‘जो चल नहीं सकता, वो दंगों का मास्टरमाइंड कैसे’: दिल्ली मस्जिद हिंसा में 20 गिरफ्तार, फैमिली के आरोपों पर पुलिस बोली- CCTV फुटेज सबूत

सुरक्षा स्थिति में गिरावट के बाद पुलिस ने इमरान और अन्य 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी मुस्लिम हैं और इनमें से ज्यादातर तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाले हैं।

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि इमरान पर पत्थरबाजी, पुलिस पर हमला करने, हत्या की कोशिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं। परिवारों के दावों को लेकर पुलिस कह रही है कि यह सब सबूतों से सही नहीं है।

सुमैरा इमरान की पत्नी हैं और उन्हें बताया जा रहा है कि वे घर पर थीं जब घटना हुई। उनके पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और बिना किसी सबूत के आरोपों के आधार पर उन्हें इस्त्राकी मस्जिद का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
 
इमरान को पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन ये बात तो बहुत आसान है 🤦‍♂️, अगर उनकी पत्नी सुमैरा घर पर थीं और घटना तभी हुई।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है! पुलिस ने इमरान और अन्य 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। यह तो बहुत बड़ा सवाल है कि कैसे आरोप लग सकते हैं? और पुलिस कह रही है कि परिवारों के दावों से सही नहीं है, लेकिन यह तो सबूतों की बात कर रही है। इमरान की पत्नी सुमैरा घर पर थीं, तो फिर उनके पति को बिना किसी सबूत के गिरफ्तार कर लिया गया? यह तो बहुत बड़ा सवाल है!
 
अरे, ये सब क्या हुआ है? पुलिस ने इमरान और उनके दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुझे लगता है कि सबूत नहीं हैं कि वे कुछ गलत किये थे। तुर्कमान लोग तो यहां से रहते हैं और चंदनी महल के बाहर भी अक्सर जाते हैं। क्यों पुलिस ने उन पर इतने आरोप लगाए? और इमरान की पत्नी सुमैरा भी घर पर थी, तो क्या पुलिस कहेंगी कि वे भी आरोपी हैं?

मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा मिशन बन गया है। पुलिस ने आरोप लगाए, लेकिन अभी तक उन्हें कोई सबूत नहीं दिखाया। और इंसानों को जेल में डालने से पहले हमेशा साबुत सबूत मांगा जाता है, तो यह कैसे संभव है?
 
क्या यह सच है? पुलिस ने तो बस इतना कहा कि इमरान और अन्य 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन सबूत क्या हैं? पुलिस वालों की बात पर भरोसा करने से पहले सबूत देखना चाहिए। ये इमरान और उनके परिवार को कैसे मिलने लगे? यह तो साफ़ नहीं है कि घटना कैसे हुई। पुलिस वालों ने कहा है कि इमरान पत्थरबाजी करने वाले थे, लेकिन फिर भी क्या हुआ? और इमरान को इस्त्राकी मस्जिद का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है? यह तो बहुत बड़ा आरोप है!
 
इस दुनिया में ऐसे बहुत से दुश्मन हैं जो हमारे पास बैठकर खाना पकाने वाली आग जलाते रहते हैं... इस मामले की जांच करने के लिए तो बहुत से अच्छे पुलिसवाले हैं, लेकिन फिर भी ऐसे आरोप लगाए जाते हैं जो साबित नहीं होते। इमरान जैसे व्यक्ति पर आरोप लगाए बिना उन्हें यहां तक कि गिरफ्तार कर लिया गया है, तो यह एक बड़ा सवाल है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सबूतों से सब कुछ नहीं कहा जा सकता।
 
ये तो बहुत बड़ी घटना, मुझे नहीं लगति कि पुलिस ने सही सबूत इकट्ठे कर लिए होंगे। इमरान और अन्य 20 लोगों को गिरफ्तार करने से पहले उन्हें खुद की बात कहने का मौका देना चाहिए था। अगर वास्तव में उनमें से कोई भी अपराधी है तो उन्हें अदालत में लाना चाहिए, न कि गिरफ्तार कर लेना और आरोप लगाना।

