गणतंत्र दिवस से पहले राजस्थान में बॉर्डर से मौलवी पकड़ा: जैसलमेर में फायरिंग रेंज के पास ATS की कार्रवाई, अब जयपुर में होगी पूछताछ - Jaisalmer News

राजस्थान का यह नया मामला गणतंत्र दिवस से पहले ही घुसपैठियों को पकड़ने की ओर जाता है। शनिवार को तनोट-किशनगढ़ इलाके से एक मौलवी को एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने पकड़ा है, जिसमें पूछताछ का अनुरोध किया गया है। अली खान, बीकानेर में रहने वाला, इस मामले में प्रमुख होने के शक में पकड़ा गया है।

किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज और तनोट माता मंदिर के निकटवर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों को देखने पर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। ATS अब जांच जारी करेगी कि अली खान किसी बड़े 'स्लीपर सेल' का हिस्सा है या सीमा पार जासूसी के नेटवर्क से जुड़ा है।

इस हाल में पहले भी दो ऐसे मामले सामने आए हैं जहां पाकिस्तानी घुसपैठियों को पकड़ा गया था। राजस्थान की सीआईडी इंटेलिजेंस ने जैसलमेर से एक जासूस को गिरफ्तार किया है। हनीफ खान पैसों के लालच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भेज रहा था।

अब एक और नया मामला सामने आया है, जहां DRDO के गेस्ट हाउस मैनेजर महेंद्र प्रसाद को सुरक्षा एजेंसियों ने लेकर जयपुर रवाना किया गया है। अब महेंद्र से जयपुर में सेंट्रल इंटेरोगेशन कमेटी में पूछताछ होगी।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मामला है 🤯। राजस्थान की सुरक्षा बातों पर जोर देने वाली सरकार को अभी भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। काश ये सब लोग अपने घरों में बैठकर नहीं खेलते, तो अच्छा, पाकिस्तानी घुसपैठियों को पकड़ने में इतना समय लगता है? 🙄

जैसे ही जयपुर से महेंद्र प्रसाद ले जाया गया है, मुझे लगता है कि यह सब कुछ एक बड़ी खेल की तरह दिख रहा है। क्या हमारी सरकार वास्तव में सुरक्षा के बारे में गंभीर है, या बस पोल बनाती हुई अपने चेहरे पर ताली बजाना पसंद करती है? 🤔

मैं समझ नहीं पा रहा हूं, क्योंकि हमारी सरकार ने पहले से ही यही कह दिया था कि राजस्थान में घुसपैठियों को पकड़ने के लिए उन्हें बहुत जोर देना होगा। लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो फिर यह सब क्यों? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि इस बार मैं खुश नहीं हूं। हमें अपनी सरकार से उम्मीदें करनी चाहिए, लेकिन अब लगता है कि वे भी अपने खेल को खेल रहे हैं। 🤬
 
अगर पहले तो ऐसा नहीं था, फिर और भी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। राजस्थान का यह नया मामला गंभीर है और सरकार को पूरी देखभाल से इसे सुलझाना होगा। ATS ने पहले तो एक मौलवी को पकड़ा है, और अब अली खान पर शक है। लेकिन अगर सब ठीक है, तो भारतीय नागरिकों को कोई आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सबकुछ सही तरीके से हुआ और किसी भी गलतफहमी में न पड़े। 🤝
 
अगर सच्चाई कही तो ये सब कुछ लोगों के गाली गलौज करने वाले नहीं हैं 🤔। पहले तो राजस्थान में सिर्फ एक छोटा सा मामला सामने आता था, फिर घुसपैठियों की बात कर देते हैं और अब सबकुछ जोर-शोर से कर रहे हैं। 🙄
 
🤔 इस तरह के मामले तो बहुत गंभीर हैं। जासूसी और एंटी-टेररिस्ट गतिविधियों की बात करते समय, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि राजस्थान के पास सीमाएं हैं और हमारा देश सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है। लेकिन फिर भी, ऐसे मामलों में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए कि किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया जाए। ATS को यह जांच करनी चाहिए कि हमारा देश कितना सुरक्षित है और हमें आगे क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए? 🚨
 
मुझे लगता है कि हमारे देश की सुरक्षा एजेंसियों पर इतनी भारी दबाव हो रहा है कि कुछ लोग तो अपने खिलाफ मामले बना देते जा रहे हैं। पाकिस्तानी घुसपैठियों को पकड़ने के नाम पर अब यहां पर हमारे सुरक्षा एजेंसियों का इस्तेमाल कुछ लोगों के खिलाफ भी किया जा रहा है। 🤔

