सीड साइक्लिंग, जिसे पीरियड्स टाइम पर नहीं आते को रेगुलर करने में, एक नए डाइट-आधारित उपचार का विचार कर रही हैं हम। इस खास तरीके से चार तरह के बीजों को अपनाकर पीरियड्स के टाइम पर आते किसी भी रोगी, और उनके हॉर्मोनल असंतुलन में फायदा दिखने का दावा किया जाता है।
इस खास तरीके से, महिलाओं को यह विशेष डाइट अपनानी चाहिए, जहां हर फेज में अलग-अलग प्रकार के बीज खाए जाते हैं। इस डाइट पर अनुसार, पीरियड्स के पहले दिन से लेकर 14वें दिन तक रोज एक-एक टेबलस्पून पिसे हुए अलसी और कद्दू के बीज खाना चाहिए। फिर अगले पीरियड के मौसम में, जब ओव्यूलेशन की तैयारी होती है, सूरजमुखी और तिल के बीज भी इसी तरह रोजाना खाए जाते हैं।
इस खास तरीके से, महिलाओं को यह विशेष डाइट अपनानी चाहिए, जहां हर फेज में अलग-अलग प्रकार के बीज खाए जाते हैं। इस डाइट पर अनुसार, पीरियड्स के पहले दिन से लेकर 14वें दिन तक रोज एक-एक टेबलस्पून पिसे हुए अलसी और कद्दू के बीज खाना चाहिए। फिर अगले पीरियड के मौसम में, जब ओव्यूलेशन की तैयारी होती है, सूरजमुखी और तिल के बीज भी इसी तरह रोजाना खाए जाते हैं।