Gautam Gambhir: स्प्लिट कोचिंग की मांग पर भड़के कोच गंभीर, IPL टीम मालिक को लताड़ा; कहा- अपने दायरे में रहें

गौतम गंभीर ने स्प्लिट कोचिंग की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने कहा है कि ऐसे बयान विशेषज्ञों के लिए अनुचित हैं और सभी को अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए। गंभीर ने टेस्ट सीरीज हार के बाद देश के सबसे बड़े कोच के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखने का वादा किया है।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की टेस्ट सीरीज हार के बाद, कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों और एक आईपीएल टीम के मालिक ने लाल और सफेद गेंद के लिए अलग-अलग कोच रखने की राय दी। इसी पर गंभीर ने कहा है कि ऐसे बयान हैरान करने वाले हैं और सभी को अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए।

गौतम गंभीर ने आगे कहा है कि उन्होंने इस देश की टीम को जीतने के लिए कई सालों से लगातार प्रयास किया है, और उन्हें अपने अनुभव का सही उपयोग करने का अवसर मिला है। गंभीर ने कहा है कि वह देश को टेस्ट सीरीज जीतने में मदद करने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं, और उन्हें अपने अनुभव का सही उपयोग करके देश की टीम को सफलता प्राप्त होने में मदद करने का अवसर मिला है।

गौतम गंभीर ने कहा है कि वह इस देश की टीम को जीतने के लिए कई सालों से लगातार प्रयास कर रहे हैं, और उन्हें अपने अनुभव का सही उपयोग करने का अवसर मिला है। गंभीर ने कहा है कि वह देश को टेस्ट सीरीज जीतने में मदद करने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं, और उन्हें अपने अनुभव का सही उपयोग करके देश की टीम को सफलता प्राप्त होने में मदद करने का अवसर मिला है।
 
मैंने भी सोचा था कि लाल और सफेद गेंद के लिए अलग-अलग कोच रखना एक अच्छा विचार है, 🤔 परंतु फिर तो मैंने सोचना शुरू कर दिया कि यह विचार कितना संभव है? क्या हमें अपने पेशे के अनुसार अलग-अलग कोच रखने की जरूरत है? 🤷‍♂️ परंतु फिर तो मैंने सोचा कि अगर ऐसा हुआ तो यह हमारे देश की टीम की सफलता के लिए नुकसानदायक हो सकता है, 😬
 
यार, गंभीर साहब के बयान तो सचमुच अजीब लगते हैं। विशेषज्ञों के लिए स्प्लिट कोचिंग एक अच्छा विचार नहीं है, परन्तु यहाँ हमारी टीम में ऐसा कुछ नहीं है। गंभीर ने कहा है कि वह अपने अनुभव का सही उपयोग करने के लिए तैयार हैं, और देश को टेस्ट सीरीज जीतने में मदद करने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। लेकिन, यार, यहाँ एक सवाल उठता है – अगर गंभीर ने अपने अनुभव का सही उपयोग नहीं कर पाया, तो विशेषज्ञों को उनकी सलाह माननी चाहिए?
 
मैंने हाल ही में मुंबई से लेकर गोवा तक की यात्रा की थी, जहां मैंने एक छोटे से खाद्य स्टॉल पर बैठकर स्वादिष्ट पनीर फारसी का आनंद लिया था, जो पूरे देश में सिर्फ गोवा में ही मिलता है 🤤। मुझे लगता है कि टीम इंडिया को जरूर जीतना होगा, लेकिन फिलहाल भारत के शहरों में खाने का स्वाद बहुत अलग-अलग होता है, इसलिए देश की टीम को जरूर सफलता मिलेगी 🏆
 
अरे, ये तो गंभीर से कहीं ज्यादा बोलते हैं और यार, वे खुद देश की टीम को जीतने के लिए कई साल से प्रयास कर रहे हैं, तो क्यों अलग-अलग कोच रखना चाहिए? यह तो गेंदबाज़ी में ही नहीं बल्कि खेल की दुनिया में भी एक्सपेर्ट्स को अपने-अपने डोमेन में रहने का मौका मिलना चाहिए। लेकिन अगर वे खुद जानते हैं कि वे क्या कर सकते हैं, तो फिर अलग-अलग कोच रखने की जरूरत नहीं।
 
अरे, ये कोचिंग मांग तो और भी हद तक जानी जा रही है! 🤔 कुछ लोग सिर्फ इतने दिनों के बाद ही समझते हैं कि पेशेवर कोचिंग में एक्सपीरिएंस वैलूअब्ल होती है। गंभीर जी ने दिखाया है कि उनका अनुभव क्या है, और अब यही बात लोगों को सीखनी चाहिए। 🙏
 
