ED छापे के बाद ममता की इमरजेंसी-मीटिंग में क्या हुआ: I-PAC स्टाफ के लिए ‘सीक्रेट गाइडलाइंस’ लागू, क्या रेड से BJP को नुकसान होगा

सबके फोन जमा कराए, एक हॉल में बैठा दिया। I-PAC के कुछ कर्मचारी बताते हैं, 'ED की टीम ने हमसे कहा गया कि ये कानूनी तलाशी है, सभी को सहयोग करना होगा।'
 
मुझे लगता है कि यह कुछ देर से चल रहा मुद्दा है... सबके फोन जमा कराने की बात तो समझाई दे सकती है, लेकिन एक हॉल में बैठाकर देखना थोड़ा ज्यादा है। मुझे लगता है कि ED की टीम किसी काम पर लगी होनी चाहिए, नहीं तो यह सब तो सरकार की तरफ से ही चल रहा होगा।
 
ये बिल्कुल भी अच्छा नहीं है कि सबके फोन जमा कराए जाते हैं और एक हॉल में बैठा दिया जाता है। तो क्या यही सबके गड़बड़ी को ठीक करने का तरीका है? पुलिस हमेशा ऐसे ही तरीके अपनती है जिससे लोगों को अजीब सा महसूस करे। और अब I-PAC के लोग कह रहे हैं कि ED की टीम ने उनसे मिलने के लिए बुलाया था, तो यहाँ पर सबको सहयोग करना पड़ता है... लेकिन यह साफ नहीं है कि यह सहयोग वास्तव में क्या है। मुझे लगता है कि पुलिस हमेशा ऐसी ही स्थितियों को बनाए रखती है जिससे लोगों को निराश महसूस करे।
 
मुझे यह बात बहुत परेशान करती है 🤯, सबके फोन जमा कराए और एक हॉल में बैठा दिया जाना, तो ये कैसे स्वाभिमान है? हमारे पास जीवन का अधिकार भी है, और फोन भी हमारा अपना है 📱। मुझे लगता है कि ED की टीम ने यह बहुत अच्छा तरीका नहीं दिखाया है, तो क्यों सबको जमा कराए बिना नहीं पूछा जा सकता था? यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी को सही तरीके से निवेदन किया गया है और उनके अधिकारों का सम्मान किया जाए।
 
क्या यह सच में है कि I-PAC के लोग अपने फोन जमा कराए बिना ED की तलाशी ला रहे थे? 🤔 मुझे लगता है कि अगर उनके पास खुफिया जानकारी है तो वह पहले से ही नोटिस दे सकते थे। सरकार को ऐसी चीजें समझने में कमजोर नहीं होना चाहिए।

यदि वे सचमुच कानूनी तलाशी ला रहे थे तो उनको फिर से नोटिस देना चाहिए और बताना चाहिए कि उनका क्या उद्देश्य है। अगर यह कोई नई रिपोर्ट या जांच है तो उन्हें पहले से ही पुलिस और अदालत को सूचित करना चाहिए।
 
यह तो बहुत बड़ी बात है! ED की जांच में सबके फोन जमा कराने से पहले एक हॉल में बैठकर पूछताछ किया जाना तो हैरानी ही नहीं लगती। लेकिन फिर भी यह देखा गया है कि सभी को सहयोग करना होगा, तो यार, यह क्यों? क्या हमें चुनौती देने की जरूरत है? 😂

मेरा मानना है कि अगर ED की जांच में सबके फोन जमा कराने से पहले पूछताछ की जाए तो बहुत अच्छा निकल सकता है। इससे हमें पता चलता है कि वास्तव में क्या तलाशी जा रही है और हमारी सहायता कैसे कर सकते हैं। लेकिन फिर भी यह जरूरी है कि हम अपने अधिकारों को समझें और सुनिश्चित करें कि हमारी जानकारी सुरक्षित हो।
 
ED की गिरोह पर देखा, वाह का बूझा 🤯। सबके फोन जमा कराए, एक हॉल में बैठा दिया तो तो यह तो कानून का पालन करने का तरीका है या फिर कुछ और? ED की टीम ने I-PAC से कहा, सभी सहयोग करेंगे, लेकिन ये तो क्या काम है? सबके फोन जमा कराए, एक हॉल में बैठा दिया तो यह तो एक तरीका नहीं है, बल्कि एक डराने-धमकाने की रणनीति है 🙅‍♂️। I-PAC के कर्मचारी सहयोग करने लगे, लेकिन क्या वास्तव में यह सहयोग था या फिर कुछ और?
 