और यह बात भी दिलचस्प है कि इमरान को गिरफ्तार करने के बाद तुर्कमान गेट और चांदनी महल जैसे स्थानों पर हमले होने लगे। ये सब कुछ एक ही समय में नहीं हो सकता, कोई ऐसा मालिश है जिससे पुलिस की रोशनी में हमें घबराहट हो।
 
यह तो भ्रष्टाचार की गहराई है! पुलिस ने तुर्कमान इमरान पर इतने गंभीर आरोप लगाए हैं कि ये तो एक दrama ही लगता है 😱. और यह तो सिर्फ़ पत्थरबाज़ी का मामला नहीं है, बल्कि हत्या की कोशिश भी शामिल है। यह तो पुलिस के खिलाफ सवाल उठाता है कि क्या वे सच्चाई को ढूंढने के लिए तैयार हैं या नहीं। और यह तो इमरान पर आरोप लगाए जाने से पहले उनकी पत्नी को घर पर ही रखा गया, ऐसा कैसे हो सकता है? यह तो एक बड़ा दांडनव्यावसायिक मामला लगता है।
 
[पुस्तकालय चित्र]

यह बहुत दुखद है जब लोग अपने मतभेदों को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने की जगह विनम्रता और समझ का मार्ग चुनें। पुलिस ने जो आरोप लगाए हैं, उनका पूरा सबूत नहीं है और इससे यह बात भी लगती है कि पुलिस ने अपने आप में कुछ गलत कर लिया हो।

[चित्र: दो मुस्लिम लड़के शांतिपूर्ण अभिवादन कर रहे हैं]

मुझे लगता है कि अगर हम सभी एक दूसरे को समझने और सम्मान करने की कोशिश करें, तो हमारे समाज में अधिक शांति और सौहार्द पाए जाते।

[चित्र: एक व्यक्ति अपनी कलम और कागज पर सो रहा है, दूसरा व्यक्ति पुस्तकालय की छाया में पढ़ रहा है]

आओ, हमें अपने मतभेदों को बिना किसी तनाव या हिंसा के निपटाने की कोशिश करें।
 
अरे, यह तो बहुत गंभीर मामला है... इमरान को इस तरह से गिरफ्तार कर लिया गया है, और पुलिस ने इतनी बड़ी बातें कही हैं जैसे वे सच भी हैं। लेकिन, सरकार की बातों पर मुझे लगता है कि यह सब थोड़ा ज्यादा है। इमरान को साबुत सबूत नहीं दिए गए, तो फिर इतनी बड़ी बातें कहकर उन्हें मास्टरमाइंड बताएं? यह तो नीयत पर सवाल उठाता है... और पुलिस के आरोपों पर संदेह करना भी उचित है।
 
🤔 मुझे लगता है कि यह सब बहुत गंभीर मुद्दा है, लेकिन आरोपों को लेकर पुलिस ने बहुत तेजी से काम लिया है। 🕰️ इमरान और अन्य 20 लोगों को गिरफ्तार कर लेने के बाद, हमें यह जानने की जरूरत नहीं है कि वे दोषी हैं या नहीं। हमें पुलिस को अपने काम में सावधानी बरतनी चाहिए और आरोपों को लेकर बहुत तेजी से निर्णय लेने से बचना चाहिए। 🤷‍♂️ यह भी महत्वपूर्ण है कि हमें पुलिस को उनके काम में मदद करनी चाहिए और उन्हें अपने काम में सफल होने में मदद करें।
 
अरे यह तो बहुत बड़ा संदेह है 🤔 पुलिस ने ऐसा आरोप लगाने से पहले सबूतों की जांच करनी चाहिए। इमरान को तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाला होने की बात तो बड़ी है लेकिन यह तो कोई अच्छा सबूत नहीं है। क्या पुलिस ने उनके खिलाफ कोई आरोपियों से मिलने का मौका दिया था? और यह तो पत्थरबाजी और पुलिस पर हमला करने का आरोप लगाया गया है लेकिन क्या कोई वीडियो या फोटो मिल रहा है? ऐसा नहीं लगता है।
 
इस दिलचस्प मामले ने मुझे बहुत सोच-विचार करने का मौका दिया है। तो यह बात सच है कि इमरान और अन्य 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, तो फिर भी पुलिस ने इतनी तेजी से कदम उठाए हैं? इसमें खेद हो सकता है कि यह सभी मुस्लिम हैं और ज्यादातर तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाले हैं।

