निकिता नागदेव की कहानी एक गहरा दर्द है जिसे सुनने के बाद हमें शोक हो जाता है। वह अपने पति विक्रम नागदेव से 26 जनवरी 2020 को पाकिस्तान में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली थी, लेकिन उसकी यह शादी केवल एक महीने के बाद भारत ले आने के लिए मजबूर किया गया था।
शादी के बाद निकिता को पता चला कि उसके पति की पहली पत्नी से रिश्ता है। वह अपने पति के साथ भारत आयी, लेकिन जल्द ही उसकी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण हो गई। निकिता के पति ने उसे पाकिस्तान वापस भेज दिया, और फिर वह कभी भारत नहीं आए।
विक्रम नागदेव एक महीने तक निकिता को वापस लाने की कोशिश नहीं की। जब निकिता बार-बार उसे वापस लाने को कहती रही, तो उसके पति ने कभी भी उसे पीछे नहीं लिया। वह एक महीने तक निकिता को पाकिस्तान में छोड़ दिया।
निकिता ने अपने पति को वापस लाने के लिए सिंधी पंचायत से मदद मांगी, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। वह अपने पति को वापस लाने के लिए कराची कोर्ट की शरण भी लेने का फैसला किया।
निकिता ने कहा कि अगर उसके साथ न्याय नहीं मिलेगा, तो वह कोर्ट की शरण लूंगी। वह अपने पति को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांग रही है।
निकिता ने कहा कि उसके पति ने एक महीने तक उसकी बात नहीं सुनी। वह उसे भारत वापस लाने के लिए मजबूर कर दिया, और फिर उसको पाकिस्तान में छोड़ दिया। वह अपने अधिकारों के लिए न्याय की गुहार लगा रही है।
निकिता की कहानी एक गहरा दर्द है जिसे हमें सुनने के बाद हमें शोक हो जाता है। वह अपने पति को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांग रही है, और वह अपने अधिकारों के लिए न्याय की गुहार लगा रही है।
शादी के बाद निकिता को पता चला कि उसके पति की पहली पत्नी से रिश्ता है। वह अपने पति के साथ भारत आयी, लेकिन जल्द ही उसकी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण हो गई। निकिता के पति ने उसे पाकिस्तान वापस भेज दिया, और फिर वह कभी भारत नहीं आए।
विक्रम नागदेव एक महीने तक निकिता को वापस लाने की कोशिश नहीं की। जब निकिता बार-बार उसे वापस लाने को कहती रही, तो उसके पति ने कभी भी उसे पीछे नहीं लिया। वह एक महीने तक निकिता को पाकिस्तान में छोड़ दिया।
निकिता ने अपने पति को वापस लाने के लिए सिंधी पंचायत से मदद मांगी, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। वह अपने पति को वापस लाने के लिए कराची कोर्ट की शरण भी लेने का फैसला किया।
निकिता ने कहा कि अगर उसके साथ न्याय नहीं मिलेगा, तो वह कोर्ट की शरण लूंगी। वह अपने पति को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांग रही है।
निकिता ने कहा कि उसके पति ने एक महीने तक उसकी बात नहीं सुनी। वह उसे भारत वापस लाने के लिए मजबूर कर दिया, और फिर उसको पाकिस्तान में छोड़ दिया। वह अपने अधिकारों के लिए न्याय की गुहार लगा रही है।
निकिता की कहानी एक गहरा दर्द है जिसे हमें सुनने के बाद हमें शोक हो जाता है। वह अपने पति को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांग रही है, और वह अपने अधिकारों के लिए न्याय की गुहार लगा रही है।