ईरान में फंसे भारतीय स्टूडेंट, पैसे खत्म, हॉस्टल में कैद: फैमिली बोली- बच्चे चावल नहीं खरीद पा रहे, सरकार कह रही खुद टिकट खरीदो

ईरान की बढ़ती महंगाई ने और भारतीय स्टूडेंट्स को इस देश में फंसा लिया है। तेहरान यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही अनीका जान ने अपने परिवार को बताया कि वहां महंगाई की वजह से प्रदर्शन हो रहे हैं और इंटरनेट, मोबाइल सेवा बंद है।

उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने अनीका की मदद करने की अपील की है, लेकिन इंडियन एंबेसी नहीं कर रही है इसकी मदद। श्रीनगर में रहने वाले अब्दुल हमीद कहते हैं कि बैंक बंद हैं, बच्चों के पास पैसे खत्म हो गए हैं। रोजमर्रा के सामान खरीदना मुश्किल है।

भारतीय नागरिकों को ईरान नहीं जाने की सलाह दी गई है और केंद्र सरकार ने भारतीयों को एयरलिफ्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू किया था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया है।
 
अरे, ईरान में महंगाई बहुत बढ़ गई है तो? यह तो भारतीय छात्रों के लिए बहुत मुश्किल होगी। अनीका जी की कहानी सुनकर तो दिल दुखा गया। परिवार की मदद करने की अपील तो फेल हो रही है? और इंडियन एंबेसी भी नहीं कर रही है? यह तो बहुत शर्मनाक है। श्रीनगर में बच्चों के पास पैसे खत्म हो गए हैं? रोजमरा के सामान खरीदना मुश्किल हो गया है? तो क्या कर सकते हैं?
 
ईरान में बैठे भारतीयों को ऐसी खबर सुनने पर हैरत होती है कि क्या वास्तव में हमारे देश के बच्चे तहरान यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस पढ़ रहे हैं? 🤦‍♂️

तो जो सुनकर अच्छा लगा, वो बिल्कुल नहीं बन गया। इराण में महंगाई की वजह से प्रदर्शन हो रहे हैं और लोगों को अपने परिवार के लिए पैसे निकालने में इतनी दिक्कत हो गई है कि वह बैंक खोलकर पैसे लेने नहीं आ रहे हैं। 🤑

और तो भी, इंडियन एंबेसी भारतीयों की मदद करने के लिए तैयार नहीं है। अच्छा मानिए, अगर हमारे देश से जितने विदेश गए हैं, वह सभी चौका मारने आएंगे। 🙄

इसीलिए सरकार ने ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू किया, लेकिन तो यह भी कुछ नहीं बन पाया। शायद हमें अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ने की जगह घर पर ही पढ़ाई करनी चाहिए। 🤓
 
बिल्कुल सही क्या किया? पहले ईरान में बड़ी समस्याएं नहीं होनी चाहिए, फिर भी बढ़ती महंगाई और बंद इंटरनेट कैसे हो सकते हैं? शायद सरकार की मदद से नहीं हुआ, बल्कि ईरान वाले लोगों ने अपना देश अच्छा बनाने में इतनी धीमी रहनी चाहिए थी।

लेकिन फिर भी, हमें अपने परिवार की जरूरतों को समझना होता है और उनकी मदद करनी होती है। लेकिन इंडियन एंबेसी ने ऐसी कोई बात नहीं कही थी कि हम उनकी मदद करें, और अब पूरे देश में छोटे-मोटे परिवार खुद पर भरोसा करते हैं? शायद हमें अपने परिवार को भारत लाने पर विश्वास करना चाहिए।
 
मैं समझ नहीं पाया कि इंडियन एंबेसी क्यों ना मिल रहा है अनीका जान को मदद, तो क्या वे भारतीय नागरिकों के लिए सेवाएं स्थगित कर दीं? 🤔

मैंने अपनी छोटी बहन की पढ़ाई के लिए भी इतना पैसा नहीं खर्च किया, और वह विदेश में ही पढ़ रही थी। तो मुझे लगता है कि सरकार को जरूरत की मदद करने के लिए कुछ सोच लेनी चाहिए। 🤷‍♂️

मैंने अपने दोस्त की बहन ने भी ईरान जाने की कोशिश की, लेकिन वहां की महंगाई और राजनीतिक स्थितियों ने उन्हें वापस आने पर मजबूर कर दिया। तो मुझे लगता है कि सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा और मदद करने के लिए एक गंभीर मंतव्य बनाना चाहिए। 💡
 
