गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दिल्ली में FIR: गणतंत्र दिवस पर हमले की धमकी, झूठा निकला खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने का दावा - Jalandhar News

वाह, यह तो बहुत बड़ा मामला है। मैं सोचता हूं कि पुलिस ने सही कदम उठाए हैं, खासकर जब तक पता नहीं चलता कि वीडियो में सच्चाई कहां है। लेकिन यह भी जरूरी है कि हमें अपने देश में अशांति फैलाने वालों के प्रयासों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए। मेरा मन यही लगता है कि हमें अपने बच्चों को ऐसी चीज़ों के बारे में शिक्षित करनी चाहिए ताकि वे गलत रास्ते पर न चलें।
 
अरे, यह तो बहुत ही चिंताजनक बात है, पुलिस ने गुरपतवंत सिंह पन्नू पर आरोप लगाए हैं और उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत ही जटिल मामला है, पुलिस ने कहा है कि उन्होंने दिल्ली में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले खालिस्तानी आतंकी के रूप में गिना जाता था, लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत ही सटीक नहीं है, क्या पुलिस ने पूरी तरह से जांच की है? और यह तो एक और बात है, पन्नू पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने वीडियो जारी कर दिल्ली के प्रमुख इलाकों में पोस्टर चिपकाए हैं, लेकिन स्पेशल सेल की छानबीन में ऐसे पोस्टर नहीं मिले। यह तो बहुत ही रहस्यमय है, और मुझे लगता है कि इस मामले को अधिक जांच की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि यह बात तो बहुत सुनहरी मानी जाने वाली बात है कि हमारे देश में पुलिस कैसे काम करती है, लेकिन मैं अभी भी नहीं समझ सकता कि क्या वास्तव में पोस्टर लगाना और खालिस्तान समर्थक बनना आतंकवाद का मामला है या नहीं। मेरे दोस्त ने मुझे बताया था कि पोस्टर लगाना तो बस एक विचार की बात है, और हमें इसके पीछे क्या गंभीरता से लेना चाहिए।

मैंने यह भी सोचा था कि क्या ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए हमें इतनी जासूसी करनी होती है? मुझे लगता है कि हमारे देश की पुलिस बहुत अच्छी है, लेकिन फिर भी मैं सोचता हूँ कि क्या हमने ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए पर्याप्त रणनीतियां बनाई हैं।
 
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