मुझे लगता है कि कुछ लोग बोलते समय अपने शब्दों पर विश्वास नहीं करते
। स्प्लिट कोचिंग की बात करें, तो यह एक बड़ा सवाल है और इसका जवाब देने के लिए हमें सभी के अनुभव और ज्ञान को एक साथ रखना चाहिए। गौतम गंभीर ने अच्छे खेल में खेलने का प्रयास किया है, और अगर उनका अनुभव हमेशा सही नहीं रहा, तो फिर भी उन्हें अपना ज्ञान साझा करने का अवसर मिला है। कुछ लोग कहते हैं कि विशेषज्ञों को अपने-अपने डोमेन में रहना चाहिए, लेकिन मुझे लगता है कि अगर हम एक दूसरे से सीख सकते हैं, तो फिर यह अच्छी बात नहीं होगी।