‘इस समाज ने सदियों से देश को सिर्फ दिया है’, अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा अधिवेशन में बोले अमित

अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा अधिवेशन में, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने समाज के योगदान को सराहना करते हुए कहा, "मैं आज ऐसे समाज के सामने खड़ा हूं, जिसने सिर्फ आज नहीं बल्कि सदियों से इस देश को देने का ही काम किया है। माहेश्वरी समाज से निकले रत्नों ने भारत को आभूषणों से सजे व्यक्ति की तरह चमकाने का काम किया है."
 
बात करते रहते हैं माहेश्वरी समाज की, यार ज्यादा प्रभावशाली न हो तो भारत कैसे बनेगा? सिर्फ ज्यादातर लोग उनकी बेटियों को शादी देते हैं और फिर ज्यादा कुछ नहीं करते, पर माहेश्वरी समाज की लड़कियां तो अच्छाई की लड़ाई लड़ती हैं, खुद परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारती हैं और फिर भी दूसरों की मदद करती हैं।
 
मुझे ये समाचार बहुत प्यारा लगा, माहेश्वरी समाज के लोग ने देश को आभूषणों से सजाया है, वे सब रत्न हैं 🌟😊 और उनके समाज से निकलने वाले लोग भारत की आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं, यह तो बहुत प्रेरणादायक है 💪, मुझे यकीन है कि अमित शाह जी ने सही कहा, हमारा देश ही विश्व में एक सुंदर आभूषण बन गया है, और माहेश्वरी समाज के लोग उसको चमकाने में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं 🙏💫
 
मुझे लगता है कि जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, हमारी दुनिया में जो सामाजिक परिवर्तन आ रहे हैं वे तो बहुत अच्छे और फायदेमंद हैं, लेकिन जब भी ऐसा कुछ होता है तो हमें अपने आप को पलटकर देखने की जरूरत है। क्या हम वास्तव में जानते हैं कि हमारी सामाजिक सुधारों के नतीजे कैसे पड़ेंगे। क्या हमने कभी सोचा है कि हमारी योजनाओं और परिवर्तनों के अंतिम में कौन होता है? मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा सवाल है।
 
मुझे लगता है कि माहेश्वरी समाज की इस बारे में खूब बातें हो रही हैं लेकिन कुछ निश्चित है यही कि उनका योगदान हमारे देश को देखने का एक नया दृष्टिकोण देता है। मुझे लगता है कि जिस तरह से अमित शाहजी ने कहा है कि माहेश्वरी समाज ने सदियों से इस देश को देने का काम किया है, वैसे ही मुझे भी लगता है। लेकिन अभी तक जब तक हमारे समाज के योगदान को सरकार से प्रमाणित नहीं किया गया, तब तक उनका इस देश को आभूषणों से सजे व्यक्ति की तरह चमकाने का काम करने की बात सुनकर भी मुझे थोड़ा संदेह है।
 
मैंने माहेश्वरी समाज के बारे में पढ़ा और मुझे लगता है कि ये समाज हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन मुझे लगता है कि सरकार को भी अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और माहेश्वरी समाज को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए। तभी हम उनका सही मूल्यांकन कर सकते हैं और जानने की कोशिश कर सकते हैं कि वे हमारे देश को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं। 🤔
 
🌟 मैं तो ये सोच रहा था कि अमित शाह जी ने फिर से खेल लिया है, लेकिन पढ़कर अच्छा लगा कि वे सचमुच समाज के योगदान को सराहना कर रहे हैं। माहेश्वरी समाज से जुड़े लोगों की कहानियाँ और उनके संघर्ष को देखकर मुझे खुशी होती है। यही तो हमारे देश को आगे बढ़ाने का तरीका है - अपने रिस्तेदार, पड़ोसी, और समुदाय को समझने की कोशिश करना।
 
मैंने देखा तो यह खास बात नहीं है कि माहेश्वरी समाज के लोग जितनी समय से इस देश की मदद कर रहे हैं उनका और क्या आभार? वे उतने ही भाईसाहब पुराने जमाने से ही तैयार कर रहे थे कि हमें आज यह समझने को मिल जाए कि देश कितनी अच्छा हुआ है उनकी मेहनत से।
 
माफ़ करें, लोगों की सच्चाई सुनने में थोड़ा अजीब लगता है। माहेश्वरी समाज को ऐसा ही प्यार और प्रशंसा देना अच्छा है, जितना वास्तविक योगदान से कहा जाता है। मुझे लगता है कि कुछ लोग इस पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके बाद क्या कहना? 🤔
 
अमित शाह जी की बात सही है, लेकिन क्या हमने माहेश्वरी समाज को पूरी तरह से आभार दिया? 🤔 उन्होंने भारत को आभूषणों से सजाया है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने देश को जोड़ने वाली रेत खींचने वाले महान लोगों का श्रेय भी देना चाहिए। 🌈
 
मैं तो लोगों को लगता है कि माहेश्वरी समाज के लोग पूरी दुनिया में जाकर सोना इकट्ठा करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वे अपने छोटे से इलाके में खुद को एक बड़ा सा बाजार बना लेते हैं। और फिर भी उन्होंने इतनी अच्छाई की कि निकले रत्न भारत को चमकाने का काम कर दिया। तो मैं यह कह सकता हूँ, अगर हमारे देश में और भी ज्यादा ऐसे लोग होते तो कुछ अलग ही दृश्य दिखाई देता। 🤔
 