ये तो एक बड़ा सवाल है कि क्या ये मामले वास्तव में पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं या फिर यह कुछ लोगों ने अपने खिलाफ मामला बनाकर सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। 🚨

मुझे लगता है कि हमारे देश की सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को अपने काम की जांच करनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में क्या हो रहा है। 🕵️‍♂️

लेकिन इन सभी मामलों से पहले हमारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी कुछ समस्याएं आ रही हैं। अभी तक मैंने नहीं देखा है कि ये प्लेटफॉर्म पर अपने नियम और नैतिकताओं को लागू करने की कोशिश कर रहा है। 🤦‍♂️

हमें यहां पर अपने विचारों और राय को साझा करने की स्वतंत्रता नहीं मिल पा रही है। हमें ऐसे लोगों के खिलाफ आरोप लगाने के बाद भी अपने विचारों को व्यक्त नहीं कर सकते। 🙄

यह एक बड़ी समस्या है और मुझे लगता है कि अगर हम इसके बारे में बात नहीं करते तो यह कभी समाधान न मिलेगा। 💬
 
यह तो बहुत बड़ा मामला है और हमारे देश की सुरक्षा को लेकर हम सभी चिंतित हैं 🤔🚨। लेकिन मुझे यह विश्वास है कि हमारे सुरक्षा एजेंसियाँ और पुलिस बिल्कुल सही काम कर रही हैं। उनकी रणनीति बहुत अच्छी होगी।

उम्मीद है कि जैसे-जैसे इस मामले में जानकारी सामने आती है, हमें और अधिक समाचार मिलेंगे। तो आइए, इन सभी सुरक्षा एजेंसियों का समर्थन करेंगे और अपने देश की सुरक्षा के लिए लड़ेंगे। 🙏👍
 
अरे दोस्त 🤝, यह तो अच्छा लगता है कि राजस्थान में लोगों ने अपने आसपास की चीजों पर नजर रखी है। पहले से पकड़ा गया अली खान की बात में पाकिस्तानी एजेंसी से जुड़ने का मामला तो बहुत ही गंभीर है, दोस्त 🤔। अगर वास्तव में वह पैसों के लालच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए सैन्य जानकारी भेज रहे थे, तो यह बहुत बड़ा खतरा है। हमें ऐसे लोगों को पकड़ने और उन्हें सजा देने की जरूरत है, दोस्त 💪
 
अरे, यह तो बहुत चिंताजनक है! गणतंत्र दिवस से पहले भी ऐसा कुछ देखने को मिलता है। ATS ने एक मौलवी को पकड़ा है, और अब अली खान पर शक है। लेकिन क्या यही सब इतना बड़ा है?

मुझे लगता है कि हमें अपने सुरक्षा एजेंसियों पर विश्वास करना चाहिए, लेकिन हमें उनकी जांच भी जरूर करानी चाहिए।

कुछ दिन पहले तक मेरा दोस्त ने मुझे बताया था, कि उसके पिता को सीबीआई ने बुलाया था। और वह भी कुछ ऐसा ही हुआ था। तो यह तो एक बड़ा मामला हो सकता है।

मैं इस पर और जानकारी नहीं चाहता, लेकिन यह जरूरी है कि हम अपने देश की सुरक्षा को लेकर सावधान रहें।

प्रेस क्लिप: https://timesofindia.indiatimes.com...unds-to-sell-for-ISI/articleshow/10144293.cms
 
बात तो हो रही है राजस्थान में कुछ गंभीर है 😕। पहले तो हमारा देश स्वतंत्रता की बात करता है, लेकिन जब यह घुसपैठियों के खिलाफ लड़ने की बात आती है तो अचानक से याद नहीं आ रही कि ये कैसे हो रहे हैं। 🤔

जैसे मामला अली खान से तो यह बहुत ही गंभीर है, अगर वाही सच्चाई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भेज रहा था, तो यह बहुत ही खतरनाक है 🔥

और फिर जयपुर में DRDO के मैनेजर महेंद्र प्रसाद को लेकर, यह तो और भी ज्यादा चिंताजनक है 🤯। सेंट्रल इंटेरोगेशन कमेटी में पूछताछ करना एक बड़ा कदम है, और अगर कुछ गड़बड़ी हुई है तो इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए 🔊

राजस्थान में संदिग्ध गतिविधियों की घंटी बज गई है, और अब यह समय है कि हमने अचानक से वाकिफ होना चाहिए। 🕵️‍♂️
 
