जनवरी में 5 शहरों में सजेगा LGMF का मंच, एल. सुब्रमण्यम-कविता कृष्णमूर्ति की प्रस्तुति, कजाखस्त

लक्ष्मीनारायण ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल का 35वां संस्करण 16 जनवरी, 2026 से शुरू होगा। इस महीने देश के पांच बड़े शहरों में समारोह का आयोजन किया जाएगा, जहां वैश्विक संस्कृति और संगीत का जीवंत उत्सव देखने को मिलेगा।

इस सत्र का प्रमुख आकर्षण कजाखस्तान से पहली बार आ रहा ऑर्केस्ट्रा, कोयर और डांस बैले होगा, जहां तीनों प्रस्तुतियां एक साथ देश के पांच शहरों के मंच पर दिखाई देंगी। यह शानदार प्रस्तुति पारंपरिक कजाख धुनों को आधुनिक और समकालीन कोरियोग्राफी के साथ जोड़ती है।

इस आयोजन के दौरान डॉ. एल. सुब्रमनियम, पद्म विभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विश्व विख्यात वायलन वादक अपने संगीत की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही, भारत की प्रसिद्ध गायिका और मेलोडी क्वीन, कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमनियम भी प्रस्तुति देंगी।

इसके अलावा, वायलन वादक बिंदु सुब्रमनियम, अंबी सुब्रमनियम और 14 साल की गायिका, सॉन्ग राइटर और वायलन वादक महती सुब्रमनियम भी अपने परिवार के साथ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।

इस लिस्ट में मैस्ट्रो अब्जाल मुखितदीन और कजाखस्तान से आने वाले अस्ताना फिलहार्मोनिक सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा, बैले-गाकु और कजाख चेंबर कोयर ऑफ द अकटोब रिजनल फिलहार्मोनिक भी अपनी कजाखस्तानी कला, संस्कृति और संगीत का प्रदर्शन करेंगी।
 
[ GIF: डांस बैले की झलक ]

क्या तुम्हारी धुननुमा लय में हैं? लक्ष्मीनारायण ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल 16 जनवरी, 2026 से शुरू होगा! 🎵🕺

[ GIF: वायलन वादक की भावनात्मक प्रदर्शन ]

डॉ. एल. सुब्रमनियम, पद्म विभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित! 🙌 उनका संगीत आपको हिलाएगा!

[ GIF: कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमनियम की गायन की झलक ]

भारत की मेलोडी क्वीन, कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमनियम! 🎤 उनकी आवाज़ में हार मानो नहीं जाती।

[ GIF: परिवार के चारों ओर वायलन वादक बिंदु और महती ]
 
अरे वाह, 16 जनवरी को तो खूबसूरत है! लेकिन मुझे लगता है कि यह फेस्टिवल तो बस एक ब्रांडिंग इवेंट होगा, जिसमें कोई भी संगीत या कला नहीं दिखाई देगी, बल्कि पैसों का निकालना ही मुख्य उद्देश्य रहेगा। और कजाखस्तान से आने वाले ऑर्केस्ट्रा और डांस बैले, तो बस एक पब्लिसिटी शूट के लिए आया होगा, जिससे न कोई अच्छा संगीत सुनाई देगा, बल्कि फिल्मों में इस्तेमाल किया जाएगा। और डॉ. एल. सुब्रमनियम, तो बस एक प्रेस वाली हैं, जिन्होंने अपने जीवन में बहुत अच्छा काम नहीं किया, इसलिए उन्हें ये सम्मान दिलाना तो बस एक राजनीतिक फैसला है।
 
तो ये म्यूजिक फेस्टिवल कब से होगा? 16 जनवरी, 2026 से। मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोमांचक लगेगा, विशेष तौर पर ऑर्केस्ट्रा, कोयर और डांस बैले की प्रस्तुतियाँ। यह बहुत ही अद्वितीय और आकर्षक लगेंगी। मुझे लगता है कि यह इवेंट भारत के पास की देशों से जुड़ने का एक अच्छा अवसर होगा।
 
ब्रोहमान 🙏, यह तो बहुत अच्छी बात है कि लक्ष्मीनारायण ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल 16 जनवरी, 2026 से शुरू होगा। मैंने पहले कभी इस तरह का महीना आयोजन नहीं देखा था, जहां वैश्विक संस्कृति और संगीत को एक साथ लाया जाता है। यह तो बहुत रोमांचक है कि 35वें सत्र में ऑर्केस्ट्रा, कोयर और डांस बैले की प्रस्तुतियाँ दिखाई देंगी।

मुझे लगता है कि इस आयोजन में भारतीय संगीत का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों की भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी। डॉ. एल. सुब्रमनियम और कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमनियम जैसे महान कलाकार इस आयोजन में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।

