‘देश हरा हुआ तो क्या गलत?’ वारिस पठान के बयान पर भड़के मौलाना रशीदी, भगवा को लेकर दिया विवादित बयान

कांग्रेस पर पठान के बयान से तो हमें पता चलता है कि वे अपने नेताओं की मुसलमानों से दूरी बनाने के लिए कैसे जुटते हैं। यह तो उनकी राजनीतिक गाम्भीरता का प्रदर्शन है। लेकिन, हमें यह भी सवाल करना चाहिए कि क्या यह दूरी वास्तव में मुसलमानों के हित में है, या फिर कांग्रेस अपने नेताओं को धमकाने के लिए इस तरह से जुटाती है।
 
कांग्रेस पर मौलाना रशीदी ने गहरा प्रभाव तो लगाया है.. भाजपा से नाराज होने की बात मुसलमानों के लिए अब क्या जरूरी नहीं? देखो, मुसलमानों को अपने मतदान अधिकार हैं और वोट देने का हमें भी कोई अधिकार नहीं है.. इस्लाम खंडन की बात कर रही है कांग्रेस तो अब पूरी तरह से... मुसलमानों के मतदान पर दखल देने की जरूरत नहीं है, बस यह समझना है कि मतदान एक स्वतंत्र अधिकार है। और भाजपा को वोट देने की प्रक्रिया बताने की जरूरत तो क्यों? 🤝
 
मुसलमानों को अपने मतदान अधिकार मानना फाइल तो बना लें, लेकिन बाकी सब भी सही है। कांग्रेस ने खुद इस्लाम खंडन की पार्टी बन गई है तो फिर चिंतित होने की क्यों? और वारिस पठान के बयान से मुसलमान समुदाय में आक्रोश फैल रहा है, तो भाजपा भी अपने दावे पर खड़ी होनी चाहिए। लेकिन कुछ बातें सही नहीं हैं, जैसे कि भाजपा ने मुस्लिम वोटों को 10-12% से कहा, यह एक बड़ा झूठ है। और मौलाना रशीदी की बातें भी सही नहीं, क्योंकि उन्हें अपने मतदान अधिकारों पर बहुत ज्यादा भरोसा रखना चाहिए।
 
ਇਹ ਘਟਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰੋਲ ਵਜੋਂ ਦਿੱਖਦੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਨਾ ਸਿਆਸੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਨਾਮ 'ਤੇ ਗੁੱਸੇ ਹੋਣ ਲਈ ਉਤਸੁਕਤਾ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਮੌਜੂਦਾ ਸਥਿਤੀ ਵਿੱਚ ਅਲਿਗੇ ਬਲਾਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਫ਼ੈਸਲਾ ਲੈਣ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ।
 
मेरी बात ये है कि भले ही वारिस पठान ने कुछ ऐसा कहा हो लेकिन जो मौलाना रशीदी ने बताया तो सही से कहा है। हमें पता होना चाहिए कि भाजपा कैसे मुस्लिम समुदाय को वोट देने की प्रक्रिया बताती है और क्योंकि हमारे इस देश में मतदान एक स्वतंत्र अधिकार है। 🤔

मेरा सुझाव है कि अगर हमें लगता है कि किसी दल को वोट देने की अनुमति नहीं मिली है तो हम अपने मतदान अधिकार का इस्तेमाल करें। और अगर कोई दल निराश करता है तो हम उसे बदलने का फैसला करें। चुनावों में जीतने या हारने की बात भूलनी चाहिए। 🗳️

हमें सिर्फ यह समझना है कि हमारे इस देश में मतदान एक महत्वपूर्ण अधिकार है और हमें इसका इस्तेमाल अपने राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने के लिए करें। और अगर किसी दल को लगता है कि वह मुस्लिम समुदाय को वोट देने की प्रक्रिया बताता है तो उसका इस्तेमाल न करें। 🚫

मुझे लगता है कि हमें अपने मतदान अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने की कोशिश करनी चाहिए। 🗺️
 
Back
Top