इंदौर के बाद गांधीनगर में दूषित पानी, 104 बच्चे बीमार: अस्पताल में नए वार्ड खोलने पड़े; पाइप लाइन में लीकेज से पानी में सीवेज की गंदगी मिली

दिलचस्प बात यह है कि गांधीनगर में दूषित पानी से पहले इंदौर में भी 16 मौतें हो चुकी हैं। इंदौर की तरह ही, गांधीनगर में भी शहर के सेक्टर-24, 28 और आदिवाड़ा इलाके के लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

दिलचस्प बात यह है कि गांधीनगर में दूषित पानी से पहले इंदौर में भी 16 मौतें हो चुकी हैं। इंदौर की तरह ही, गांधीनगर में भी शहर के सेक्टर-24, 28 और आदिवाड़ा इलाके के लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

दिलचस्प बात यह है कि गांधीनगर में दूषित पानी से पहले इंदौर में भी 16 मौतें हो चुकी हैं। इंदौर की तरह ही, गांधीनगर में भी शहर के सेक्टर-24, 28 और आदिवाड़ा इलाके के लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

प्रशासन ने पानी की सप्लाई जांची तो 10 जगह लीकेज मिले। स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों की लागत से बिछाई गई नई पाइपलाइन में यह लीकेज थी।

देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा में भी दूषित पानी से अब तक 16 मौतें हो चुकी हैं। 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। अलग-अलग हॉस्पिटल के ICU में भर्ती लोगों को एक जगह शिफ्ट किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि यदि पानी की वजह से लोगों की मौत हो रही है तो यह गलत है। वहीं, इंदौर नगर निगम और सरकार को तत्काल अतिरिक्त पानी के टैंकर भेजने का आदेश दिया है।
 
😕 गांधीनगर में दूषित पानी से लोगों की 16 मौतें हो चुकी है तो इंदौर में भी लोगों की 16 मौतें हो चुकी हैं? यह तो बहुत दुखद है 🤕। और ज्यादा बुरा है कि प्रशासन ने पानी की सप्लाई जांची तो लीकेज मिली, तो स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों की लागत से बनाई गई नई पाइपलाइन में यह लीकेज थी... 🤔। क्या सरकार ने हकीकत नहीं समझी? देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर भी इस तरह की समस्या से गुजर रहा है। 😩
 
"जिस रिश्ते में बिना लड़ाई से सही मायने नहीं आती, उस रिश्ते में वफादारी मायने रखती है" 🤝💧
 
🚽😷 गांधीनगर में 16 मौतें होने से पहले इंदौर में भी लोगों को बीमार होने की समस्या थी। इससे प्रभावित इलाकों में लोगों को जीवन के हर पल खतरा लगता है। प्रशासन द्वारा की गई जांच से पता चला है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाई गई नई पाइपलाइन में लीकेज हुई थी। यह तो बहुत बड़ी समस्या है, लेकिन यह देखकर बेचैनता करनी चाहिए ना। सरकार और नगर निगम को तत्काल इस समस्या से निपटने के लिए कदम उठाने चाहिए।

नई पाइपलाइन में त्रुटि से दूषित पानी से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इससे कई परिवारों को अपना सिर्फ पैसा खोना पड़ेगा।

इस तरह की समस्याएं हमेशा तब होती हैं जब सरकार और नगर निगम द्वारा नए परियोजनाओं में कम से कम सावधानी बरती जाती है। हमें इन समस्याओं से सबक लेना चाहिए और आगे भी ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए कड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
 
वाह, ये बहुत बुरी बातें है जो सामने आई है गांधीनगर में। 16 मौतें क्यों हुईं? और इंदौर में भी इस तरह की समस्या कैसे हो पाई? प्रशासन ने पाइपलाइन जांची तो इतनी लीकेज मिली, लेकिन क्या कोई व्यक्ति रिमंड नहीं किया गया? 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, यह बहुत दुखद है। क्या हमारे शहर को ऐसा स्वच्छ बनाया जा सकता है? 🤕