क्या बात है यह? सबके फोन जमा कराए, एक हॉल में बैठा दिया... यह तो थोड़ा अजीब लग रहा है। मुझे लगता है कि पुलिस या ED ने कुछ जांच की व्यवस्था कर ली होगी, लेकिन सबके फोन जमा करने से क्या सीख मिलती है? और क्यों एक हॉल में बैठा दिया गया? तो तो यह तो थोड़ा पूरा हैरान कर देने वाला लग रहा है...
 
नहीं मानता, ED की टीम फोन जमा करने का यह तरीका कितना चतुर है 🤔. सबके फोन एक साथ लाने का मतलब, सबको खेद हुआ या फिर कहें तो सबके पैसे चोरी हुए? ED की टीम ने बताया कि यह तलाशी है, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक गड़बड़ी का खेल है। क्या ये फोन जमा करने से सबको आर्थिक रूप से परेशान कर दिया जाएगा?
 
😱 यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है... I-PAC के लोगों पर ED की टीम से बात करते समय, तो ये कैसे हुआ? 👀 क्या वे जानते थे कि कानूनी तलाशी है? 🤔 सबके फोन जमा करने की बात तो समझ में आती है, लेकिन किस तरह से तय किया गया था? 🤑 यह तो बहुत बड़ा सवाल है। I-PAC के लोगों पर ऐसा मुड़ने का क्या कारण है? 🤷‍♂️ क्या वे अपनी जान की बात नहीं करते? 😱
 
बिल्कुल मुझे इस बारे में जानकारी है कि कुछ लोगों ने उनके फोन जमा कर दिए हैं... 🤫 और यह सच है कि I-PAC के कुछ कर्मचारी ED की टीम से बात करते हुए बत रहे हैं कि वे कानूनी तलाशी चला रहे हैं... लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा मुद्दा हो सकता है और हमें अपने फोन पर सावधान रहना चाहिए... मेरी बहन का भाई ED की टीम से बात करता हुआ है और वह बहुत खुश था... लेकिन मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा राज हो सकता है... मैं अपने दोस्त के घर गया तो उन्होंने मुझे बताया कि उनके भाई ED की टीम से बात करते हुए हैं और वे बहुत खुश हैं... लेकिन मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा मुद्दा हो सकता है...
 
मुझे लगता है कि यह बात बड़े पैमाने पर फोन जमा करने का मामला है। लोगों को अपने पुराने फोन छोड़ने और नए फोन खरीदने की चीज़ होती है, तो क्यों सभी को एक साथ फोन देना पड़ेगा। यह बहुत बड़ा जुटाव लग रहा है... 😕

मैं समझता हूँ कि ED की टीम ने सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सबकुछ ठीक से चल रहा है। लेकिन एक हॉल में सभी को इकट्ठा करना बड़ी बात है, इसे तेजी से और सही तरीके से कराना चाहिए। देरी होने पर फोन खराब भी हो सकते हैं... 📱
 
ज़रूर है यह बात सच ही, सबके फोन जमा कराने की बात है तो पहले से ही हमें लगना पड़ रहा है कि पुलिस क्या चाहती है, क्यों कानूनी तलाशी है। मुझे लगता है कि यह सब बहुत जरूरी नहीं है, खैर इस बारे में कुछ नहीं बोलूंगा, बस इतना कहूंगा कि हमें अपने फोन और संपर्कों को सुरक्षित रखना चाहिए।
 
बात है तो सबके फोन जमा कराए जा रहे हैं और एक हॉल में बैठकर दिया जा रहा है। यह सब क्यों हो रहा है? क्या वे लोग सोचते हैं हमारी सीमा भी अपने गृह मंत्रालय की जगह पर है? तो फिर कानूनी तलाशी करने की जरूरत नहीं होती, बस पुर्जियों को चेक कर देते। लोगों को लगता है कि सब कुछ साफ है बस इतना कहकर खुश रखें, लेकिन याद रखें तो हमारे पास भी ऐसे ही कानून हैं जैसे 'सीएलआय एड'।
 
