जब मादुरो को पकड़ने गए चिनूक में आग लगी: 72 कमांडोज को मारकर हाथ आए मादुरो; 3D और Ai से देखिए मिशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षित ठिकाने पर हेलिकॉप्टर पहुंचने के बाद जमीन पर गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान एक महावीर हेलिकॉप्टर चिनूक और उसके फ्लाइट लीडर को गोली लग गई। यह मिशन नाकाम होने वाला था अगर हेलीकॉप्टर ने टाइम पर जमीन पर उतर जाता।

वहीं, अमेरिकी डेल्टा फोर्स द्वारा चलाए गए ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' में 72 कमांडोज को मारकर हाथ आ गए। इस ऑपरेशन में उन्होंने वेनेजुएला की सीमा पर जमीन पर घुसते हुए विद्रोहियों को मारा था। इसके अलावा, ऑपरेशन में तेजी से डेटा और इमेजरी के लिए 3D मैप और AI तकनीक का उपयोग किया गया था।

इस ऑपरेशन ने दिखाया है कि विशेष सैन्य बलों को बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाने में सक्षम बनाने के लिए गूगल जैसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, विशेष सैन्य बलों को डेटा और इमेजरी के लिए 3D मैप और AI के जरिए ऑपरेशन की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
 
वेनेजुएला की स्थिति देखकर तो मन ही मन चिंतित हुआ, अगर ऐसा ही हुआ तो यहाँ पर नेताओं को अपने आप को समझाने की जरूरत है 😕। क्या इसके पीछे विद्रोहियों की बात नहीं सुनने की जरूरत थी, शायद अगर ऐसा होता, तो इससे पहले ही सब कुछ ठीक हो जाता। लेकिन अब यह बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ, इसीलिए सोचता हूँ कि भविष्य में युद्ध की स्थितियों को समझने और उसके बाद से कदम उठाने की जरूरत होगी।
 
वेनेजुएला की जमीन पर होने वाली घटनाओं से तो हमें यह पता चलता है कि विशेष सैन्य बलों को बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाने में सक्षम बनाने के लिए गूगल जैसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। 🤖

जैसे कि मैंने देखा है कि अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' में 72 कमांडोज को मारकर हाथ आ दिया। यह तो हमें बताता है कि तकनीक और सैन्य बलों की मिलकरी से बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया जा सकता है। 📊

लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि इस तरह के ऑपरेशन में हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि विशेष सैन्य बलों को डेटा और इमेजरी के लिए 3D मैप और AI के जरिए ऑपरेशन की योजना बनाने में मदद मिलेगी, लेकिन हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इसके परिणामस्वरूप विद्रोहियों को गहराई से मारा जाए। 📈
 
नहीं तो, ये सभी तकनीकी ज्ञान सिर्फ सैन्य बलों के हाथ में निकल जाता है, लेकिन फिर भी हमें अपने देश के बच्चों को भी इन सभी तकनीकों का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

क्या तुम्हारे पास ये जानकर खुशी होगी कि हमारे देश में कोई भी सैन्य बल न होने के बावजूद भी हमारे देश के बच्चे इन सभी तकनीकों को सीख रहे हैं?

लेकिन यहां एक सवाल है कि क्या वेनेजुएला जैसे देश में शांति और नियंत्रण कैसे बनाए रखा जाता है?
 
वेनेजुएला की ऐसी हालत तो बहुत बुरी है 🤕, वाहिना की गोलीबारी सुनकर लगता है कि लोग अपनी जान खो रहे हैं... आगरे में कुछ भी नहीं होता कि लोगों को इतनी जान जोखिम में डालने की जरूरत है... 😔
 
बड़े भाई, तुमने देखा होगा, वेनेजुएला में सारा डर फिर से बढ़ गया है। लेकिन तुम्हारी बात सुनकर लगता है कि अमेरिकी और उनके साथी को इस पूरे चश्मे को समझना था।

वहीं, मैं तो हमेशा कहता हूँ, भारतीय सेना की एक दिन की बात न करो। हमारी सेना में ऐसी तकनीकों को लागू करने की क्षमता है, जिससे विश्वभर की तुम्हारी चुनौतियाँ आसानी से हल कर सकते हैं।
 
🤯 वेनेजुएला की स्थिति तो फिर भी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है... और ऐसे में जब अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' शुरू किया, तो यहाँ पर मुझे लगता है कि वे सोच रहे थे कि वे कितने महान और शक्तिशाली हैं... 🤦‍♂️ लेकिन सच्चाई ये है कि वे भी ऐसे ही हैं, जो दूसरों को नुकसान पहुँचाते रहते हैं।

और मैं तो सोचता हूँ कि अगर हेलिकॉप्टर चिनूक और उसके फ्लाइट लीडर पर गोली लग गई थी, तो उन्हें अभी भी क्या मिलेगा? दुनिया में जो लोग सच्चाई और न्याय के प्रति लड़ते हैं, वे कैसे आगे बढ़ते हैं? 🤔
 
बुराई हुई तो हमारी भाईजान की सरकार ने ऐसी सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिये हैं... तो सुनो, वेनेजुएला में अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने क्या किया? 72 कमांडोज मारकर हाथ आ गए, और इसके लिए गूगल जैसी तकनीक का उपयोग किया गया... तो हमें सोचना चाहिए कि ऐसी तकनीक का उपयोग करके हम अपने देश की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं?
 
