देहरादून में ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन: इसरो के पूर्व अध्यक्ष बोले- खेती के लिए AI जरूरी, पूर्व सीएम कोश्यारी-तीरथ साथ दिखे - Dehradun News

देहरादून में ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हो रहा है, जहां इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान, पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी और तीरथ सिंह रावत एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, "आज के समय में AI की समझ जरूरी है। हमें सरकार के कामकाज, खेती और पढ़ाई में AI का उपयोग करने की आवश्यकता है। देश में AI मिशन चल रहा है और हमें इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है।"

तीन दिवसीय अधिवेशन में देशभर से करीब 1500 प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें समाज, शिक्षा, पर्यावरण, बांग्लादेशी घुसपैठ और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की जा रही है।

कमल नाथ सरकार के प्रमुख मंत्री 30 नवंबर को इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
 
इसरो के विशेषाधिकृत अध्यक्ष एस सोमनाथ जी ने ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन उद्घाटित किया है और यह बहुत रोचक है कि पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी और तीरथ सिंह रावत एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए। यह दिखाता है कि वे दोनों मिलकर कुछ अच्छा करने को तैयार हैं। #ABVP #ISRO #राष्ट्रीयअधिवेशन #नेताओंकीसाथी
 
मुझे पता नहीं था कि बंगाली घुसपैठ ऐसी मुश्किल है या नहीं 🤔। तो अब यह देखकर आश्चर्य हुआ कि इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने बात की। मुझे लगता है कि अगर हम AI का सही तरीके से उपयोग करें, तो खेती में भी अच्छाई आ सकती है। लेकिन मेरा सवाल यह है कि अगर छात्र संघ चुनाव में विश्वविद्यालयों में छात्र कौन फैसला लेगा, प्रशासक या छात्र? 🤷‍♂️
 
बात कर रही है इसरो और ABVP के बीच क्या दोस्ती हुई है? 😂 आंकड़े देखकर लगता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में भ्रष्टाचार की लालसा है। तीरथ सिंह रावत और भगत सिंह कोश्यारी को एक-दूसरे का हाथ पकड़े देखकर लगता है कि उनके बीच कुछ गलतफहमी हुई है।

लेकिन सच्चाई यह है कि भाजपा नेताओं को अक्सर विपक्षी दलों के साथ दोस्ती करने की जरूरत नहीं होती। उन्हें अपने पदों पर ईमानदारी और जिम्मेदारी को बरकरार रखना चाहिए। 🤔
 
ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन तो एक ऐसा कारनामा है जिसे देखकर सिर्फ हंसना चाहिए। कोई कहता है कि यहां पर देश की भविष्य नीतियों को तय किया जा रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो एक बड़ा खेल है। और जब एस सोमनाथ ने इसरो का उद्घाटन किया, तो मैं सोचा कि शायद वे भी किसी नई योजना पर काम कर रहे थे। बात है तीन दिवसीय अधिवेशन में, जिसमें 1500 प्रतिनिधि शामिल हैं। तो यह तो एक बड़ा बैनर है, लेकिन क्या वास्तव में कुछ होने की उम्मीद है? 🤔
 
यह तो बहुत बड़ा खुलासा है 🤫, राष्ट्रीय अधिवेशन में तीरथ सिंह रावत और भगत सिंह कोश्यारी एक-दूसरे का हाथ पकड़े... यह क्या मतलब है? कि वे दोनों किसी चुनौती का सामना नहीं कर रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि उनके बीच कुछ गुप्त समझौता हो सकता है। और इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने कहा... "हमें सरकार के कामकाज, खेती और पढ़ाई में AI का उपयोग करने की आवश्यकता है"... यह तो बहुत ही संदिग्ध लग रहा है। क्या वास्तव में उन्हें लगता है कि हमारे देश के लिए AI कितनी जरूरी है, या यह कोई सरकारी फ्रॉड है? 🤔
 
नहीं, तो यह देखकर मन में विचार आया कि क्या हमारे देश में अभी तक AI का वास्तविक उपयोग किया गया है? इसरो के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ ने कहा है कि सरकार, खेती और पढ़ाई में AI का उपयोग करने की जरूरत है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें पहले समझने की जरूरत है कि क्या हमारे पास सही साधन हैं जो हमें इसे सही तरीके से अपनाने में मदद करेंगे।
 
तो देहरादून में अब विद्यार्थी राष्ट्रवादी भागने आ रहे हैं 🤔। मुझे लगता है कि कुछ लोगों को विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की जानकारी नहीं है। ये तो सिर्फ राजनीतिक खेल है, हमें इसके बाद का परिणाम भी नहीं देखना चाहिए।

मैंने सोचा कि इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने सही कहा कि हमें सरकार के कामकाज, खेती और पढ़ाई में AI का उपयोग करने की जरूरत है। लेकिन यह तो सबकुछ एक साथ नहीं चलेगा, पहले हमें अपने देश के विकास को समझने की जरूरत है और फिर हम AI को सही तरीके से उपयोग कर सकते हैं। 🤓
 
