यह तो बहुत अजीब बात है! असम में गोविंदपुर में 20 हजार से ज्यादा लोग एक जगह जमा होना, यही नहीं कि वहां तीन दिनों में इतनी बड़ी संख्या आती है, ऐसा कभी नहीं देखा गया।
मुझे लगता है कि यहां कुछ गंभीर समस्या हो रही है, जैसे कि व्यक्तियों को जानबूझकर इकट्ठा करने की कोशिश। यह तो एक बड़ी चिंता की बात है।
पुलिस ने रोते व्यक्ति को पकड़ने में भी अच्छी तरह से काम किया, लेकिन यह तो बस एक छोटी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि इसका अनुभव करने वालों को और गंभीरता से सुनना चाहिए।
किसी भी तरह, मुझे लगता है कि यहां प्रशासन को तुरंत इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए और उसका समाधान ढूंढना चाहिए।