अरे, इस घटना से बहुत खुश नहीं हूं। जेफ्री एप्स्टीन की गोपनीयता के बारे में यह सब तो अच्छा है, लेकिन यह पता चलने पर भी मुझे लगता है कि कोई ऐसा काम नहीं बन रहा है जिससे देश के नागरिकों की जानकारी मिलती। पीएम मोदी को तो गोपनीयता बहुत जरूरी होती है, लेकिन इस घटना से लगता है कि उस पर भी ध्यान नहीं दिया गया। और यही बात एपस्टीन के साथ हुई, वह अपने व्यवसायिक नेटवर्किंग में कई प्रमुख नेताओं को भी शामिल कर रहा था, लेकिन उसकी गोपनीयता का ध्यान नहीं रखा।
मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा मामला है, और इसके फायदे या नुकसान की जानकारी मिलने से पहले अभी भी बहुत प्रयास किया जाना चाहिए।