मेरे पास एक दोस्त है जिसका पता गांधीनगर के आदिवाड़ा इलाके में है, वह कहती है कि वह अपने पड़ोसियों से नहीं बात करती क्योंकि उसे लगता है कि हमारे पास ताजा पानी की समस्या है। लेकिन आज सबको पता चल गया है कि यह सच है।

मुझे लगता है कि हमें अपने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए एकजुट होना चाहिए और इस तरह की समस्याओं का समाधान ढूंढना चाहिए। 🌎
 
Wow 🤯, 10 जगहों पर लीकेज मिली तो प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। 16 मौतें हो चुकी हैं तो इससे गंभीरता से निपटना होगा। 🚨
 
[Image of a person drinking from a polluted water bottle with a "😷" emoticon]

[Video of a pipeline bursting with a "💧" splash GIF]

[Image of a smart city logo with a red "X" marked through it and a "😒" emoticon]

[Quoteless response]
 
यह तो बहुत बड़ा विसर्जन है! गांधीनगर में भी इंदौर जैसा ही दुष्प्रभाव देख रहे हैं। यह सिर्फ दो शहरों की बात नहीं है, पूरा राज्य साफ-सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। सरकार को जल संसाधनों की गंभीरता समझनी चाहिए, पानी संकट में तुरंत मदद करनी चाहिए। 150 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं? यह बहुत ही दुखद बात है!
 
वाह, ये तो बिल्कुल सही की गई संख्या 16 है। लगता है कि मुख्यमंत्री की सरकार ने इस मामले पर ध्यान नहीं रखा। लेकिन देखिए, यह एक बड़ी चीज है कि प्रशासन ने पानी की सप्लाई जांची। और अब स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों की लागत से बनाई गई नई पाइपलाइन में लीकेज मिली। तो शायद यह एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा है लेकिन हमें उम्मीद रखनी चाहिए कि जल्द ही सभी इलाज मिलने देंगे।
 
पानी की मुश्किल से जुड़े लोगों के दुःख को समझना ही चाहिए। अगर सरकार और नगर निगम वास्तव में प्रगति करना चाहते हैं तो इस तरह के मुद्दे पर ध्यान देना होगा।

शहर सेक्टर 24, 28 आदिवाड़ा इलाकों के लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है। अगर हमारा देश सही तरीके से प्रबंधित हो तो यह कभी नहीं हुआ होता।

प्रशासन ने पाइपलाइन में लीकेज की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। इस तरह की गलतियों को बुरी तरह से समझना और बदलना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।
 
बिलकुल ये बात सच है 🤔। 16 मौतें इंदौर की तरह ही गांधीनगर में हो रही हैं, यह सुनकर बहुत दुख होता है ❤️। पानी की सप्लाई जांचने पर लीकेज मिली, तो यह तो बहुत बड़ी चूक है 🤦‍♂️। सरकार को तुरंत काम करना चाहिए और लोगों की मदद करनी चाहिए। भागीरथपुरा में 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, यह तो बहुत दुखद स्थिति है 😔

स्मार्ट सिटी योजना जैसे हाई-टेक निवेश करने के बावजूद पानी की समस्या सुलझने में विफल रहे, यह समझना चाहिए कि पानी की समस्या किसी भी शहर में हो सकती है, इसलिए सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
 
यह तो बहुत ही दिलचस्प बात है कि अगर हम अपने शहर को साफ कर लें तो पहले से 16 मौतें नहीं होती। 😂 अब यारों की पानी की समस्या इतनी गंभीर हो गई कि मध्य प्रदेश की हाईकोर्ट भी इसके बारे में खुश है। 🙄 और फिर से, हमें समझना होगा कि अगर एक शहर में 10 जगहों पर लीकेज लग गई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार की योजनाएं गलत थीं, बल्कि पाइपलाइन बनाने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए। 🤔
 
तो ऐसा लगता है गांधीनगर में साफ पानी नहीं मिल रहा, तो इंदौर में भी 16 लोग मर गए, यार तो यह बहुत बड़ी बात है! प्रशासन ने पाइपलाइन की जांच की तो 10 जगह लीकेज मिली, तो यह कैसे संभव? और गांधीनगर के इलाकों में भी लोग मारे गए, खेद है उनकी परिस्थिति

अब तक प्रशासन ने क्या किया? 150 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं तो यह बहुत बड़ी समस्या है, मेडिकल फाउंडेशन और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए, यार!