मुझे लगता है कि गौतम गंभीर ने बहुत स्वाभाविक रूप से अपना विचार व्यक्त किया है, मैंने कभी नहीं सोचा था कि अलग-अलग कोच को रखने की बात लागू किया जाएगा। लेकिन अब यह सवाल उठता है कि क्या हमारी टीम में विशेषज्ञता और अनुभव की कमी है? 🤔

मुझे लगता है कि गंभीर जी ने सही कहा, हमें अपने खेल के अलग-अलग पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। स्प्लिट कोचिंग एक ऐसा विचार हो सकता है जहां हमारे अनुभवी कोच वहाँ रहकर टीम के नए और अनुभवहीन खिलाड़ियों को सिखाते हैं ताकि वह अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकें। इससे हमारे देश की टीम को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने का अवसर मिलेगा। 🌟

मुझे लगता है कि यह एक अच्छा विचार हो सकता है, लेकिन इसके लिए हमें अपने खेल के अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा, जैसे कि प्रशिक्षण, योजनाएं और स्वास्थ्य। 🏋️‍♂️
 
यह तो बहुत ही अजीब बात है कि लोग गंभीर से ऐसे बयान करने लगे हैं कि विशेषज्ञों के लिए यह अनुचित है। क्या लोग नहीं समझते कि हर किसी को अपना फील्ड चुनना चाहिए? गंभीर भी टेस्ट सीरीज जीतने में हमेशा सफल रहे हैं, और उन्हें इस समय भी अपना अनुभव उपयोग करने का मौका मिलेगा। लेकिन ऐसे बयान देने वालों को क्या चिंता है? 🤔
 
कोच गंभीर की बात सुनकर मुझे लगता है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को लेकर बहुत भावुक हैं। उनका कहना है कि सभी को अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए, और यह सच है, लेकिन जब तक हम टीम की सफलता पर ध्यान नहीं देते, तब तक यही समस्या बनी रहेगी।

मुझे लगता है कि कोच गंभीर ने इस मामले से बहुत ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है, उनकी टीमने भी अच्छा प्रदर्शन किया, और कुछ बदलाव करने पर विचार करें।
 
मुझे लगता है कि गौतम गंभीर जी की बात समझ में आती है, लेकिन जैसे ही तो देश की टीम के साथ जीतने और हारने के पीछे कई कारक होते हैं। उनकी अनुभवों और ज्ञान का सही उपयोग करना जरूरी है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि सभी विशेषज्ञ अपने-अपने डोमेन में रहें।

टेस्ट सीरीज हार के बाद भी, गंभीर जी ने देश को सफलता प्राप्त करने में मदद करने के लिए पूरी तरह से समर्पित होने की बात कही है। लेकिन इसके लिए एक-दूसरे पर भरोसा रखना और टीम के साथ सहयोग करना भी जरूरी है, नहीं तो जीतने में मदद करने का कोई भी फायदा नहीं होता।
 
मैंने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 सीरीज़ में भारतीय टीम ने हारा था, और तभी मुझे यह बात अच्छी लगी कि हमारे खिलाड़ियों को अलग-अलग कोच रखने की बात करने वाले लोग क्या जानते हैं? हमारे गेंदबाजों को स्प्लिट कोचिंग कराने की बात कहकर उन्हें जीतने में मदद करने की कोशिश नहीं किया गया। मुझे लगता है कि ऐसी बातें हमारे खिलाड़ियों और टीम को ही नुकसान पहुंचाएंगी।

मैं समझता हूँ कि गौतम गंभीर जी इस स्थिति में सचेत नहीं थे, लेकिन वह भी अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए कह रहे हैं। देश के लिए टेस्ट सीरीज़ जीतने में हमारी टीम ने बहुत प्रयास किया है, और अब यह समय आ गया है कि गंभीर जी अपने अनुभवों का सही उपयोग करें।
 
मुझे ऐसा लगता है कि लोगों ने धीरे-धीरे सोचा हुआ और बार-बार देखने वाली चीज़ पर फिर से ध्यान देने की जरूरत है। दिल्ली की जादुई गेंद (कोई भी खेल में नहीं) में बदलाव करने का यह प्रयास, बाकी सब लोगों को अपनी जगह पर रहने और अपने-अपने क्षेत्र में माहिर होने का मौका देने से पहले टेस्ट सीरीज जीतने के लिए समर्पित होने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। गंभीर ने बात की है और सब कुछ ठीक है, लेकिन क्या वास्तव में हमारी टीम को जीतने के लिए समर्पण से पर्याप्त नहीं है? 🤔
 
