गरीबों के लिए आधी रात तक बैठ सकता हूं- सीजेआई: जस्टिस सूर्यकांत बोले-मैं यहां सबसे छोटे व्यक्ति के लिए हूं; मेरी कोर्ट में लग्जरी केस नहीं

अरे ये तो बहुत अच्छा बयान सुनकर रिलीफ हुआ 🙌। मुझे लगता है कि ऐसा सीजेआई ने कहा होगा, लेकिन फिर भी यह पूरा देश सुरखिंद हो रहा है। लोकतंत्र में तुम्हारे पैसों और समय पर रोक लगनी नहीं चाहिए, लेकिन तुम्हारे वोट और आवाज को ध्यान में रखना जरूरी है।

आपको मानते हुए, अगर जरूरत पड़े, तो सीजेआई जी आधी रात तक बैठ सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सब खदेडने जाएंगे। हमें अपने देश की अदालतों में फिकर न करना चाहिए, बल्कि उनके लिए अपनी भागीदारी और समर्थन देना चाहिए।
 
अरे, तो सीजेआई ने कहा कि अगर जरूरत पड़े, तो वह आधी रात तक अदालत में बैठ सकते हैं। यह बहुत अच्छा बयान है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे अदालत के पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठेगा। अगर जरूरत पड़े, तो हमेशा आधी रात तक बैठकर मामलों का निर्णय लेना सही नहीं है। इसके बजाय, अदालतों को सुधारने और न्यायिक प्रक्रिया को लचीला बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
 
राज्य सरकार से युवाओं को रोजगार के अवसर देने का वादा, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ। अगर जस्टिस सूर्यकांत ने अपनी अदालत में आधी रात तक बैठने की बात कही, तो यह कोई बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन वही युवाओं के लिए रोजगार का वादा करने से पहले कुछ काम करना चाहिए। 🕰️
 
जस्टिस सूर्यकांत जी का यह बयान तो बहुत ही रोचक है 🤔। अगर जरूरत पड़े, तो वे आधी रात तक अदालत में बैठ सकते हैं? यह तो हमारे देश के न्यायपालिका की स्थिति को दर्शाता है। अगर वे इस तरह की भावना रखते हैं, तो फिर कैसे सुनिश्चित करेंगे कि सबकुछ न्यायसंगत तरीके से चलता रहेगा? 🤝 यह हमारे देश की प्रगति को कहाँ ले जाएगा?
 
अरे, ये तो बहुत अच्छी बात है जस्टिस सूर्यकांत जी ने कहा है। उनका बयान सच में बहुत ही प्रेरक है, खासकर जब वे अपनी अदालत में सबसे गरीब लोगों के लिए खड़े हो रहे हैं। लेकिन फिर भी, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सीजेआई की बातें हमेशा बड़ी-बड़ी परवाह नहीं करती हैं और वे अपने मामलों को बहुत ही रूखेपन से देखते हैं।

तो शायद, इस बयान के पीछे कुछ और भी हो सकता है, जैसे कि यह एक राजनीतिक प्रयास है या वे बस अपनी अदालत की मुश्किलों से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन फिर भी, हमें उनकी बात सुनने और उनसे सीखने की जरूरत है, खासकर जब वे ऐसे बयान देते हैं जो हमारे समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। 🤔
 
मुझे लगता है कि सीजेआई का बयान बहुत ही प्रेरक है। अगर जरूरत पड़े, तो उन्होंने खुलकर कहा है कि वह अपनी अदालत में आधी रात तक बैठ सकते हैं। यह बहुत ही अच्छा दिखता है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बयान फिलहाल थोड़ा स्पष्ट नहीं है।

अगर उनकी अदालत में ऐसा होना पड़े तो जरूरी है कि वे सबसे पहले उसके खिलाफ दोषी पाए गए मामलों की जांच करें। फिर उन्हें आधी रात तक बैठने की जरूरत नहीं होगी।

लेकिन यह बयान मुझे लगता है कि सीजेआई ने अपनी अदालत को बहुत ही महत्वपूर्ण बनाया है। अब तो हमें उनकी अदालत में ज्यादा ध्यान देना चाहिए और उनके फैसलों पर विश्वास करना चाहिए।
 
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