इसके अलावा, यह आयोजन मुझे विश्व संस्कृति को एक्सप्लोर करने का अवसर देगा। मैं इसे बहुत रोमांचक मानता हूँ और मुझे उम्मीद है कि यह आयोजन सफल होगा! 🎵
 
कुछ लोगों के लिए तो शानदार होगी, कुछ लोगों के लिए बोर होगा... 🤷‍♂️
मैंने पहले भी कहा था, जीवन में हर इंसान को अपनी खुशियाँ और दुःख स्वीकार करने की जरूरत है...
लेकिन अगर हमारे पास संगीत, नृत्य और कला का एक मंच है, तो सब कुछ ठीक है 🎶
 
मुझे यह समारोह बहुत रोचक लगेगा 🎵😊, लक्ष्मीनारायण फेस्टिवल में कजाखस्तान से पहली बार ऑर्केस्ट्रा, कोयर और डांस बैले की प्रस्तुति देखने का मौका मिलेगा। यह तो एक अद्वितीय अनुभव होगा जिसमें पारंपरिक धुनों को आधुनिकता और समकालीनता से मिलाया जाएगा। डॉ. एल. सुब्रमनियम, कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम और अन्य कलाकार अपनी अद्वितीय कला दिखाने वाले होंगे।
 
मैंने 16 जनवरी को अपनी बेटी का विवाह हुआ है, और मुझे लगता है कि यह त्यौहार भारतीय संस्कृति की बहुत सुंदरता को दर्शाता है। अब इस ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल के बारे में सुनकर मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोमांचक और आकर्षक होगा। मेरी नन्दनीला भी इसमें प्रदर्शन करने वाली गायिका है, वह बहुत ही सुंदर आवाज़ रखती है।

मैं अपने परिवार को भी इन आयोजनों में देखना पसंद करता हूँ, यह बहुत ही मज़ेदार और मनोरंजक होता है। मुझे लगता है कि यह फेस्टिवल सभी उम्र के लोगों के लिए एक अच्छा अवसर है, जो संगीत और नृत्य का आनंद लेने को मिलेगा।

मेरे बच्चे की प्री-स्कूल शिक्षा में उनकी गायन शिक्षा बहुत ही अच्छी रही, अब जब वे बड़े हुए हैं तो उन्हें अपनी आवाज़ का सही उपयोग करने के लिए यह आयोजन बहुत ही अच्छा अवसर मिलेगा।
 
बात करते हैं फेस्टिवल... 16 जनवरी से शुरू होगा... यार, मुझे लगता है कि इस बार के ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल में कजाखस्तान से आने वाले ऑर्केस्ट्रा, कोयर और डांस बैले की प्रस्तुति बहुत ही रोमांचक लगेगी। 🎵👍

लेकिन, यार, मैं थोड़ा चिंतित भी हूँ... यह फेस्टिवल इतना बड़ा हो रहा है कि उसके साथ हमें अपनी स्थानीय कलाकारों की प्रगति की भी नजर रखनी पड़ेगी। 🤔

और, यार, मैं सोचता हूँ कि अगर हम अपनी संगीतकारों को और भी अच्छे तरीके से समर्थन दें, तो वह विश्व स्तर पर अपनी जगह बना सकते हैं। 😊
 
मुझे लगा कि इस विशाल आयोजन में तो पुराना और नया जुड़ गया है। यह बहुत अच्छा है कि हमारे देश की प्रसिद्ध गायिका, कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमनियम भी शामिल होंगी। उनकी आवाज में तो एक अलग ही खूबसूरती है। और यह ऑर्केस्ट्रा कजाखस्तान से आ रहा है, जो एक नए दिशा की ओर ले जाएगा। मुझे लगता है कि हमारे युवाओं को ऐसे आयोजनों में भाग लेना चाहिए ताकि वे विभिन्न संस्कृतियों और संगीत का अनुभव कर सकें।
 
🎶 16 जनवरी को शुरू होगा यह तो देखने को मिलेगा! लेकिन थोड़ा बात करते हैं... इस म्यूजिक फेस्टिवल में जाने से पहले, मुझे लगता है कि हमें अपनी पारंपरिक संस्कृति और संगीत पर भी ध्यान देना चाहिए। तो क्या यह आयोजन न केवल वैश्विक संस्कृति को बढ़ावा देगा, बल्कि हमारी स्वयं की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करेगा? 🤔

और इस बात पर मुझे थोड़ा आश्वासन चाहिए कि जैसे ही यह आयोजन शुरू होगा, हमें अपनी पारंपरिक संगीत और नृत्य विधियों को भी बढ़ावा देना चाहिए। तो क्या इस मौके पर इन्हें भी एक महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा? 🎵
 
बिल्कुल, यह ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल देश के लोगों को बहुत रोमांचित करने वाला होगा, विशेष रूप से जब तीनों ऑर्केस्ट्राओं की प्रस्तुति एक साथ देखने को मिलेगी। 🎵
 
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