क्या हमें सोचने की जरूरत है कि यह सब कुछ किसने सोचा था? क्या पुलिस ने पर्याप्त जानकारी इकट्ठी की है? और क्या आरोपों में कोई सच्चाई है? मुझे लगता है कि हमें इस मामले को धीरे-धीरे समझने की जरूरत है, ताकि हम किसी भी गलत निर्णय पर न जाएं।
 
ये तो बहुत बड़ा झूठ है! पुलिस को यह सब पत्थरबाजी करने वालों की पहचान करने में इतनी मुश्किल होती है लेकिन एक इमरान को गिरफ्तार कर लेते हैं और बाद में तो उन्हें पूरी तरह से गलत आरोप लगाए जाते हैं। यह तो बहुत अजीब है।
 
अरे, ये सब बहुत अजीब लग रहा है... पुलिस ने इमरान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन सबूतों से यह सब सही नहीं हो सकता। परिवारों के दावों पर खूब भरोसा नहीं किया जा सकता। मुझे लगता है कि पुलिस को और अधिक सबूत मांगने चाहिए, फिर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। ये तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाले हैं, उनके साथ खूब ज्यादतियाँ नहीं की जा सकती। मुझे लगता है कि सब कुछ धीरे-धीरे समझने की जरूरत है।
 
अरे, ये तो बहुत बड़ी चुनौती है... पुलिस ने इमरान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन क्या हमें यह मान लेना चाहिए कि उन्हें बिल्कुल भी गलती नहीं हुई है? ये तो एक बड़ा सवाल है... और यह तो सिर्फ इमरान के मामले नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए भी एक बड़ी चिंता है। हमें सोचना चाहिए कि क्या हमारी पुलिस हमेशा सही रास्ते पर चलती है? क्या हमें यह मान लेना चाहिए कि जो कुछ भी होता है, उसके पीछे एक बड़ा खिलवाड़ होता है?
 
अरे, यह तो बहुत गंभीर मामला है 🤔। पुलिस की रीढ़ पर अटकने वाले आरोपों से पहले कुछ सोच लेना चाहिए, क्या ये सब ठीक से पता चला है? इमरान जी को इतनी गंभीर आरोप लगाए गए तो? और उनके परिवार की बात नहीं करनी चाहिए, पुलिस को सबूतों की जांच करनी चाहिए। इस्त्राकी मस्जिद का मास्टरमाइंड कहा जाना तो बहुत ही गंभीर आरोप है, और अगर सच है तो फिर बिल्कुल भी समझ में नहीं आता है।
 
तो यह तो बहुत गंभीर मामला है 🤔। पुलिस को पता होना चाहिए कि आरोपों से पहले सबूत और सबूतों से बाद में दावे करने की क्या गलती है। यह तो न्यायपालिका को देखना होगा। इमरान जैसे लोगों को भी उनके परिवारों के समर्थन का सम्मान करना चाहिए।
 
क्या सचमुच यह तो बिल्कुल सही नहीं है कि पुलिस ने इमरान और अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। ऐसी बातें करने से कोई फायदा नहीं होता है। तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाले लोग भी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जिंदगी जीने दें। सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर तुरंत सुनवाई होनी चाहिए। और यह तो बहुत बड़ी बात है कि इमरान की पत्नी सुमैरा भी घर पर थीं जब घटना हुई, तो उनके दावों को पूरी तरह से विश्वसनीय माना जाना चाहिए।
 
अरे ये तो बहुत बड़ा मामला है 🤯। पुलिस का यह दावा कि इमरान पर आरोप लगे हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन सबूत कैसे हुए? यह तो एक बड़ा सवाल है। और तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाले लोगों में से ज्यादातर लोग इस तरह के आरोपों में फंस गए? यह तो बहुत दुखद है। और इमरान की पत्नी सुमैरा की बातें पर विश्वास करना आसान नहीं है 🤔। पुलिस को सबूत दिखाने की जरूरत है, न कि आरोप लगाकर जानबूझकर किसी को भी गिरफ्तार कर लेना 🚫
 
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