'इस तरह की चालें काम नहीं आएंगी...', इस्लामाबाद ब्लास्ट पर शहबाज शरीफ ने मढ़ा झूठा आरोप तो भारत

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में आत्मघाती विस्फोट का जिम्मेदार ठहराकर भारत पर आरोप लगाए हैं, लेकिन भारत ने उनके दावों पर मनगढ़ंत कहानियां करार दिया है. शहबाज शरीफ ने कहा, "यह हमला भारत की ओर से प्रायोजित आतंकवाद की कड़ी है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान को अस्थिर करना है."

लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस आरोप पर जवाब देते हुए कहा, "पाकिस्तान अपनी अंदरूनी समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियां बना रहा है. पाकिस्तान में सेना के इशारे पर संविधान को ताक पर रखकर सत्ता पर कब्जा किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय वास्तविकता से अच्छी तरह वाकिफ है और पाकिस्तान की हताशापूर्ण ध्यान भटकाने वाली चालों से गुमराह नहीं होगा।"

इस्लामाबाद में आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली, लेकिन शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि यह हमला भारत की ओर से प्रायोजित किया गया था.
 
पाकिस्तान सरकार तो हमेशा अपनी मुश्किलों को दूसरों पर डालकर रह जाती है, 😒 यह बात तो बहुत सच है लेकिन आतंकवाद से निपटने में भारत ने बहुत मेहनत की है और अब पाकिस्तान खुद को इस घेरे से नहीं निकाल सकता। पाकिस्तान सरकार का यह आरोप तो बस एक राजनीति है, लेकिन हमें पता होना चाहिए कि आतंकवाद की गहराई में बहुत जटिलताएं होती हैं और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
 
तो पापा क्या करेंगे? पाकिस्तान अपने खिलाफ आरोप लगाते हैं तो हम देखकर क्या मुश्किल में आ जाते? ये हमला कौन सा किया उसे पता नहीं है लेकिन फिर भी वो भारत पर आरोप लगाते हैं और पाकिस्तान की निजी समस्याओं को लेकर हमारा बचाव करते हैं तो यह बिल्कुल मजाक है। मेरा सवाल यह है कि अगर ये हमला भारत द्वारा किया गया था तो फिर भी पाकिस्तान अपने खिलाफ आरोप लगाती? 🤔😒

ये हमला सिर्फ पाकिस्तान की समस्या है और उसके बाद हमें दूसरों की बात माननी चाहिए, नहीं तो यह बहुत ही अजीब लगेगा। अगर हमारे खिलाफ आरोप लगाए जाते तो भी हम उन्हें स्वीकार कर लेते और उनका फायदा उठाते। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ आरोप लगने पर वे अपने दिमाग से बाहर निकलकर अपने खिलाफ आरोप लगाते हैं तो यह बहुत ही अजीब है। 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि पाकिस्तान अपनी समस्याओं को दूसरों पर धकेलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हमें उनकी बात माननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढना चाहिए। 🤝
 
यह तो बहुत अजीब है, पाकिस्तान के नेता तो हमेशा अपने दुश्मनों के खिलाफ लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं... शहबाज शरीफ जी के आरोप पर पूरा विश्वज्ञान नहीं है, यह तो पाकिस्तान की अपनी समस्याओं से छिपने की एक तरकीब है 🤔

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद और धमकी देने वालों की तरह की बहुत सारी बातें बोली जाती हैं, लेकिन सच्चाई हमेशा सामने आती है... पाकिस्तान में सत्ता को हाथ से पकड़े रखने वालों को अपनी समस्याओं के बारे में ईमानदारी से बात करनी चाहिए, न कि लोगों का ध्यान भटकाने की बातें करनी 🙏
 
मुझे तो लगता है कि पाकिस्तान के नेताओं को बस अपने मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि भारत को आरोप लगाने की जरूरत है. वे तो आतंकवादी संगठनों के साथ जुड़कर अपने देश को अस्थिर कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें आरोप लगाएं कि भारत ने हमला करवाया है? 🙄

इसके अलावा, मुझे लगता है कि पाकिस्तान की सरकार को अपने देश की समस्याओं का सामना करना चाहिए, न कि हमेशा भारत पर आरोप लगाने की जरूरत है. वे तो अपनी अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर सकते थे, लेकिन फिर भी उन्हें आरोप लगाएं कि हमारी सरकार ने उनके देश को अस्थिर किया है. 🤷‍♂️

आइए, पाकिस्तान के नेताओं को अपने देश की समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार होना चाहिए, न कि हमेशा भारत पर आरोप लगाने की. 🙏
 
क्या सचमुच तो ये दोनों पक्ष बहुत बड़ी बोली बाट रहे हैं... पाकिस्तान वाले तो दावा कर रहे हैं कि भारत ने हमला किया, जबकि भारत वाले तो कह रहे हैं कि पाकिस्तान अपनी समस्याओं से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। यह दोनों पक्ष बहुत बड़ी मनगढ़ंत कहानियां बना रहे हैं... और क्या सच्चाई कौन बता पाएगा? 🤔
 
क्या लगता है, इस मामले में सच्चाई कौन बताएगा? 🤔 शहबाज शरीफ का दावा करना आसान है लेकिन इसकी जांच करना मुश्किल होगी। पाकिस्तान को अपनी अंदरूनी समस्याओं के बारे में खुलकर बोलना चाहिए, न कि हमेशा भारत पर आरोप लगाकर लोगों का ध्यान भटकाना। और भारत भी जिम्मेदार साबित करने की कोशिश करे, लेकिन इस तरह के मामलों में सच्चाई खोजना आसान नहीं होता है।
 
भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद का मुद्दा तो बहुत लंबा चल रहा है, लेकिन आज फिर से इस पर चर्चा हो रही है. शहबाज शरीफ के दावों पर मनगढ़ंत कहानियां लगाने से हमें लगता है कि वे चीजों को अपने पक्ष में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. आतंकवाद की इस समस्या का समाधान तो आसान नहीं है, लेकिन दोनों देशों को साथ मिलकर इसका समाधान खोजने की जरूरत है.
 
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