बात करती है उत्तर प्रदेश में जारी केसों की, तो तो 35 करोड़ केस लगते हैं बाकी सब ध्यान देने योग्य नहीं हैं, लेकिन कुछ ऐसा भी है जिससे सोचे तो मुझे संदेह आता है। सरकार ने तो कहा है लंबित मामलों को दूर करने पर संकल्प लिया है, लेकिन यह सवाल उठता है कि इन 63 लाख मामलों में सरकार की दखल क्यों नहीं थी, तो क्या ये सभी मामले सच्चे हैं? और सरकार को 90 हजार सुप्रीम कोर्ट और 25 हाई कोर्ट में इतने ज्यादा केस लंबित रखने का क्या कारण है? तो तो बिल्कुल ऐसा लगता है कि यह एक बड़ा खेल चल रहा है, जहां सरकार अपनी दखल निकालने का मौका ढूंढ रही है।