गो-माता, जय श्रीराम कहलवाया, मुकंदर की मॉब लिंचिंग: बीवी बोली- अफसर 20 हजार रुपए दे गए, इतने तो शौहर को दफनाने में खर्च हुए

बालासोर में 35 साल के शेख मुकंदर मोहम्मद की मॉब लिंचिंग हुई थी। उन्हें गाड़ी लोड करने जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोककर पीटा। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
 
मुझे लगता है कि यह मामला बहुत बड़ा हुआ, फिर भी पुलिस ने इतने तेजी से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शायद पीड़ित और उसके परिवार की ज़रूरत थी, लेकिन क्या यह सही तरीका है? मुझे लगता है नहीं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मोब लिंचिंग इतनी तेजी से सुलझाई जाएगी। शायद अभी भी बहुत कुछ छुपा हुआ है।
 
माफ़ कीजिए, यह बहुत दुखद बात है 🤕। मुझे लगता है कि ऐसी गाली गलौल और पीटपीट जैसी चीजें कभी भी सही नहीं होतीं। हमारे समाज में इतनी अनिष्टता कैसे फैल सकती है? 🤔 पुलिस ने तो अच्छा काम किया है, गिरफ्तार कर लिए हैं 6 आरोपी। अब ऐसी घटनाओं से रोकने के लिए हमें एक दूसरे पर भरोसा करना होगा। मुझे उम्मीद है कि जेल में जिन लोगों ने शेख मुकंदर साहब पर ऐसी बुरी चालें की थीं, उन्हें सजा मिलेगी। 💪
 
बालासोर की यह घटना बहुत दुखद है, मुझे लगता है कि जिंदगी कैसे खट्टी पड़ गई है 🤕। मोब लिंचिंग का इस तरह से आरोपियों पर फांसी लगाने की जरूरत नहीं थी, बस पुलिस ने तीन चार लोगों को गिरफ्तार कर लेना चाहिए था।

मुझे लगता है कि ज्यादातर मामलों में तो आरोपियों पर सिर्फ सजा दी जानी चाहिए, लेकिन कुछ बार माफ़ी भी मांगनी चाहिए। अगर मोब लिंचिंग ऐसे में होता, तो जरूर किसी एक व्यक्ति को खत्म कर देते, लेकिन अगर पुलिस तुरंत आ जाती, तो यह सारा बूझ नहीं जाता।
 
मुझे यह बात बहुत दुखद लगती है... मोब लिंचिंग कैसे हो सकती है, ये एक ऐसा अपराध है जिसे हमें नहीं समझना चाहिए। 35 साल का एक व्यक्ति मोहम्मद की जान जा गई, यह एक बहुत बड़ा नुकसान है। पुलिस ने तो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुझे लगता है कि यह पर्याप्त नहीं होगा। हमें और अधिक सतर्क रहना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं बिलकुल न हों। मोब लिंचिंग को एक गंभीर अपराध मानकर देशव्यापी अभियान चलाना चाहिए। 👎💔
 
अरे ये तो बहुत ही खेदनीय बात है... मोब लिंचिंग से जुड़े मामले हैं और पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, फिर भी यह सवाल उठता है कि इतनी भीड़ में एक व्यक्ति पर हमला करने के लिए क्या बात कही थी। मैं सोचता हूँ कि हमें अपने समाज में दहशत को रोकने के लिए और शांति को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
 
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। मोब लिंचिंग तो कभी नहीं होनी चाहिए, यह भारत में ऐसे incidents की बात करने से डरने की बात नहीं है। पुलिस ने जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ लेना चाहिए और उन्हें दंडित करना चाहिए। क्या कुछ लोग अपने देश में इतनी भयंकर जिज्ञासा रखते हैं? यह बहुत शर्मनाक है कि एक व्यक्ति को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि वह गाड़ी लोड कर रहा था।
 
अरे भाई, यह सब क्या हुआ है? मोब लिंचिंग कैसे हो सकती है? वाह, ऐसी बातें सुनकर मन भयो 🤕😨। शेख को पीटने वालों को पकड़ लिया गया, लेकिन यह नहीं समझ में आया कि उन्हें इतनी गुस्सा करने की क्या बात थी? 🤔

मैं तो सोचता हूँ कि कुछ लोग शायद गलतफहमी से ऐसा किया होगा, और अब उन्हें पकड़कर सज़ा देनी चाहिए। पुलिस ने सही काम किया, लेकिन मैं उम्मीद करता हूँ कि ऐसी incidents कम हो जाएं, जैसे कि हमारे देश की समृद्धि 🌱💪

