अरे ये तो बहुत अच्छा बयान सुनकर रिलीफ हुआ
। मुझे लगता है कि ऐसा सीजेआई ने कहा होगा, लेकिन फिर भी यह पूरा देश सुरखिंद हो रहा है। लोकतंत्र में तुम्हारे पैसों और समय पर रोक लगनी नहीं चाहिए, लेकिन तुम्हारे वोट और आवाज को ध्यान में रखना जरूरी है।
आपको मानते हुए, अगर जरूरत पड़े, तो सीजेआई जी आधी रात तक बैठ सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सब खदेडने जाएंगे। हमें अपने देश की अदालतों में फिकर न करना चाहिए, बल्कि उनके लिए अपनी भागीदारी और समर्थन देना चाहिए।
आपको मानते हुए, अगर जरूरत पड़े, तो सीजेआई जी आधी रात तक बैठ सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सब खदेडने जाएंगे। हमें अपने देश की अदालतों में फिकर न करना चाहिए, बल्कि उनके लिए अपनी भागीदारी और समर्थन देना चाहिए।