल सिम के बिना चलाया जाता है। और यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना तो बहुत बड़ा खतरा है... कुछ नियमों की जरूरत है, लेकिन यह मामला इतना जटिल है कि हमें इसके पीछे की सोच समझनी होगी।
 
आज की तकनीक में तो ऐसे नए खेल खेलने को निकल आये हैं! 🤯 घोस्ट सिम का इस्तेमाल आतंकवादियों ने कैसे किया, यह जानने में मुझे थोड़ा समय लगा। लेकिन यह सच है कि यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना और हमले का निर्देश देना आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का एक नए स्तर का तरीका है। 🚨

क्या हमें इस तरह की तकनीक को समझकर नहीं रोका जा सकता? इसके लिए हमें सोशल मीडिया और इंटरनेट पर सावधानी बरतनी चाहिए। और सरकार को भी अपनी तरीकों में बदलाव लाना होगा। 🤝

किसी और जानकारी के लिए - https://www.ndtv.com/india-news/delhi-blast-ghost-sim-used-by-terrorists-2044512
 
यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना तो बहुत ही खतरनाक बात है 🚨। मुझे लगता है कि हमें ऑनलाइन सुरक्षा और जागरूकता बढ़ानी चाहिए। पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ कोऑर्डिनेट करना और IED बनाने का शिक्षित करना आतंकवाद की नई तरह की चुनौती है। हमें इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके ढूंढने चाहिए। 🤔
 
कुछ दिनों पहले मैंने सुना था कि कैसे यूट्यूब पर वीडियो देखकर IED बनाने का तरीका सीखा जाता है... 🤯 लेकिन लगता है कि अब यह ट्रेंड तो और भी खतरनाक हो गया है। मोबाइल फोन में IED बनाने की सोच कैसे आएगी, बिल्कुल निर्माण करने वाले को नहीं पता होता है... 🤔 घोस्ट सिम का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ काम कर रहे आतंकवादी डॉक्टर तो और भी खतरनाक हैं। उनकी रणनीति में कोई जवाब नहीं देने वाला टेक्नोलॉजी फील्ड शामिल होना चाहिए। 🚫
 
बस मानने योग्य बात है कि कैसे आतंकवादी डॉक्टरों ने फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाए और यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया। तो हमले का निर्देश दिया। यह बहुत खतरनाक है कि आतंकवादी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके अपने निशाने पर जाने का तरीका ढूंढ रहे हैं। लेकिन फिर भी हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारी सरकार और पुलिस को भी बहुत मुश्किल में पड़ गया है जैसे कि आतंकवादियों ने घोस्ट सिम कार्ड का इस्तेमाल किया।
 
ब्राह्मण तो दिल्ली में बम फोड़ रहे हैं! 🤣🚨 और डॉक्टरों ने यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित किया, हमले का निर्देश दिया। यह तो सिख चश्मे की तरह है - एक बार में फोड़ लेते हैं और फिर मर जाते हैं! 😂🔥
 
मैंने देखा कि यूट्यूब पर कैसे IED बनाने का शिक्षित हो रहा है यह बहुत खतरनाक है। मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की जानकारी देनी चाहिए ताकि वे ये खतरनाक सामग्री न देखें। और यह भी जरूरी है कि हमें अपने फोन की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए ताकि किसी भी तरह की समस्या न आए।
 
बात है आतंकवादियों को व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करके हमला करने की गद्दी, लेकिन तो यह भी सच है कि हमारे देश में इतने सारे सिविलियन हैं जो इन जानकारियों को इकट्ठा करते रहते हैं और आतंकवादियों को रोकने का तरीका ढूंढते रहते हैं। 🤔

और बात तो यह भी है कि यूट्यूब पर IED बनाने का शिक्षित करना भी एक अच्छा सबक है कि हमारे देश में इतने सारे लोग हैं जो आतंकवादी गतिविधियों के बारे में जानते हैं और उन्हें रोकने का प्रयास करते रहते हैं। 🙌

लेकिन फिर भी, हमें अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित रहना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए। 🚫
 
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