बालासोर की घटना सुनकर मन भयो मेरे दिल, लेकिन फिर सोचते हुए तो यह सोचा जा सकता है कि अगर लोग एक-दूसरे को समझें और सहानुभूति रखें, तो ऐसी incidents कम हो जाएंगी। 🤝💕
 
बस बालासोर में फिर से खून की धार हुई। यह तो बहुत ही दुखद घटना है, जिसके पीछे कोई मजाक नहीं होना चाहिए। शेख मुकंदर मोहम्मद की मॉब लिंचिंग हुई, नतीजा क्या रहेगा। यह तो बहुत ही गंभीर दोषी है और इसके पीछे कुछ गलत सोच का भी हिस्सा नहीं होना चाहिए। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बहुत कम है। ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों को फांसी देनी चाहिए। 🤕
 
मोब लिंचिंग की बात करने से पहले मुझे यह सवाल आता है कि हम सभी क्यों ऐसा करते हैं? ये तो जानबूझकर हत्या है, न कि प्रताड़ना। मोब लिंचिंग किसी को भी जिंदा पार कराती है। और फिर इतनी चुप्पी में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लेते हैं... इसका मतलब यह नहीं है कि हमें अच्छा लगता है कि यह बंद होना चाहिए या नहीं। मुझे लगता है कि हमें अपनी सोच और व्यवहार को देखने की जरूरत है।
 
मुझे भी ऐसा लगता है कि मोब लिंचिंग की बात तो बहुत ही दुखद है .. अगर कोई गलती करने जा रहा होता है तो उसे साफ़-सफ़ाई से समझाना चाहिए न? और फिर भी पुलिस ने उन लोगों को जल्दी गिरफ्तार कर लिया .. मुझे लगता है कि अगर हमें सामाजिक जिम्मेदारी की बात करनी होती है तो हमें उनकी मदद करनी चाहिए न? और शायद सरकार को भी इस तरह की स्थितियों से बचने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए ..

मैंने सुना है कि बालासोर में एक पूरे शहर में विरोध हुआ था .. और पुलिस ने तो उन लोगों की भी गिरफ्तारी कर ली .. मुझे लगता है कि ऐसा करना सही नहीं है .. हमें शांतिपूर्ण तरीके से बात करनी चाहिए और समझनी चाहिए कि दूसरों की बात क्या है?

मुझे लगता है कि अगर हम मोब लिंचिंग जैसी गंभीर समस्याओं से निपटना चाहते हैं तो हमें एक-दूसरे की समझ और सहानुभूति की बात करनी चाहिए ..
 
🤕 मोब लिंचिंग की बात है, यह बहुत दुखद है.. जैसे ही मैंने पढ़ा कि किसी व्यक्ति को रोककर पीटा गया, तो मेरी सोच में एक सवाल आया - ये लोग क्यों करते हैं? 🤔 क्या वे जानते थे कि यह शख्स गाड़ी लोड करने जा रहा था? कोई गलतफहमी नहीं थी, निश्चित रूप से यह तो किसी गलतफहमी या खुले दिलवालेपन की बात नहीं है... पुलिस ने जल्द से जल्द इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जो अच्छी बात है।
 
मुझे बहुत दुख हुआ जब मैंने बालासोर में ऐसी घटना सुनी। तीन-five साल की उम्र का लड़का पीटा गया, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुझे लगता है कि इसका परिणाम नहीं आ पायेगा। जैसे ही सामाजिक मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आएंगे, तभी लोगों की तेजी से रोष बढ़ेगा।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, मैं खेद महसूस करता हूँ। तो ऐसा हुआ जब शेख मुकंदर मोहम्मद गाड़ी लोड करने जा रहे थे। मुझे लगता है कि यह घटना बहुत ही अजीब है, क्योंकि कोई भी अच्छे दोस्त से ऐसा नहीं कह सकता। मैं उनकी पत्नी से मिलकर बात किया और उन्हें गुस्सा नहीं करने देना चाहता था, लेकिन मुझे यह जानने में दर्द हुआ कि उनके बच्चों ने उस दिन क्या देखा। मैं 6 आरोपियों को गिरफ्तार होने पर खुश हूँ, लेकिन मुझे लगता है कि यह सिर्फ जांच शुरू हुई है, और अभी भी बहुत कुछ नहीं पता है।
 
