ऑडियो को AI जनरेटेड बता सुरेश राठौर लापता: दुष्यंत गौतम के साथ 9 साल पुराना विवाद, पीठ की राजनीति से गरमाई उत्तराखंड की सियासत - Haridwar News

सुरेश राठौर द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े विवाद में एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। इस मामले में, उर्मिला सनावर ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर और पूर्व सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लगाया था, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी।

इस ऑडियो को AI जनरेटेड बताकर, उर्मिला सनावर ने सुरेश राठौर का नाम लगाया था, लेकिन इसकी किसी भी जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। खुद सुरेश राठौर ने दावा किया है कि ऑडियो AI जनरेटेड है।

हालांकि, इस मामले में, कई आरोप लगाए गए हैं। एक ओर, उर्मिला सनावर और उनकी पत्नी के बीच पुराने विवाद बताए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर, सुरेश राठौर ने अपने आप को रविदास आचार्य घोषित करने के बाद विवाद में उलझ गया।

इस पूरे मामले की जांच एजेंसियों का प्रयास होगा। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े इस नए घटनाक्रम पर अब सबकी नजर टिकी है।
 
ਮैं ਇਸ ਅਕਸਰ ਆਊਟ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਤੇ ਬੁਲੰਦ ਸਾਡੀ ਬਹੁਤ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪਰੋਸਦੇ ਫਿਰ।
 
🤔 यह बहुत ही दिलचस्प मामला है, लेकिन तो कुछ पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है... यानी, जांच एजेंसियों ने कोई भी जवाब नहीं दिया, तो कैसे आरोप लगाए गए? 🤷‍♂️ और इधर, उर्मिला सनावर की बात करते हुए, क्या उनकी पत्नी के बारे में कुछ सच भी है? जाने से पहले पूरा सबकुछ साफ़ नहीं होता... 🚨
 
मैंने सुना था कि अगर तुम्हें दुष्प्राप्त हो रहा है तो तुम्हें बस खुली हवा में गाना पड़ता है 🎵, लेकिन अगर तुम्हारे पास इंसान नहीं है जो तुझे गाने लगे, तो तुम AI की मदद कर सकते हो 😅। यहाँ तक कि सुरेश राठौर को भी AI जनरेटेड ऑडियो में सुनना पड़ रहा है, और अब पूरा मामला एक बड़ा मजाक बन गया है। 🤣
 
ऐसा लगता है कि इस मामले में फिर से चाल चल रही है तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सच्चाई पाने के लिए हमें खुद की जांच करनी होगी। AI जनरेटेड ऑडियो की बात करने पर, यह तो सिर्फ एक सवाल है कि क्या ऐसा तकनीकी रूप से संभव है? और अगर सच्चाई पाने की बात करें तो हमें जांच एजेंसियों की बात करनी चाहिए, न कि फिर से लोगों के द्वारा लगाए गए आरोप।
 
वाह, यह तो बहुत बड़ा मामला है 🤯। मुझे लगा कि उर्मिला सनावर ने कुछ गलत कहा है, लेकिन अभी तक पूरी जांच नहीं हुई है। सुरेश राठौर का दावा भी टिकने में कुछ समय लगेगा, लेकिन शायद सबको पता चल जाएगा। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े इस मामले को ठीक से समझने की जरूरत है, चाहे वह किसी भी पक्ष से जुड़ा हो।
 
बिल्कुल, यह तो एक बड़ा मामला है 🤔। लेकिन अगर ऐसा होने की बात सच है तो यह बहुत गंभीर है, और हमें अपनी आवाज उठानी होगी। पूर्व विधायक को Ravishankar Roy Ghosh से जोड़ने का सवाल अभी भी एक सवाल है, और इससे पहले कि हम Anything सोचें, यह तो साफ-सफाई करने की जरूरत है। मैं यह तो उम्मीद करता हूं कि चारागाह जांच एजेंसी ने पूरी जानकारी से मामले की जांच कर लेगी।
 
🙄 यह तो एक बड़ा मामला है ना, लेकिन कुछ बातें लगने लगती हैं। सबसे पहले, सुरेश राठौर द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े विवाद में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। यह तो एक बड़ा खतरा है कि इससे हमारी राजनीति और समाज में कुछ गलत बातें फैलने लगेंगी।

दूसरी बात, उर्मिला सनावर ने सुरेश राठौर का नाम लगाया था, लेकिन इसकी जांच एजेंसियों ने पुष्टि नहीं की है। यह तो एक बड़ा सवाल है कि कैसे हम ऐसे मामलों में हिस्सा लेते हैं और फिर कह देते हैं कि यह AI जनरेटेड हुआ। इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने आप को साफ कर देंगे।

अगर हमारी राजनीति में ऐसी बातें फैलने लगती हैं, तो इससे हमारे समाज और व्यक्तिगत स्तर पर भी कुछ गलत हो सकता है। इसलिए, यह मामले की जांच एजेंसियों की ज़रूरत है और हमें अपनी बात कहने से पहले सही सोच लेनी चाहिए।
 
मैंने सुना है कि उस ऑडियो में कौन से नाम लगाए गए हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि यह एक बड़ा प्लान हो सकता है। आपने देखा, उर्मिला सनावर ने अपनी पत्नी के बारे में कुछ कहा, और फिर उस ऑडियो में सुरेश राठौर का नाम लगाया। यह तो एक बड़ा चाल है, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो कोई प्लान ही है। जैसे कि उन्होंने सुरेश राठौर का नाम AI जनरेटेड बताकर रख दिया, और फिर उस ऑडियो में उसका नाम लगाया। लेकिन, मुझे लगता है कि यह एक बड़ा झूठ है।
 
