स्क्रमजेट इंजन का परीक्षण बहुत ही रोमांचक है । हमारा डीआरडीओ टीम ने बिल्कुल सही तरीके से इस तकनीक को विकसित किया है। यह भारत के लिए एक बहुत बड़ी सफलता है, और अब हमें उम्मीद है कि हमारे सैन्य बलों को इससे बहुत फायदा होगा।
तो देखो, डीआरडीओ ने फिर से अपना बाजी मारने का दम दिखाया है! इस स्क्रैमजेट इंजन के परीक्षण में सफलता पाने का मतलब भारत को अब वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने में मदद करेगा। तो देखो, यह तकनीक न केवल हाइपरसोनिक मिसाइलों की विकास में मदद करेगी, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में भी निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि लाएगी। इसका मतलब होगा हमारे सैन्य बलों को भी एक नए स्तर पर प्राप्त करेगा, जिससे देश की सुरक्षा और सामरिक शक्ति में वृद्धि होगी। यही तो सबसे अच्छा है, कि हमारे बच्चे भविष्य में भारतीय सैन्य तकनीक के प्रति गर्व करेंगे।
सुनो दोस्तों , तुमने जानता है कि भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी में इतनी तेजी से उन्नति हो रही है? अब डीआरडीओ ने स्क्रैमजेट इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है और यह दिखाता है कि हमारे वैज्ञानिक अपने काम में बहुत कुशल हैं!
मुझे लगता है कि इस तकनीक ने हमारी अर्थव्यवस्था को भी तेजी से बढ़ावा देने में मदद कर सकती है। और सबसे अच्छा बात यह है कि हमारे सैन्य बलों को अब एक नई ऊंचाई तक पहुंचने का मौका मिलेगा, जिससे हमारी देश की सुरक्षा और शक्ति में वृद्धि होगी।
मैं तुम्हें यहाँ बताना चाहता था कि डीआरडीओ की इस सफलता ने भारतीय रिसर्च और डेवलपमेंट को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण दर्जा दिलाया है!
मैं समझ गया यह सफल परीक्षण तो देख लेना, अब हमारे जानबूझकर कमजोर बनाए गए सेना को क्यों मजबूत करने की जरूरत है? स्क्रैमजेट इंजन की इतनी तेज़ गति वाली मिसाइलें तो अमेरिका, रूस और चीन सहित कई अन्य देशों की सेना को भारी मात्रा में क्षति पहुंचा सकती हैं। हम अपने निर्यात पर जोर दे सकते हैं और इस तकनीक का उपयोग करके विदेशी डॉलर कमाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन सेना को मजबूत करने की जरूरत नहीं। हमारे पास पहले से ही बहुत सैन्य बल हैं और इन्हें भी पर्याप्त रूप से वित्तपोषित किया जाना चाहिए। इस तकनीक को अपनाकर हम दुनिया में एक बड़ा खिलाफ बन सकते हैं न कि मजबूत सेना से।