वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा गार्ड्स ने अमेरिकी हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी, जिससे उस पर भारी नुकसान हुआ और यह एक फateful मिनट बन गया। अगर इस हेलीकॉप्टर का फ्लाइट लीडर मर जाता, तो इस मिशन का समापन होता।
वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों ने 6 जनवरी, 2023 की रात को एक गुप्त अभियान शुरू किया। उस दिन, वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के सुरक्षित ठिकाने के पास अमेरिकी हेलीकॉप्टर पहुंचे। इस बीच, जमीन पर गोलीबारी शुरू हो गई और एक MH-47 चिनूक हेलिकॉप्टर और उसके फ्लाइट लीडर को गोली लग गई।
इस मिशन का उद्देश्य राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा गार्ड्स पर हमला करना था, जिसके बाद वह देश छोड़ दें। लेकिन, इस हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी होने से मिशन की सफलता संदेहमें रह गई।
अगर इस हेलीकॉप्टर पर गोली लगने न होती, तो शायद यह मिशन असफल हो जाता। इससे पूरी तरह से पता नहीं चल सकता था कि वहां कितने सैनिक मौजूद थे।
इस मिशन के लिए अमेरिकी सेना ने विशेष रूप से तैयारी की थी। उन्होंने 3D मैपिंग, AI और अन्य तकनीकों का उपयोग करके अपने लक्ष्य की पहचान करने के लिए तैयार किया था।
इस अभियान को 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम दिया गया था, जिसका अर्थ है 'संपूर्ण समाधान'। इस मिशन की सफलता से अमेरिकी सरकार ने अपने विदेश नीति पर एक नया मोड़ लगाया है।
वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों ने 6 जनवरी, 2023 की रात को एक गुप्त अभियान शुरू किया। उस दिन, वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के सुरक्षित ठिकाने के पास अमेरिकी हेलीकॉप्टर पहुंचे। इस बीच, जमीन पर गोलीबारी शुरू हो गई और एक MH-47 चिनूक हेलिकॉप्टर और उसके फ्लाइट लीडर को गोली लग गई।
इस मिशन का उद्देश्य राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा गार्ड्स पर हमला करना था, जिसके बाद वह देश छोड़ दें। लेकिन, इस हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी होने से मिशन की सफलता संदेहमें रह गई।
अगर इस हेलीकॉप्टर पर गोली लगने न होती, तो शायद यह मिशन असफल हो जाता। इससे पूरी तरह से पता नहीं चल सकता था कि वहां कितने सैनिक मौजूद थे।
इस मिशन के लिए अमेरिकी सेना ने विशेष रूप से तैयारी की थी। उन्होंने 3D मैपिंग, AI और अन्य तकनीकों का उपयोग करके अपने लक्ष्य की पहचान करने के लिए तैयार किया था।
इस अभियान को 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम दिया गया था, जिसका अर्थ है 'संपूर्ण समाधान'। इस मिशन की सफलता से अमेरिकी सरकार ने अपने विदेश नीति पर एक नया मोड़ लगाया है।