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर फटकार लगाई है, लेकिन शायद इसके बाद भी जागरूकता नहीं होगी, हमें अपने शहरों को साफ रखना होता है!
 
पानी से मिलने वाली चोटें बहुत गंभीर है 🤕😨। राज्य सरकार को अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, पाइपलाइन में सुधार करना चाहिए । 150 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं! 🚑💉, यह तो भयानक है
 
मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा मुद्दा है... 🤔
वाह! 16 मौतें कितनी हुईं?

[ASCII art: एक लाइन जिसमें 16 नंबर हैं]
_ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _

तो सिर्फ इंदौर नहीं बल्कि गांधीनगर में भी ऐसा हुआ... दिलचस्प क्या?

[ASCII art: एक पाइपलाइन जिसमें तीन लीकेज हैं]
_______ _______ _______
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| लीकेज | | |
|_________| |_____|
तो स्मार्ट सिटी योजना कितनी बुरी हुई?

[ASCII art: एक गन्ना जिसमें 10 चीज़ें हैं]
_______ _______ _______
| | | |
| निर्माण | | |
|_________| |_____|
| लीकेज | | |
|_________| |_____|
तो करोड़ों की लागत से बिछाई गई नई पाइपलाइन में यह लीकेज थी?

मुझे लगता है कि प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान ढूंढना चाहिए... 🤞
हमारे शहरों की स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में हमें अधिक जागरूक रहना चाहिए... 💚
 
दिलचस्प बात है, इंदौर में सेक्टर-24, 28 और आदिवाड़ा इलाकों में लीकेज तो 10 जगह पर मिली, फिर भी पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि 16 मौतें हो चुकी हैं। ये शहर जिसे स्वच्छता के मामले में देश का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता था, अब यहाँ भी पानी की समस्या फैल रही है। लेकिन सरकार ने तो पहले ही शहर के लिए स्मार्ट सिटी योजना बनाई, जिसमें करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया।
 
🚽 16 मौतें! गांधीनगर और इंदौर दोनों ही शहरों में लीकेज की वजह से लोगों की जान गिर रही है... यह तो बहुत ही चिंताजनक बात है। 🤔

मुख्य रूप से, यह एक प्रशासनिक शिकायता है, न कि सरकार की। भारत में स्वच्छता पर बहुत जोर दिया जाता है और ये ऐसी बात है जिस पर हम सब को ध्यान देना चाहिए। 🚮

गांधीनगर और इंदौर के लोगों की बीमारी की वजह से 16 मौतें... यह एक बड़ी संख्या है। शहर के प्रशासन ने पहले भी कई पाइपलाइन में लीकेज की समस्या को देखा था, लेकिन इसने इन्हें ठीक नहीं किया। यह बहुत ही बुरा निर्णय साबित हुआ। 🤦

भारत में स्वच्छता पर बहुत जोर दिया जाता है और हमें अपने शहरों को साफ रखना चाहिए। प्रशासन को लीकेज की समस्या को जल्द से जल्द ठीक करना चाहिए। यह सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। 🤝

भारत में 16 मौतें! यह एक बहुत ही गंभीर मामला है... प्रशासन को नियमित रूप से शहरों की जांच करनी चाहिए ताकि हम ऐसे मामलों से बच सकें। 🚨

पाइपलाइन में लीकेज की समस्या... यह एक बड़ी समस्या है और इसका समाधान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। प्रशासन को इसे ठीक करने के लिए 10 जगहों पर लगातार जांच करनी चाहिए। 🚽

16 मौतें! यह एक बहुत ही गंभीर मामला है। हमें अपने शहरों को साफ रखने का प्रयास करना चाहिए और प्रशासन को इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करना चाहिए। 🤝
 
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