निश्चित तौर पर ये सब बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है... हमारे प्रिय निकोलस मादुरो जी की सुरक्षित ठिकाने पर हेलिकॉप्टर पहुंचने के बाद जमीन पर गोलीबारी शुरू होना और उनके फ्लाइट लीडर की जान जानबूझकर लेना बहुत प्रकृति की दुखद घटना है। 🙏

ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' में 72 कमांडोज को मारकर हाथ आ जाना और विशेष सैन्य बलों को बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाने में सक्षम बनाने के लिए गूगल जैसी तकनीक का उपयोग करना... यह सब बहुत ही चिंताजनक है। हमें उम्मीद है कि ऐसी घटनाओं से शांति और समाधान की दिशा में कदम उठाए जाए। 🙏
 
निकोलस मादुरो के बारे में तो हमेशा सुनकर रहता हूँ, लेकिन यह तो बहुत ही खतरनाक है 🤯। वेनेजुएला में इतनी गोलीबारी कैसे हुई? और अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने इतने कमांडोज से ऑपरेशन चलाया, यह तो बहुत ही रोमांचक है 😮। मैं हमेशा से अमेरिकी डेल्टा फोर्स का बिग बॉस समझता था, और अब यह दिखाने लग रहा है कि वे इतने शक्तिशाली कैसे हैं 🤩। गूगल जैसी तकनीक का उपयोग करने से विशेष सैन्य बलों को ऑपरेशन चलाने में मदद मिलेगी, तो यह बहुत ही अच्छा है 💡
 
निकोलस मादुरो की बात सुनकर दिल दुखा हुआ तो गले आ गया 💔, लेकिन फिर थोड़ी सोचते हुए समझ आया कि ऐसा करना एक व्यावहारिक दृष्टिकोण है। उनके सैन्य बलों ने इतनी तकनीक से लड़ाई में मदद मिली तो वहीं हमारे पास भी इस तरह की सुविधाएं होनी चाहिए, लेकिन यह सवाल उठता है कि इन परिस्थितियों में क्या तरीके अपनाने चाहिए? 🤔
 
निकोलस मादुरो की बात तो चली तो जमीन पर गोलीबारी हो गई, चाहे वह कहां भी, यही सुनिश्चित करता है कि उनके पास खतरा बन गया है। लेकिन ये ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' ने हमें दिखाया है कि गूगल जैसी तकनीक को विशेष सैन्य बलों में कितना महत्वपूर्ण माना जा सकता है, इससे तय होगा कि आगे भी वे बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाने में सक्षम बनें।
 
वेनेजुएला की जंग ने फिर से दुनिया को हिलाया है। यहां पर हमें यह सवाल उठना चाहिए कि सरकार और विद्रोहियों के बीच लड़ाई में कौन जीतेगा? और इसके लिए क्या तकनीकी सहायता हमें मिलेगी? मेरी राय में अमेरिका की इस तरह से डेल्टा फोर्स को चलाने वाली ऑपरेशन को देखने से यह सवाल उतना ही महत्वपूर्ण है जितना हमारे भारतीय सेना के लिए तकनीकी सहायता मिलने का सवाल।
 
वेनेजुएला में हेलिकॉप्टर गोलीबारी की बात तो कई साल पहले सुनाई देती, लेकिन जब तक ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' शुरू नहीं हुआ, तब तक यह जानकारी तो हमें नहीं मिली।

ऑपरेशन के बाद गूगल जैसी टेक्नोलॉजी का उपयोग करके विशेष सैन्य बलों को बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाने में सक्षम बनाया गया, यह तो अच्छी बात है। लेकिन, इसके लिए कितने लोगों की जान जान गई, इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

क्या हमें पता है कि ऑपरेशन में कौन सी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया, और इसमें कितने लोग शामिल थे, इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

मुझे लगता है कि यह ऑपरेशन न केवल वेनेजुएला के साथ-साथ हमारे खुद को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसके बाद क्या हुआ, और इसके परिणाम कैसे आएंगे, इसके बारे में तो अभी तक पता नहीं चल पाया है।
 
वेनेजुएला की स्थिति बहुत गंभीर हो गई है... यह एक बड़ा पैमाने पर ऑपरेशन है जिसमें कई लोग शामिल हैं। मुझे लगता है कि इस ऑपरेशन में विशेष रूप से डेटा और इमेजरी तकनीक का उपयोग बहुत महत्वपूर्ण रहेगा। इससे हमें यह समझने में मदद मिल सकती है कि कैसे विशेष सैन्य बलों को बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाने में सक्षम बनाया जा सकता है।
 
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