मेरा खयाल है कि यह विवाद तो बहुत ज्यादा जटिल हो गया है, चाहे हमें पता न लग पाये की ऑडियो AI जनरेटेड था या नहीं। लेकिन मैं समझता हूँ कि जब तक इस बात पर कोई स्पष्टीकरण न मिले, तब तक यह विवाद फैलने की ओर बढ़ जाएगा।
 
अरे, ये तो बहुत बड़ा विवाद है 🤯। मैंने पढ़ा कि उर्मिला सनावर ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाई थी, लेकिन यह AI जनरेटेड था। तो फिर क्या हुआ? क्या हमें पूरी कहानी सुननी चाहिए, या बस जांच एजेंसियों को छोड़ देना चाहिए। मुझे लगता है कि इस मामले में बहुत सारे रहस्य हैं।
 
अरे वाह, यह तो एक और बड़ा मेल खाने का मौका है! 🤦‍♂️ सुरेश राठौर पर लगाए गए आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता, उनकी पूरी जिंदगी एक ही राह पर चलने की जैसे ही। और अब उर्मिला सनावर ने अपने आप को इतना बुद्धिमान बताया है कि उसने सुरेश राठौर का नाम लगाया था, लेकिन जांच एजेंसियों ने नहीं पुष्टि की तो क्या? 🙄 यह तो एक अच्छा मौका है कि हम सब अपने आप को भ्रष्टाचारी घोषित कर दें। और रविदास आचार्य घोस्त करने से कोई फर्क नहीं पड़ता, बस इतना ही कि वह खुद को बड़ा बताता है! 😂
 
अरे, ये तो बहुत बड़ा मामला है 🤔, कोई भी आरोप लगाने से पहले पूरी जांच करनी चाहिए। अगर उर्मिला सनावर ने सुरेश राठौर का नाम AI जनरेटेड बताकर लगाया है, तो क्या इसमें सच्चाई है? और सुरेश राठौर ने भी दावा किया है कि ऑडियो AI जनरेटेड है, तो इसके पीछे क्या तर्क हैं? 🔍

इस मामले में, हमें अपनी स्वतंत्रता और सम्मान को बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। राजनीति में कुछ भी नहीं होना चाहिए, जो लोगों को नुकसान पहुंचाता हो। हमें सभी पक्षों से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और सच्चाई की तलाश में चलना चाहिए। 💡
 
नहीं पता क्या बात है यह, तो मुझे लगता है कि लोग अभी भी अपने व्यक्तिगत समस्याओं से दूर नहीं हैं। उर्मिला सनावर ने फिर से पुरानी जिंदगी को फेंकने की कोशिश कर रही हैं और अब सुरेश राठौर को भी उसके खिलाफ आरोप लगाने वाला बना दिया गया है। लेकिन मुझे लगता है कि इससे कुछ नहीं बदलेगा, जैसे ही न्यायपालिका यह सुनिश्चित करेगी कि सबको अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और इस बात पर टिप्पणी करने वालों को भी शांत होना चाहिए।
 
यह तो बहुत बड़ा विवाद है... कुछ लोग जैसे हैं उर्मिला सनावर, उन्हें पता नहीं होता कि उनके नाम से बात करते समय कोई भी गलती हो सकती है, तब वे क्या करेंगे? और वहीं, सुरेश राठौर जैसे लोग, जिन्हें यहां तक पता नहीं है कि उसके द्वारा लगाए गए आरोपों में कुछ भी सच नहीं हो सकता है, वे अभी भी अपना नाम लेकर लड़ रहे हैं।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मामला है 🤯। सबसे पहले क्या वास्तविकता है, या फिर कुछ लोगों ने खुद को बड़े-बड़े बनाने की कोशिश कर रहे हैं? सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच तो पहले से भी कई विवाद थे, लेकिन अब यह दोनों एक साथ में घेर गए हैं।

और सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीछे कौन सी सच्चाई है? हमें पहले विवाद को हल करना होगा, फिर इसकी जांच करनी होगी। मुझे लगता है कि अगर यह मामला थोड़ा से शांति से देखा जाए, तो शायद हम सब कुछ पता कर लेंगे। 🤔
 
अरे, यह तो बहुत दिलचस्प है! पहले तो लगता है कि इस मामले में कुछ गंभीर बातें हैं, लेकिन फिर सोचते हैं कि इसमें भी कुछ हैरान करने वाला है। जैसे यह तो पूरी तरह से सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर की गली में लगने वाला मामला है, लेकिन फिर यह देखना मजेदार है कि सबकी नजर टिक जाए। और तो और, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े इस नए घटनाक्रम पर अब सबकी नजर टिकी है। शायद इसका मुझे खुशी होगी कि लोग इस मामले में रुचि लेंगे और सच्चाई को उजागर करेंगे।
 
बिल्कुल सच तो यही है कि अगर कोई लोग अपने दुश्मनों को किसी AI वाले क्लिप में रिश्तेदार बताने लगे, तो सबके बीच बहुत सुन्नता होती है। लेकिन ये भी सच है कि अगर पूरी जांच न होने पर कुछ लोग किसी का नाम बताते हैं और फिर भी उनकी खुशबू नहीं चलने देते, तो सबको पता चलता है कि हमारी राजनीति में कुछ गड़बड़ी हो गई है।
 
मैं तुम्हारी दुखी हुई है... यह तो बहुत बुरा क्या हुआ, अंकिता भंडारी की हत्याकांड में सुरेश राठौर और अन्य लोगों ने क्या गलत किया? मैं बस सोच रहा हूँ कि यह पूरा परिवार कैसा महसूस करेगा, तुम्हारी भावनाएँ कैसे आ जाएंगी... और यह ऑडियो क्या है? AI जनरेटेड या नहीं? मैं बस चिंतित हूँ, सबकुछ ठीक से होना चाहिए
 
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