कांग्रेस ने पीएम मोदी पर कहा है कि जितने साल मोदी PM रहे, उतने ही साल नेहरू जेल में रहे। लेकिन सच्चाई यह है कि नेहरू 9 बार जेल गए थे।
पहले दावे की चर्चा करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए और वंदे मातरम् को टुकड़े कर दिया। लेकिन सच्चाई यह है कि वंदे मातरम् के बंटवारे का फैसला कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने लिया था, जिसमें महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, अबुल कलाम आजाद, सरोजनी नायडू और अन्य सीनियर लीडर शामिल थे।
दूसरे दावे की चर्चा करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू ने 20 अक्टूबर 1937 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लिखी चिट्ठी में कहा था कि वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि मुसलमानों को परेशान करने वाली है। लेकिन सच्चाई यह है कि नेहरू ने 20 अक्टूबर 1937 को सुभाष चंद्र बोस को ऐसी एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने अपने विचारों को व्यक्त किया था। इसमें लिखा था, 'वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि मुसलमानों को परेशान करने वाली है। इसकी भाषा भी काफी कठिन है। बिना डिक्शनरी के मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं।'
तीसरे दावे की चर्चा करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने वंदे मातरम् की तारीफ की थी। लेकिन सच्चाई यह है कि महात्मा गांधी ने कई मौको पर वंदे मातरम् की तारीफ की थी, और उन्होंने इसके पूरे वर्जन का समर्थन भी किया था।
पहले दावे की चर्चा करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए और वंदे मातरम् को टुकड़े कर दिया। लेकिन सच्चाई यह है कि वंदे मातरम् के बंटवारे का फैसला कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने लिया था, जिसमें महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, अबुल कलाम आजाद, सरोजनी नायडू और अन्य सीनियर लीडर शामिल थे।
दूसरे दावे की चर्चा करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू ने 20 अक्टूबर 1937 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लिखी चिट्ठी में कहा था कि वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि मुसलमानों को परेशान करने वाली है। लेकिन सच्चाई यह है कि नेहरू ने 20 अक्टूबर 1937 को सुभाष चंद्र बोस को ऐसी एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने अपने विचारों को व्यक्त किया था। इसमें लिखा था, 'वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि मुसलमानों को परेशान करने वाली है। इसकी भाषा भी काफी कठिन है। बिना डिक्शनरी के मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं।'
तीसरे दावे की चर्चा करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने वंदे मातरम् की तारीफ की थी। लेकिन सच्चाई यह है कि महात्मा गांधी ने कई मौको पर वंदे मातरम् की तारीफ की थी, और उन्होंने इसके पूरे वर्जन का समर्थन भी किया था।