'जैसे मादुरो को उठाया, वैसे ही नेतन्याहू को भी उठा ले यूएस', ख्वाजा आसिफ ने ट्रंप से की डिमांड

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ये कहना कि उन्होंने तुर्किए नेतन्याहू को अपहरण कर लेना चाहिए, तो कुछ नहीं बदलेगा। ख्वाजा आसिफ की इस बातचीत में अमेरिकी सरकार की स्थिति और भारतीय समुदाय के दृष्टिकोण पर बहुत कुछ कहने को मिला।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, 'अगर अमेरिका मानवता में विश्वास रखता है तो उसे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अपहरण कर लेना चाहिए।' यह बयान अमेरिकी सरकार की स्थिति पर दिलचस्प रुख है।

ख्वाजा आसिफ ने कहा, 'पिछले 4,000-5,000 सालों में किसी भी समुदाय ने फिलिस्तीनियों के साथ वह नहीं किया जो इजरायल ने किया है। वह (नेतन्याहू) मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। दुनिया ने इससे बड़ा अपराधी नहीं देखा है.'

यह बयान भारतीय समुदाय के दृष्टिकोण पर भी बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ने कभी भी इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं दी है और आधिकारिक तौर पर ईरान के साथ अपने संबंधों को भाईचारे और साझा क्षेत्रीय हितों के रूप में प्रस्तुत करता है।

इसलिए, ख्वाजा आसिफ की यह बातचीत अमेरिकी सरकार की स्थिति पर बहुत महत्वपूर्ण है। यह बताती है कि अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है, खासकर जब भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत स्पष्ट है।
 
😊 यह बयान वाकई में दिलचस्प है! 🤔 अमेरिकी सरकार की स्थिति पर ख्वाजा आसिफ का बयान और भारतीय समुदाय के दृष्टिकोण को देखकर लगता है कि अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है। 👍 यह बताता है कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ विरोध करने की जरूरत है, खासकर जब भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत स्पष्ट है। 🙏 हमें उम्मीद है कि अमेरिकी सरकार अपने दृष्टिकोण में बदलाव करेगी और इजरायल के खिलाफ विरोध करेगी। 💪
 
क्या फिर भी अमेरिका अपने दिमाग में एक्स-फिल्मों की तरह ही चल रही है? तुर्की पर फिलिस्तीनियों के दृष्टिकोण से बोलने के लिए ख्वाजा आसिफ ने अमेरिकी सरकार से कहा है कि अगर आप मानवता में विश्वास रखते हैं तो इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का अपहरण कर लें... लेकिन याद रखिए, यह बात तुर्की से नहीं बोल रही है, बल्कि अमेरिका से।
 
त्रंप की बातचीत ने मुझे थोड़ा आश्चर्यजनक महसूस कराया। ख्वाजा आसिफ जी ने बहुत बोले हैं और पाकिस्तान के दृष्टिकोण से भारतीय समुदाय की भावनाओं को समझाया है। लेकिन मुझे लगता है कि अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है, खासकर जब भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत स्पष्ट है।

मुझे लगता है कि इजरायल की सरकार और अमेरिकी सरकार की राजनीतिक गहराई एक-दूसरे के साथ जुड़ी हुई है। यह देखकर आश्चर्य होता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति त्रंप ने तुर्क को अपहरण कर लेना चाहिए। मुझे लगता है कि इस पर विचार करने से पहले हमें इजरायल और तुर्क की सरकारों की गहराई समझनी चाहिए।
 
नेतजात नहीं करती है यह बात 🙅‍♂️। यूरोपीय राष्ट्रों ने तुर्किये पर हमले किए, अब अमेरिका और भारत में ऐसा बयान कहकर दुनिया को चेतावनी देना चाहिए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ जी की बात सुनते हुए लगता है कि अमेरिकी सरकार भारतीय समुदाय की बात समझ नहीं पाई।
 