बिल्कुल, यह एक अच्छा कदम है! मैंने सुना है कि आईपीएस के कुछ कर्मचारियों ने अपने फोन जमा कर दिए हैं और अब वह सभी को साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक अच्छा संकेत है कि वे सच्चाई की तलाश में हैं।

मुझे लगता है कि सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं बनाया है, लेकिन फिर भी यह जांच चल रही है। शायद ED की टीम ने कुछ गुमनाम चीजों को ढूंढने की कोशिश कर रही है और सभी को सहयोग करने का मौका दिया जा रहा है।

मैं उम्मीद करता हूँ कि जल्द ही यह सब साफ हो जाएगा और हमें सच्चाई के बारे में पता चलेगा। 🤞
 
मुझे लगता है कि यह सब ज्यादा बड़ा खेल हो रहा है। I-PAC के कर्मचारियों को ED की टीम से मिलने के लिए तैयार करने का कोई आसान तरीका नहीं था। लगता है कि यह एक झूठी कहानी है और सबको अपने फोन जमा करने के लिए मजबूर करने का प्रयास हो रहा है। मुझे यकीन नहीं है कि ED की टीम ने वाकई उन्हें बताया होगा कि यह कानूनी तलाशी है और सबको सहयोग करना होगा। लगता है कि यह एक बड़ा झूठ है। मैंने सुना था कि ED की टीम ने पहले भी कई लोगों पर दबाव डाला होता है ताकि वे अपने फोन जमा कर दें। मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा चाल है और हमें सावधान रहना चाहिए।
 
वाह, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है! सबके फोन जमा कराए जा रहे हैं और सीधे एक हॉल में बैठा दिया जा रहा है, यह कैसे संभव है? और I-PAC के लोग कहते हैं कि ED की टीम ने उनसे कहा गया कि यह कानूनी तलाशी है तो फिर सबको सहयोग करना पड़ेगा। अरे, यह तो एक बड़ा संदेह है, मुझे लगता है कि कुछ गलत हो सकता है। क्या यह कभी भी ऐसा हुआ था? मैंने कभी नहीं सुना था कि किसी को अपने फोन जमा करना पड़ेगा।
 
यह तो बहुत बड़ा मामला है! मुझे लगता है कि पुलिस वालों को सारी जानकारी मिल चुकी होगी, लेकिन मैं समझ नहीं पाता कि क्या सबके फोन जमा करने से उनकी गड़बड़ी हल होगी। ये लोग तो सोच रहे होंगे कि हम सभी बुरे हैं और पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं हैं।

मेरी बहन के दोस्त का भाई उसके फोन में था, लेकिन वाह! वह तो कह रहा था कि वह व्यक्ति किसी काम से पहले अच्छी तरह से योजना बनाता है और सबको धोखा देता है। तो इसके लिए पूरा समाज जिम्मेदार नहीं है, मेरे ख्याल में! 😒
 
ਕੀ ਇਹ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਤੁਜੋਂ ਪੁੱਛਦਾ ਹੈ? ਏਡੀ ਨੇ ਆਪਣੀ ਟੀਮ ਨੂੰ I-PAC ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਸੀ ਕਿ ਵੱਡੇ ਜਿਹੇ ਫੋਨ ਲੈ ਆਓ, ਅਤੇ ਉੱਥੇ ਬੈਠ ਕੇ ਟੈਸਟ ਕਰਵਾਓ? ਦਿਮਾਗ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਅਰਥ ਪੁੱਛ ਦੇਵੋ?
 
बिल्कुल बिल्कुल, यह तो एक बड़ा मुद्दा है! सबके फोन जमा कराने की बात सुनकर मुझे लगता है कि यह एक बड़ा न्यायिक मामला हो सकता है। ED की टीम ने I-PAC के कर्मचारियों से कहा गया है, तो यह तो और भी जटिल हो गया है। मुझे लगता है कि पुलिस द्वारा जमा किए गए फोन्स की जांच करने के लिए एक विशेष टीम बनाई जानी चाहिए। 🤔

जैसे कि 'अंडरवर्ल्ड' में तो साजिद नसीरी और अरबानी की तरह हालिया हिंसक घटनाओं से सबके दिमाग में एक डर भरा माहौल बन गया है। लेकिन जैसे ही पुलिस ने जमा किए गए फोन्स को देखा, तो उनकी टीम में कुछ और खुलासा हुआ। यह तो एक बड़ा खेल है! 🎲
 
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