ईरान में तेजी से बढ़ती महंगाई को देखकर मन में एक बात आती है कि दुनिया किसी भी देश में भी ऐसे दिन आ सकते हैं जैसे हमारे। लेकिन ईरान की स्थिति को देखते हुए यह तो बहुत बड़ी चिंता की बात है कि वहां के छात्रों और परिवारों को ऐसी स्थिति में रखा गया है। क्या हमें ईरान में शिक्षा प्राप्त करने वाले भारतीय छात्रों की मदद न करें, तो इससे बड़ी समस्या नहीं होगी।
 
बड़े बड़े देश में छोटे से व्यक्ति पर पड़ने वाली गरीबी की बात तो हम सभी जानते हैं 🤔

मुझे लगता है कि सरकारों को हमारे लिए एयरलिफ्ट करने वाली सेवाएं देने के बजाय, हमें अपने घरों में से बाहर निकलने के लिए मौके देने चाहिए।

इस तरह हम अपने आप ही समाधान ढूंढते हैं और किसी अन्य की मदद नहीं लेते।
 
बेटा, ईरान में तो पैसे खरीदने में भी मुश्किल हो गई है और भारतीय स्टूडेंट्स को वहां फंसा लिया जा रहा है। यह बहुत दुखद है, हमें अपने परिवारों को सुरक्षित रखने की जरूरत है... 🤕

क्या मोदी जी और सरकार ने सोचा था कि भारतीय स्टूडेंट्स को ऐसा क्या करना पड़ेगा? हमें अपने देश के बच्चों की बेहतरी का ख्याल रखना चाहिए... 🤝

अब तेहरान में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद होने से भारतीय स्टूडेंट्स को और भी ज्यादा परेशानी होगी। हमें उन्हें मदद करनी चाहिए, लेकिन सरकार द्वारा कोई सहायता नहीं मिल रही... 😔

हमें अपने देश के बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूर सोचते हुए काम करना चाहिए। 🤝
 
ईरान में भारतीय स्टूडेंट्स की समस्या समझने से पहले, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यूरोप और अमेरिका में भी कई छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए परिवार की मदद करनी पड़ती है! तो ईरान में भी ऐसा होने की उम्मीद नहीं है। और क्या हम अपने देश में भी इस तरह की समस्याओं को नहीं देखते?
 
😒 ईरान में फंसे भारतीय विद्यार्थियों की समस्या बहुत बड़ी हो गई। यह तो एक तरफ़, तेहरान यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस पढ़ाई कर रही अनीका जान की कहानी सुनने में दिल दुखाया। वो परिवार को बात करते हुए बता रही थी कि वहां महंगाई की वजह से प्रदर्शन हो रहे हैं और इंटरनेट, मोबाइल सेवा बंद है।

लेकिन यह तो दूसरी तरफ़, श्रीनगर में रहने वाले अब्दुल हमीद की कहानी भी बहुत दुखद है। वह कहते हैं कि बैंक बंद हैं, बच्चों के पास पैसे खत्म हो गए हैं। रोजमर्रा के सामान खरीदना मुश्किल है।

😡 यह तो एक बड़ी समस्या है। भारतीय नागरिकों को ईरान नहीं जाने की सलाह दी गई है और केंद्र सरकार ने भारतीयों को एयरलिफ्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू किया था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया है। यह तो किसी भी तरह से मदद नहीं कर रहा। 🤦
 
🤔 ईरान की महंगाई ने बिल्कुल भारतीय स्टूडेंट्स को प्रभावित किया है, यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर कोई विचार नहीं कर रहा है। 📈 सरकार ने भारतीयों की मदद करने के लिए 'ऑपरेशन स्वदेश' शुरू किया था, लेकिन अब इसको स्थगित कर दिया गया है, यह बिल्कुल सही नहीं है। 🤷‍♂️

आजकल ईरान में सब कुछ महंगा हो गया है, छात्रों को अपने परिवार के लिए पैसे इकट्ठा करना मुश्किल है, बैंक बंद हैं, और बच्चों के पास पैसे खत्म हो गए हैं। 🤑 यह एक बहुत बड़ा सामाजिक समस्या है जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर और गहराई से विचार करने की जरूरत है, और हमें इस समस्या से निपटने के लिए एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। 💪
 
तेरहान में तो वास्तव में ऐसी स्थिति हो गई है जैसे वहां कुछ भी खरीदने के लिए पैसे नहीं मिल रहे। बैंक खत्म, इंटरनेट बंद... यह तो हमारे देश के बच्चों का सपना होनी चाहिए। सरकार को तुरंत इस समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। 'ऑपरेशन स्वदेश' तो वास्तव में एक अच्छा विचार था, लेकिन अब इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है। हमें अपने देश के बच्चों की मदद करनी चाहिए, जो कि ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं।
 