यार, ये तो गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ी के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बयान हैं! वे टेस्ट सीरीज हारने के बाद भी इतने ही समर्थन और भरोसा प्रदान करते हुए दिख रहे हैं। कोचिंग स्प्लिट होने पर विशेषज्ञों को ऐसे बयान कहने का क्या हक्क है? 🤔 उन्हें अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए, न कि पुरानी दुनिया की तरह सीमाएं तय करने की कोशिश करना।
 
यह तो बहुत बुरा स्वाद आ रहा है… गौतम गंभीर को उनके प्रदर्शन से कोई चिंता नहीं होनी चाहिए, बल्कि खिलाड़ियों और टीम की प्रतिभा पर भरोसा करना चाहिए 🤔। उन्होंने अपने अनुभव का सही उपयोग करके देश की टीम को सफलता प्राप्त होने में मदद करने का अवसर मिला है, और यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
 
अरे, यह तो गंभीर से बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है... ऐसा बयान कर ना देना चाहिए, विशेषज्ञों की बात लेकर पब्लिक को भ्रमित करना अच्छा नहीं है। और फिर भी गंभीर जी की टीम से जीतने की उम्मीद है? तो खेल में एक्टिव रहना और अपने अनुभव का सही उपयोग करना जरूरी है, लेकिन बयान देने से पहले कभी सोच लो।
 
ये तो वाकई हैरान करने वाला बयान है 🤯। स्प्लिट कोचिंग की बात करते हुए, तो मुझे लगता है कि यह एक बड़ा मुद्दा है, खासकर जब भारतीय टीम को जीतने के लिए इतने प्रयास किया जा रहा है। गंभीर साहब ने सही कहा है कि विशेषज्ञों को अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए, ताकि हमारी टीम अच्छी तरह से प्रशिक्षित और तैयार रह सके।
 
अरे, यारों! यह तो एक बड़ा सा मुद्दा है! गंभीर साहब ने बहुत सही कहा है कि विशेषज्ञों को अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए। टेस्ट सीरीज जीतने के लिए अलग-अलग कोच रखना तो एक बड़ा भ्रम है। गंभीर साहब ने अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने का वादा किया है, और मैं उसके साथ हूँ। हमें उम्मीद है कि वह देश की टीम को जीतने में मदद करेगा। लेकिन यह तो एक सवाल है कि देश की टीम में गंभीर साहब का अनुभव और विशेषज्ञता क्यों नहीं होनी चाहिए? 🤔
 
मेरे दोस्तों 🤝, गौतम गंभीर ने स्प्लिट कोचिंग पर बोलते हुए बहुत सही कहा है! यह कुछ भी नहीं है, हमें अपने-अपने क्षेत्र में रहना चाहिए। जैसे कि मैं तो खेलों में प्यार करता हूँ, लेकिन फिर भी मेरी रुचि पढ़ाई और नौकरी में रहती है।
 
भाई, गंभीर जी की बात सुनकर मुझे लगने लगा कि यार तो विशेषज्ञों को अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए। स्प्लिट कोचिंग ऐसा है जैसे माइक्रोवेव में खाना पकाने की कोशिश करो, वहां तुम्हारे दोस्त का खाना भी जल जाएगा। गंभीर जी ने अच्छी बात कही है, हमें अपने अनुभव का सही उपयोग करना चाहिए और खेल को सीखने वालों को मदद करनी चाहिए। मैं उनके समर्थन में हूँ, लेकिन कुछ ऐसी बातें न करें, जैसे कि हमारे देश की टीम को सफलता पाने के लिए हमें एक-एक करके अपने अनुभव का सही उपयोग करना चाहिए। 🙌
 
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए गौतम गंभीर की बातों सुनकर यह महसूस होता है कि वो अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनकी बातें ऐसी लग रही हैं जैसे वो टीम के लिए जीतने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

लेकिन, कुछ लोगों की यह बात समझ नहीं आती, जैसे कि उन्हें अपना खुद का डोमेन मानकर चलना चाहिए। अगर हमारा देश भारत है, तो फिर हमारी टीम के लिए कोई अलग नाम या पहचान नहीं होनी चाहिए।

मुझे लगता है कि गौतम गंभीर जी की बातें सुनकर हमें यह महसूस होता है कि वो अपने देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, और उनकी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
 
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