अरे, ये अच्छी बात है कि अमित शाह जी ने महेश्वरी समाज का सराहना किया है। मुझे लगता है कि सरकार से जुड़े लोगों को यह पहचानने में थोड़ी देर लग जाती है कि हमारे देश में इतने सारे अच्छे लोग हैं जो सामाजिक और आर्थिक तरीके से हमें आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। पुराने समय से महेश्वरी समाज ने अपना योगदान दिया है, लेकिन उनकी पहचान अब भी नहीं हो पाई क्योंकि लोग उन्हें बाहरी और अलग मानते हैं… 🤔
 
मुझे यह खब्र बहुत अजीब लगी की माहेश्वरी समाज के पास कोई खास सुविधा या प्राधिकरण नहीं है। तो फिर अमित शाह जी ने कहा कि समाज ने सदियों से देश को देने का काम किया, लेकिन मैं सोचता हूँ की सरकार तो हमेशा से ही यही कहना करती रही की माहेश्वरी समाज में हिंदू महिलाओं के बारे में सब कुछ शुद्ध और पवित्र है। लेकिन अगर सचमुच वे इतने बड़े योगदान देने वाले हैं तो फिर सरकार उन्हें क्यों नहीं स्वीकार कर रही? यह बहुत अजीब लग रहा है 🤔
 
मैंने इस बात पर सोचा की माहेश्वरी समाज में महिलाओं की भूमिका कितनी बड़ी है, हमारे देश में आज भी बहुत सारी महिलाएं पुरुषों के सामने खड़ी हैं और अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को बेहतर बनाने के लिए पूरा उत्साह लगाती हैं, लेकिन मुझे लगता है की उनकी भूमिका और महत्ता ज्यादा नहीं मिलती है, तो फिर क्यों हम उन्हें सम्मानित करने की बात करते हैं? 🤔
 
बड़े देश में बड़ी बातें होती रहती हैं, लेकिन अक्सर यह सवाल चलने लगता है कि हमारी संस्कृति और परंपराओं का क्या महत्व है? आज माहेश्वरी समाज के अधिवेशन में हुआ यह दावा बहुत ही प्रभावशाली लग रहा है। अमित शाह जी ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है जो दिल को छू लेते हैं। हमारे महेश्वरी समाज से निकलने वाले लोग सदियों से हमारे देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाये हैं, उनकी भावनाओं और संस्कृति का मूल्य हमें बिल्कुल समझ नहीं आ रहा है।
 
मुझे लगता है कि माहेश्वरी समाज के योगदान की बात करना ठीक है, लेकिन उनकी जीवनशैली और रीति-रिवाजों से हमारी आज की सामाजिक परिस्थितियां कितनी दूर हो गई हैं 🤔। उन्हें एक आदान-प्रदान समाज माना जाता था, लेकिन आज की तुलना में वे बहुत कम समझौता-जोड़ादार और सहयोगी बन गये हैं। और अमित शाह जी ने कहा है कि उन्होंने सदियों से देश को देने का काम किया है, लेकिन मुझे लगता है कि आज के युवाओं को भी अपने देश के लिए कुछ करना चाहिए 🙏
 
जिस जैसे महाराज ने माहेश्वरी समाज की पूजा की है, अब वही मैं उनके सम्मान में बोलता हूँ 🙏, ये एक बहुत ही अच्छा संदेश है और मुझे यह जानकर खुशी हुई कि हमारे देश को विभिन्न समुदायों से मिलकर बनाया गया है। माहेश्वरी समाज की जड़ें बहुत पुरानी हैं और उनका योगदान आज भी हमें दिखाता है कि एकता और सहयोग कितना महत्वपूर्ण है।
 
बिल्कुल ये अच्छा है कि अमित शाह जी ने माहेश्वरी समाज को सराहना की... लेकिन तो उनके बोल सुनकर लगता है कि वे सिर्फ शब्दों में रात गुजारना चाहते हैं... ये समाज सिर्फ देश के आभूषण है, लेकिन वास्तविकता यह है कि हमारा देश अभी भी बहुत सारे मुद्दों से लड़ रहा है... जैसे कि रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य... तो ये माहेश्वरी समाज सिर्फ चमकाने वाली आभूषण नहीं हैं, बल्कि हमें अपने देश के हर कोने में जाकर मुद्दों का समाधान ढूंढने की जरूरत है... 🤔
 
अरे, यह तो बहुत अच्छा कि माहेश्वरी समाज का योगदान सराहा जा रहा है, लेकिन हमें फिर से पूछना चahiye कि उनका योगदान किस तरह से सामाजिक परिवर्तन आ रहा है? क्या वास्तव में उन्होंने इस देश को सचमुच "आभूषणों से सजे व्यक्ति" की तरह चमकाया है, या फिर हमारी समस्याओं को और भी गहरा बना दिया है? मुझे लगता है कि हमें उनके प्रयासों को समझने की जरूरत है, लेकिन हमें साथ ही सावधान रहना भी चाहिए कि हमारी समस्याएं वास्तव में हल हो सकती हैं या फिर हम उन्हीं के पीछे निकल जाएंगे। 🤔
 
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