अरे, ये तो ईरान की आर्थिक समस्याएं ही नहीं, हमारे भारतीय नागरिकों की स्थिति को भी और खराब कर रही हैं। क्या सरकार को पता है कि हमारे परिवार वाले भी वहां पढ़ाई कर रहे हैं? तो फिर क्यों इंडियन एंबेसी नहीं मदद कर पा रही है? यह सुनकर हैरान हूँ, और किसी ने नहीं सोचा कि हमारे बच्चों की मदद करने के लिए सरकार को तैयार होनी चाहिए? 🤔
 
अरे, ईरान में सबकुछ तो खराब हो गया है 🤕, भारतीय स्टूडेंट्स की सेहत पर नज़र रखिए। सरकार ने ऑपरेशन स्वदेश शुरू किया था, लेकिन वाह, अब वह स्थगित कर दिया गया है। क्यों? 🤔, यह तो समझ नहीं आ रहा है कि बाकी देशों में भारतीयों की मदद करने के लिए कुछ नहीं कर सकते। पासपोर्ट पर इस्तेमाल न करने वाले स्टूडेंट्स की जिंदगी तो और कैसे हो सकती है? 😕, कोई भी ऐसा कुछ जरूर कर देना चाहिए।
 
अरे, ये बहुत दुखद स्थिति है... ईरान में तो कोई भी चीज़ महंगी हो गई है, और वहां के लोगों की जिंदगी कैसे होगी, यह तो सोचा नहीं हो सकता। भारतीय स्टूडेंट्स को ऐसी परिस्थितियों में फंसना बिल्कुल सही नहीं है। और अब देश में ऐसी स्थिति पैदा करने वाली सरकार, तो उनकी जिम्मेदारी भी होती है।
 
बेटी, ईरान में ऐसी स्थिति तो बहुत भयंकर हो गई है 🤕। मुझे लगता है कि सरकार को जरूरतमंदों की मदद करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म बनाना चाहिए ताकि वे अपने परिवार की मदद कर सकें। लेकिन यह तो सरकार की जिम्मेदारी है, ना कि हमारी। बेटी, हमें बस सच बताने और अपने देश में कुछ अच्छा बनाने की उम्मीद रखनी चाहिए 🌟
 
ईरान में बढ़ती महंगाई की समस्या एक बड़ा मुद्दा बन गई है... तो फिर सरकार ने ऐसी परिस्थितियों में अपने नागरिकों की मदद करने का प्लैन नहीं बनाया? यह तो भारतीय विदेश मामलों पर पूरी तरह से अनजानी है... और इंडियन एंबेसी का क्या जवाब है? हमारे देश में गरीबी और बेरोजगारी की समस्या नहीं है, तो फिर नागरिकों को ऐसी परिस्थितियों में मदद करने का प्लैन बनाना चाहिए...
 
अरे, ईरान में बहुत ज्यादा महंगाई हो गई है तो? 🤯 भारतीय स्टूडेंट्स फंस गए हैं और उनकी मदद नहीं की जा रही है? 🙄 यह बुरा है तो? 👎 हमारे देश में पैसा खर्च करना मुश्किल होना चाहिए, ना? 😔 स्थानिक व्यवसायों को सहारा देना चाहिए। 👍
 
ਪੁਰਾਣਾ ਸਮਝੋ, ਜੀਵਨ ਦੇ ਬਹੁਤ ਚੁੱਕੀਆਂ ਉਡਾਏ ਅਤੇ ਲੈਣ ਵਿੰਦ ਕਰੋ। ਇਸ ਗੱਲ 'ਤੇ, ਜਿਹੜਾ ਭੀ ਮਨੁੱਖ ਆਪਣੇ ਬੈਂਚਮਾਰਕ ਦੇ ਅੰਦਰ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਉਸ ਨੂੰ ਖ਼ਰਾਬ ਮਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਬਚਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ, ਪੁਰਾਣੇ ਮਿੱਤਰਾਂ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜੀ ਰੱਖਣ ਦੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ।
 
महंगाई की वजह से ईरान में बहुत परेशानी हो रही है 🤕। भारतीयों को जाने की सलाह दी गई है, लेकिन कई तो फंस गए हैं और अब उनके परिवारों को भी परेशानी हो रही है। इसके बाद, सरकार ने 'ऑपरेशन स्वदेश' शुरू किया था, लेकिन अब वह स्थगित कर दिया गया है... मुझे लगता है कि सरकार को तुरंत इस पर विचार करना चाहिए और भारतीयों की मदद करनी चाहिए 🤝
 
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