ED छापे के बाद ममता की इमरजेंसी-मीटिंग में क्या हुआ: I-PAC स्टाफ के लिए ‘सीक्रेट गाइडलाइंस’ लागू, क्या रेड से BJP को नुकसान होगा

क्या बिल्कुल सही समझ में आया 😒 यह I-PAC की सीटिंग विवाद है तो फिर भी मजाक है कि सब अपने फोन जमा कराएं, एक हॉल में बैठा दिया। मेरे ख्याल में, यह उनके पास था तो अब वह इस पर क्या नियंत्रण रखते? 🤔

मुझे लगता है कि ED की टीम से कुछ भी सहमति नहीं थी, बस उन्हें बताया गया कि यह एक कानूनी तलाशी है। तो फिर क्यों सब अपने फोन जमा कराएं? यह उनका अधिकार नहीं है, फिर दूसरों का क्या हक? 🙄

मैं समझता हूं कि यह एक बड़ा मुद्दा है लेकिन अगर सच्चाई निकले तो सब जानते हैं। अगर I-PAC के कर्मचारी ने वास्तव में अपने फोन जमा कराए हैं, तो फिर उन्होंने अपने अधिकार को भी समझ लिया। 🙏
 
क्या गलत दिखाई देगा? फोन जमा कराने से और भी ज़्यादा मुश्किल हो जाएगी। लोगों को अपने फ़ोन बंद करने की ज़रूरत नहीं है। ये तो एक नई तरह का डर है कि अगर आप अपना फोन जमा कराते हैं तो आपके पास कुछ गुप्त नहीं रहेगा।
 
આ નવી પ્રણालી અમેરિકામાં બહુ ચકચરી છે, ને? એક-એક ફોન જમા કરવાનો આ શરૂઆત બિલ્કુલ સૌપ્રથમ છે.

એડી ટીમને ચાલુ કરવામાં આવેલ અહેવાલ ખાસ છે, જો તમે ક્યારેય એડી ટીમ પર જન્મ ધરાવ્યા હોત, અથવા કોઈ સંશોધન છે જેને આ પડકારની મદદ મળે તો, એવું સૌ એકાદશ છે.
 
😬 पूरे देश में लोगों को अपने फोन जमा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है... यह तो एक बड़ा सवाल है कि ED की टीम ने यह कानूनी तलाशी कैसे शुरू की? क्या वे इतने सख्त नहीं थे कि पहले से ही जांच कर लेते। अब लोगों को अपने प्राइवेसी पर बार-बार बोलना पड़ रहा है... यह तो बहुत ही अजीब है। 🤔
 
🤔 क्या यह तो ईडी का नया खेल है? सबके फोन जमा कराते हैं और फिर क्या? यह सुनने में नहीं लगता कि वे किसी बड़े अपराध की तलाश में हैं। जस्ते सिर्फ ताला उठाने के लिए निकाल देते हैं और सबको खिलौनों की तरह पागलपन में डालते हैं। मुझे लगता है कि यह तो एक बड़ा झूठ है, ताकि वे अपने राजनीतिक पूर्वजों के साथ दोस्ती बनाए रखें। क्या सचमुच सबको सहयोग करना होगा? 🙄
 
મેં આ ખબર સાંભળી, એક હોલમાં ક્યારેય જવાના ફોન પ્રત્યેકને ચીટણી લગાડવામાં આવ્યા. એક હજાર થી વધુ લોકોના ફોન બચ્યાં છે, આ તો મારી ભીની હજીવટ થઈ ગઈ.
 
Back
Top