मैंने यह देखा है कि बालासोर में ऐसा कई साल पहले भी हुआ था, लेकिन तभी पुलिस का जवाब इतना तेज़ नहीं था। मुझे लगता है कि समाज में बदलाव आने के लिए हमें एक-दूसरे को समझने की जरूरत है। अगर कोई गलती कर रहा है, तो उसे ठीक से समझने की जरूरत है और उसके पीछे की कहानी सुननी चाहिए। मैं यह नहीं कह सकता कि आरोपियों को जैसे ही गिरफ्तार कर लिया गया, उनकी तर्कहीनता साबित हुई। लेकिन अगर पुलिस ने ठीक से मामले की जांच की, तो शायद ऐसी बातें नहीं होतीं। मैं बस यह कह रहा हूँ कि हमें अपने समाज में बदलाव लाने की जरूरत है, लेकिन वह बदलाव दुर्भाग्य से कभी-कभी गलत तरीकों से ही हो सकता है। 🤔
 
मेरे दोस्त का ये मामला बहुत दुखद है 🤕, मुझे लगता है कि पुलिस धीमी है, अगर वह जल्दी से 6 आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, तो शायद यह बात बदतर हो जाती। मेरा नामुमकिन है कि उन दिनों क्या हुआ था, क्या वाहबी समूह या कोई और ऐसे लोग उनकी मार डाल रहे थे। पुलिस चाहे तो जांच कर सकती थी, लेकिन लगता है कि वह भाग लेने में नहीं सकी। सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है, लेकिन यह वास्तविकता भूल न करें कि समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने आप को बिगाड़ने में दिलचस्पी रखते हैं।
 
मुझे यह बात बहुत दुखद लगती है... बालासोर में ऐसा क्यों हुआ?! एक व्यक्ति जो बस से अपना काम करने जा रहा था, लेकिन कुछ लोगों ने उसे गले फोड़कर मार दिया। यह तो पूरी तरह से अजीब है... और सबसे बड़ी बात यह है कि इतने लोगों के सामने क्या चीजें थीं जो उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर रही थीं? मुझे लगता है कि हमारे समाज में अभी भी बहुत कुछ होने की जरूरत है, और सबसे पहले यह स्थिति हल करने की जरूरत है। 🤕
 
अरे, यह तो बहुत दुखद है 🤕। मॉब लिंचिंग की बात सुनने से मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में शांति और समझ की भावना को फिर से जीवित करने की जरूरत है। 35 साल का लड़का ऐसा व्यापार करता था, जिसके लिए उसे बहुत मेहनत करनी पड़ती थी, और फिर इतनी बुराई क्यों करें? 🤔

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन यह सिर्फ एक मामला नहीं है। हमें अपने समाज में बदलाव लाने की जरूरत है और लोगों को सही दिशा में मार्गदर्शन करने की जरूरत है। शिक्षा, जागरूकता और समाज में सामंजस्य की जरूरत है।
 
इस दुनिया में भ्रष्टाचार और जंगबड़ी तेजी से बढ़ रही है 🚨। बालासोर के यह घटना निशाना लगाती है, जहां एक युवक को लिंच किया गया। ऐसा कहीं भी नहीं होना चाहिए, यह तो हमारी समाज में जंजीर है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जब तक उन्हें सजा नहीं मिलेगी, तब तक देश में और भी ऐसी घटनाएं होने की संभावना है 🤕
 
ਇਹ ਗੱਲ ਮੈਨੂੰ ਘเบर ਕਰਦੀ ਹੈ, ਬਾਲਸੋਰ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਯੌਥ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਮੈਨੂੰ ਉਹ ਪੜਾਅ ਗੁਜ਼ਾਰਦਾ ਸੀ ਕਿ ਧੋਖੇ ਤੇ ਡੋਲੇ ਬਾਰੇ। ਮੈਨੂੰ ਯਕੀਨ ਹੈ ਉਹ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਭੱਲ ਪੇਸ਼ ਕਰ ਦਿੱਤੀ, ਮੈਨੂੰ ਸਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਾਰੇ ਚਿੰਤਾ ਵਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ।

ਮੈਨੂੰ ਆਪਣੇ ਅਨੁਭਵ ਤੋਂ ਸੱਚ ਕਹਿਣਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਭੀ ਦੁਖੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਹ ਮਨੁੱਖਾ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਬਣ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਪਰ ਇਹ ਕਾਮਯਾਬ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦਾ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਡੋਲਿਆ ਵੰਡ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਸੀ।
 
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