बात बोलिए, ये तेज हवाएं और ओलावृष्टि की चेतावनी सुनकर मुझे लगता है कि मेरे पिताजी की खेती करने वाले पड़ोसी को अभी भी अपने फसलों की देखभाल करनी पड़ती थी। उनकी बागीची में हर साल बर्फबारी और ओलावृष्टि होती, तो वह हमेशा अपनी-अपनी चिंता कर लेते।
अब, अगर प्रदूषण के स्तर में गिरावट आती है तो शहर की भीड़-भाड़ कम होगी और लोगों की सेहत में सुधार हो सकता है, तो यह बिल्कुल सही है। मैंने अपने बचपन में दिल्ली की हवा बहुत साफ थी, लेकिन अब वहां की भीड़-भाड़ और प्रदूषण ने हमेशा से बदतर होती गई है।
किसानों को अपनी-अपनी फसलें बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे, लेकिन मुझे लगता है कि सरकार द्वारा उनके लिए कोई सहायता योजनाएं शुरू करनी चाहिए।