बात तो होती है देहरादून में ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन। सोचता हूं, एक बार फिर से छात्र संघ चुनाव की चर्चा होगी, लेकिन इस बार तो कुछ अलग है। एस सोमनाथ जी ने कहा है कि हमें AI की समझ की जरूरत है, और मुझे लगता है कि ये बात सही है। देश में ऐसे कई मिशन चल रहे हैं जहां तक AI का उपयोग करना हो सकता है।

लेकिन, मुझे लगता है कि तीन दिवसीय अधिवेशन में भी कुछ ऐसा नहीं बदलेगा। हमारे देश में छात्र संघ चुनाव और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव एक जैसे ही रहेंगे। लेकिन, यह तो अच्छा है कि अब तो सरकार के प्रमुख मंत्री भी इस बात में शामिल होंगे। कमल नाथ सरकार के मंत्रियों की उपस्थिति से उम्मीदें बढ़ जाएंगी।
 
बड़े बोले! 🤔 ये तो देहरादून में ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ, और इससे पहले किसी ने भी इसे ध्यान में नहीं रखा, लेकिन अब यहां के पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी और तीरथ सिंह रावत एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं... अरे ये तो दिल को मोह लेगा! 🤝 यह सब इसलिए हो रहा है कि इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ ने AI की बात की है, और इसमें शामिल होने वाले 1500 प्रतिनिधि देशभर के लोग होंगे।
 
वाह, देहरादून में ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हुआ तो अच्छी बात! लेकिन सरकार के प्रमुख मंत्री 30 नवंबर को इसमें शामिल होने वाले हैं? यह तो भीड़ भरने के बजाय मौन्य राहेंगे।
 
बहुत दिलचस्प है कि अबतक तक आइएसआरओ का बिग वॉइस सोमनाथ आपने लोगों ने कभी नहीं सुना। वह वास्तव में बहुत ही रचनात्मक और नए विचारों को लेकर आया है। मैं तो देख रहा था उसका प्रोजेक्ट्स वीडियो जिसमें उसने बताया कि वह वास्तव में कैसे अपने बिग डेटा सिस्टम को सुरक्षित कर रहे हैं। बहुत ही रोचक!
 
बात देखो, ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन इतना बड़ा हुआ, लेकिन इसके बाद से पूरा देश ध्यान नहीं दे रहा है... यह तो देहरादून में घूमने-फिरने की बात है। लेकिन मुझे लगता है कि इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने सही बात कही, AI में हमारा भविष्य है, और अगर हम इसका उपयोग नहीं करते तो देश आगे नहीं बढ़ सकता।
 
😊 "नई दिशा के लिए हमेशा एक नई सोच की जरूरत है।" 🤔🌟

बोलते बोलते, इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने सच कहा है कि AI की समझ ज़रूरी है, और हमें सरकार के कामकाज, खेती और पढ़ाई में इसका उपयोग करने की जरूरत है। देश में AI मिशन चल रहा है, और यह आगे बढ़ने की जरूरत है ताकि हम अपने देश को बेहतर बना सकें। 🚀🌐

और पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी और तीरथ सिंह रावत एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नजर आ रहे थे, यह अच्छा देखा गया। भाई-बहनों का यह मिलन देश को मजबूत बनाने का काम करेगा। 🤝🌟
 
Wow 🤩, देहरादून में ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन तो बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। Interesting 💡, इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ ने AI की भूमिका पर जोर दिया है, यह तो हमारे भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। 🚀
 
बड़े देश में बड़ा आयोजन होने से पहले तैयारी करना जरूरी है। यह ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन है, जहां देश की सबसे बड़ी युवा संगठन के नेता इकट्ठे होंगे। इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ ने भी अपने विचार दिए, जिसे हमें सुनने में जरूरी है।

हमें उम्मीद है कि इस आयोजन से हमें नई तकनीकों और रणनीतियों पर बात करने का अवसर मिलेगा। AI की समझ बढ़ाने के लिए यह बहुत जरूरी है, खासकर जब सरकार, खेती, पढ़ाई और विश्वविद्यालयों में इसका उपयोग करने की आवश्यकता है। हमें देशभर में AI मिशन को आगे बढ़ाने की जरूरत है ताकि हम नई चुनौतियों का सामना कर सकें।

आजकल युवाओं के लिए बहुत सारे सवाल उठ रहे हैं, जैसे विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव, बांग्लादेशी घुसपैठ और हमारे देश के भविष्य की ओर बढ़ना। इन सभी मुद्दों पर चर्चा करना जरूरी है ताकि हम अपने देश को आगे बढ़ा सकें।
 
यह तो बहुत ही रोचक बात है कि देहरादून में ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हुआ और इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ ने इसका उद्घाटन किया। यह तो भी अच्छा है कि पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी और तीरथ सिंह रावत एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए। 😊

मुझे लगता है कि इसरो के पूर्व अध्यक्ष की बात सुनकर बहुत अच्छा लगा, AI की समझ करने की जरूरत है, सरकार, खेती, पढ़ाई में इसका उपयोग करना चाहिए। यह तो भारत के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। और यह तो भी अच्छा है कि देशभर से करीब 1500 प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें समाज, शिक्षा, पर्यावरण, बांग्लादेशी घुसपैठ और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की जा रही है। 🤔

कमल नाथ सरकार के प्रमुख मंत्री 30 नवंबर को इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह तो भी अच्छा है कि उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला। 🙏
 
Back
Top