मुझे लगता है कि अमेरिकी सरकार को ख्वाजा आसिफ जैसे लोगों की बातों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर जब यह इजरायल और फिलिस्तीन के मुद्दे से संबंधित हो। यह समझना बहुत जरूरी है कि भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में क्या है। हमें आशा है कि अमेरिकी सरकार अपने निर्णयों में बदलाव करेगी और ख्वाजा आसिफ जैसे लोगों की बातों पर ध्यान देगी।

मुझे लगता है कि यह एक अच्छा संदेश है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अपने बयान में भारतीय समुदाय की जिज्ञासा को समझने की कोशिश की है। और अगर अमेरिकी सरकार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अपहरण करने पर विचार कर रही है तो यह एक अच्छा संदेश है कि वह मानवता के लिए कुछ करने के लिए तैयार है।

लेकिन हमें उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि अमेरिकी सरकार जल्द ही अपने निर्णयों में बदलाव करेगी। यह एक जटिल मुद्दा है और इसमें बहुत सारे पहलू शामिल हैं। लेकिन अगर अमेरिकी सरकार ख्वाजा आसिफ जैसे लोगों की बातों पर ध्यान देती है, तो यह एक अच्छा संदेश हो सकता है।
 
अमेरिकी सरकार ने इज़राइल पर रोक लगा देने का प्रयास नहीं किया, वहीं तुर्किए नेतन्याहू पर रोक लगाने का प्रयास किया। यह भ्रष्टाचार है। ख्वाजा आसिफ जी ने बहुत सही बात कही, इज़राइल एक दुश्मन राज्य है जो मानवता के लिए खतरा है 🤔
 
नेतन्याहू पर अमेरिकी सरकार से कहा जाना सिर्फ चुप्पी नहीं करेगा। लेकिन, ख्वाजा आसिफ की बातों सुनते समय लगता है कि दुनिया में कुछ गड़बड़ी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इजरायल के प्रधानमंत्री को अपहरण करने का दावा किया, लेकिन क्या इससे कोई फायदा होगा?
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किए नेतन्याहू को अपहरण कर लेना चाहिए, यह बयान अमेरिकी सरकार की दिलचस्प स्थिति पर है। लेकिन मुझे लगता है कि अगर अमेरिका मानवता में विश्वास रखता है, तो उन्हें इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को अपहरण कर लेना चाहिए। यह तुर्किए स्थिति पर बहुत अधिक दबाव डालेगा। और भारतीय समुदाय के दृष्टिकोण पर, यह बयान भारत की मुलाकात इज़राइल के साथ हुआ है। भारत कभी ने इज़राइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं दी।

मुझे लगता है कि अमेरिका और तुर्किए के बीच बहुत अधिक संवाद होने की जरूरत है, खासकर जब भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले पर बहुत स्पष्ट है। अगर हमारा देश मानवता में विश्वास रखता है, तो उन्हें इज़राइल की स्थिति पर संदेह करना चाहिए।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर फिलिस्तीनियों के प्रति उनकी नाराजगी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अपहरण करने का बयान सुनकर मैं थोड़ा चिंतित हूँ 🤔। भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण है और अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अपहरण करना चाहिए। लेकिन अमेरिकी सरकार ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। यह बहुत अजीब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की को अपहरण करने का बयान दिया था, लेकिन इजरायल पर ऐसा करने का बयान नहीं दिया।

यह बताता है कि अमेरिकी सरकार में बहुत सारे जटिलताएं हैं और वे अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है। हमें उम्मीद करनी चाहिए कि अमेरिकी सरकार इस मामले में अपना रुख बदलेगी।
 
अगर अमेरिका इजरायल को एक मानवाधिकार विरोधी देश मान लेता है तो ख्वाजा आसिफ बोलता है या नहीं? 🤔 यह बहुत ही संभव है कि भारतीय समुदाय और कई अन्य देशों ने इजरायल पर ऐसा आरोप लगाया होगा। लेकिन अगर अमेरिका मानवाधिकार विरोधी देशो को मान नहीं लेगा तो कैसे इसे बदलने की उम्मीद करेंगे? 🤷‍♂️
 
