अरे, यह तो बहुत दुखद है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छात्रों ने ऐसी गलतियां की हैं। यहां तक कि मिर्जा शादाब बेग जैसे व्यक्ति भी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे। इसका मतलब है कि यूनिवर्सिटी ने अपनी शिक्षा को ऐसे तरीके से नहीं दिया था जिससे छात्र गलतियां न करें।
मुझे लगता है कि सरकार और एजेंसियों को इस पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। अल-फलाह यूनिवर्सिटी को अपनी सच्चाई बतानी चाहिए और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
यह भी सवाल उठता है कि यूनिवर्सिटी ने इतने समय से ऐसी गलतियां क्यों नहीं रोकी। इसका मतलब है कि उन्हें अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए बहुत बड़ी सजा देनी चाहिए।
मुझे लगता है कि सरकार और एजेंसियों को इस पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। अल-फलाह यूनिवर्सिटी को अपनी सच्चाई बतानी चाहिए और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
यह भी सवाल उठता है कि यूनिवर्सिटी ने इतने समय से ऐसी गलतियां क्यों नहीं रोकी। इसका मतलब है कि उन्हें अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए बहुत बड़ी सजा देनी चाहिए।