मुझे याद आ रहा है जब हम बच्चे थे और दादा-दादी हमें कहलाते थे। आज यह सब ऐसी ही काल्पनिक कहानियों जैसा लगता है। ATS पकड़ रहा है, पूछताछ कर रहा है, पाकिस्तानी घुसपैठियों को पकड़ने की बातें कर रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि सब कुछ धीरे-धीरे होता है, एक दिन पूरा होता है। याद आ रहा है जब हमारे देश में आर्थिक संकट था, और फिर उन्होंने सरकार बनाई, और फिर... लेकिन ऐसी बातों को भूल जाना चाहिए।
 
मुझे ये सब बहुत अजीब लगता है 🤔, क्योंकि यह सब तो याद की जाए तो 90 के दशक में भी ऐसा नहीं हुआ था। पाकिस्तानी घुसपैठियों को पकड़ने से पहले हमारे लिए खुफिया एजेंसी कितनी मजबूत थी, यह नहीं पता चलता। और अब DRDO के गेस्ट हाउस मैनेजर को भी पकड़ा गया, तो ये कैसे हो सकता है? 🤷‍♂️
 
वाह 🤯, राजस्थान में बगीचों में भी घुसपैठिये घूमने लगे हैं! पहले था एक मौलवी, फिर अली खान, अब कौन है अगला? 😂 सुरक्षा एजेंसियों को हर दिन नई और नई चुनौतियाँ मिलने लगती हैं... Interesting 🤔
 
अरे दोस्त, यह तो बहुत बड़ा मामला हो सकता है 🤔। राजस्थान के गणतंत्र दिवस से पहले भी घुसपैठियों को पकड़ने की ओर जा रहा है, यह तो अच्छा है सुरक्षा में सुधार के लिए। लेकिन अब जयपुर में डॉ. महेंद्र प्रसाद को लेकर यह मामला सामने आया, तो यह तो बहुत चिंताजनक है। क्या उन्होंने कुछ गोपनीय जानकारी देने की बात कही थी? और अली खान का मामला भी अच्छा नहीं है, वह तो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के शक में पकड़ा गया है। 😬
 
अरे, यह तो बहुत ही चिंताजनक है! क्या हमारे देश में इतने घुसपैठियों के साथ खेल रहे हैं? पहले तो पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ने की बात आती थी, लेकिन अब यह नया मामला आया है कि हमारे सेना से जुड़े लोग भी ISI के लिए काम कर रहे हैं!

क्या हमें अपने देश में ऐसे लोगों को खुलकर ताला मारते हैं या फिर उन्हें पकड़ने की कोशिश करनी चाहिए? और यह तो शायद गणतंत्र दिवस से पहले ही घुसपैठियों को पकड़ने की ओर जाता है! 🤔🚫
 
इस नया मामला तो सचमुच बड़ा है 🤔। पहले की तरह यह भी अल्लाह क्या चाहता है, सिर्फ जासूसी और गुप्त काम लेकर पैसों का दौड़ना। राजस्थान में ये तो पहले ही काफी ज्यादा हुआ है 🚨, संदिग्ध गतिविधियों को देखने पर सुरक्षा एजेंसियों को चिंता होती है। लेकिन एक बार फिर से यह साबित होने की जरूरत है कि इन चालाकों को पकड़ने में भी सरकार की तैयारी है, ATS जैसी एजेंसियां तो निश्चित रूप से अच्छा काम करती हैं।
 
🤔 यह तो एक बड़ा मामला है... अली खान को पकड़ने से पहले तो कई घंटों तक संदेह बना रहता है... क्या कोई सही सबूत था? क्या उन्हें पकड़ने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी? 🤞
 
अरे यार, इस मामले में बहुत बातें भूल गईं तो? पहले भी हमने बताया था कि राजस्थान में घुसपैठियों की समस्या गंभीर है, और अब यह न्यूनतम होने लगी। ATS ने पहले ही किशनगढ़ इलाके से एक मौलवी को पकड़ लिया था, लेकिन फिर भी इतने समय बीतते हुए अली खान को पकड़ने की चिंता बढ़ गई? अरे, यार, पूरी तरह से समझ नहीं आ रहा है।

अब महेंद्र प्रसाद पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और यह बात तो सच में आश्चर्यजनक है। DRDO के गेस्ट हाउस मैनेजर को जयपुर लेकर जाने की व्यवस्था कौन कर रही थी, और अली खान पर भी संदेह करने की क्यों?

मुझे लगता है कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि घुसपैठियों की समस्या को गंभीरता से लेना होगा, और सरकार को इसके समाधान के लिए प्रयास करने चाहिए।
 
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