‘जिस देश ने हसीना को पनाह दी, वो दोस्त कैसे’: BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, एक-दो मर्डर को हिंदुओं के खिलाफ हिंसा न कहें

तो फिर बंगाल में चुनाव, ये तो एक बड़ा मुद्दा है! लेकिन बिल्कुल तो समझना जरूरी है कि BNP के नेता अब्दुल मोइन खान ने भारत को पड़ोसी देश के रूप में देखा, और सिर्फ अच्छा रिश्ता बनाना चाहते हैं। लेकिन फिर भी भारत ने बंगाल को शरण दिया है और प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जैसे कि कोई परेशानी है।

और गोबिंद चंद्र प्रमाणिक का नामांकन रद्द करना तो एक गलत फैसला था, लेकिन ये तो उनके समर्थकों को खुश करने की कोशिश में हुआ होगा। लेकिन हमें लगता है कि चुनाव में शामिल सभी नेताओं को अपने विचारों और मांगों को साफ़ सादे तरीके से पेश करना चाहिए, और दूसरों को भी ऐसा ही करना चाहिए।

और जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह, ये तो एक अच्छा विचार है! लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह चुनाव में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए सभी नेताओं और राजनीतिक दलों को इसमें अपना सहयोग देना चाहिए।
 
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