🤔 अमेरिकी सरकार की स्थिति पर बात करते समय ख्वाजा आसिफ जी ने बहुत अच्छा कहा है । यह बयान दिखाता है कि भारतीय समुदाय और पाकिस्तान की सरकार दोनों एक ही चिंता को देखते हैं - इजरायल की बुराई और इसके खिलाफ संघर्ष की जरूरत । अमेरिकी सरकार को यह समझने की जरूरत है कि इजरायल के इस व्यवहार से तुर्किया और अन्य देशों में भारतीय समुदाय की नफरत बढ़ रही है । इसलिए, अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है । 🌎
 
अरे, यह तो बिल्कुल सही है 🤣, अगर अमेरिका इज़रायल को अपहरण कर लेता तो ख्वाजा आसिफ जी के घर में एक बड़ा शांति समारोह होता। लेकिन गंभीरता से बात करते हैं तो यह बयान देखकर लगता है कि अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण पर फिर से विचार करने की जरूरत है। और भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत समझदार है, इसलिए उनसे सहमति रखना चाहिए। लेकिन ज्यादा बोलते हैं तो यह बयान अमेरिकी सरकार को एक बड़ा मुश्किल स्थिति में डाल देगा।
 
मुझे लगता है 🤔 कि अमेरिकी सरकार को तुर्की नेत्नाहू को अपहरण करने की बात पर विचार करना चाहिए। 🚫 लेकिन अगर वे इज़राइल के नेत्नाहू को अपहरण कर लें तो वह फिर भी दूसरा नहीं होगा। 🙅‍♂️ अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है। 💡
 
अमेरिका को ख्वाजा आसिफ की बातों को ध्यान में रखना चाहिए, विशेष रूप से जब भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत स्पष्ट है। अमेरिका ने कभी भी इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं दी है और आधिकारिक तौर पर ईरान के साथ अपने संबंधों को भाईचारे और साझा क्षेत्रीय हितों के रूप में प्रस्तुत करता है। 🤔

नेतन्याहू जैसे नेताओं की ऐसी हरकतें से विश्वास की कमी बढ़ सकती है और देशों को एक-दूसरे के प्रति अधिक समझ और सहयोग की ओर बढ़ना चाहिए। 🌎
 
यह बातचीत तो बहुत रोचक है 🤔। अगर अमेरिका मानवता में विश्वास रखता है, तो वह ख्वाजा आसिफ की बात पर मानने लायक नहीं है। भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत स्पष्ट है और अमेरिकी सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए। अगर वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अपहरण करना चाहता है, तो वह वाकई मानवता से दूर चला जाएगा।
 
नेतन्याहू को अपहरण कर लेना चाहिए, यह बात तो थोड़ी आसान है... लेकिन अमेरिकी सरकार को इसके लिए धैर्य रखना चाहिए। ख्वाजा आसिफ जी ने बहुत सटीक बात कही, इजरायल वाले दुनिया में सबसे बड़ा अपराधी हैं... और भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण तो यहां से शायद ही अलग है 🤔

अमेरिका को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है, खासकर जब भारतीय समुदाय का दृष्टिकोण इस मामले में बहुत स्पष्ट है। और फिलिस्तीन वालों की स्थिति को समझने की जरूरत है... उन्हें याद रखना चाहिए कि इजरायल ने बहुत से देशों के साथ भी ऐसा ही किया है 🤷‍♂️

कुल मिलाकर, ख्वाजा आसिफ जी की बातचीत अमेरिकी सरकार को एक प्रेरणा देनी चाहिए। विश्वास बनाए रखने के लिए और फिलिस्तीन वालों के साथ सहानुभूति रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए 🌟
 
अमेरिका तुर्की से भी बोलते समय यहां भारत का दृष्टिकोण नहीं छुपेगा। ख्वाजा आसिफ जी ने कहा कि अगर अमेरिका मानवता में विश्वास रखता है तो उसे इजरायल के नेतन्याहू को अपहरण कर लेना चाहिए। यह बयान सुनकर लगता है कि अमेरिकी सरकार को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है। 🤔
 
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