जरूरत की खबर- सर्दियों में बढ़ती टूथ सेंसिटिविटी: दांतों में ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, 15 टूथ केयर टिप्स

सर्दियों में टूथ सेंसिटिविटी की समस्या बढ़ जाती है। बाहर की ठंडी हवा मुंह में जाती है तो दांतों में तेज झनझनाहट और चुभन महसूस होती है। अक्सर लोग इसे हल्के में लेते हैं। कुछ लोग गर्म पानी से कुल्ला कर लेते हैं, तो कभी-कभी दर्द निवारक दवा खा ली जाती है। लेकिन ये आदतें आगे चलकर कैविटी, मसूड़ों की बीमारी और दांतों में इन्फेक्शन का कारण बन सकती हैं। सर्दी में ड्राई हवा, कम पानी पीना और साइनस की समस्या से ये दर्द दोगुना हो जाता है। ब्रिजव्यू डेंटल के एक सर्वे के मुताबिक, लगभग 1 में से 8 लोग (यानी 12.5% आबादी) सर्दियों में दांतों की सेंसिटिविटी से परेशान होते हैं। व्हाइट टस्क क्लिनिक की रिपोर्ट भी बताती है कि भारत में ठंड पड़ते ही सेंसिटिविटी के केसेज में अचानक उछाल आ जाता है।
 
सर्दियों में तो लगता है खलल बिताने वाला पानी मुंह में आता है और दांत सुन्न हो जाते हैं 🤕। लोग गर्म पानी से कुल्ला कर लेते हैं तो ठीक है, लेकिन कभी-कभी दवा भी लेना पड़ता है। इसका मतलब यह नहीं है कि मुंह की सफाई करने का तरीका सही नहीं है, बल्कि ठंड के समय तेजी से पानी खालने से दांतों पर दबाव पड़ता है और दर्द होता है।
 
सर्दियों की ठंड़ तो जरूर बढ़ जाती है, लेकिन दांतों की संवेदनशीलता तो बढ़ जानी चाहिए। ठंडी हवा में मुंह सूखने लगता है और मसूड़ों की स्थिति खराब होती है। अगर हम गर्म पानी से नहीं लेते, तो दांतों में दर्द तो बढ़ जाता है, फिर से दवाई लेने की जरूरत पड़ती है और यह समस्या और भी गंभीर होती जाती है।
 
तो सर्दियों में तो तुम्हारे दांत तो सिर्फ खुशहाल होना चाहिए 🤗, लेकिन लगता है कि ठंडी हवा हमारे दांतों की दोस्ती टूटने की ओर ले जा रही है। तुम्हें पानी पीना न भूलना, फ्रेश ब्रीच्स और गुंद्री साफ करना जरूरी 🤸‍♀️, यार तो इससे तुम्हारे दांतों की खुशबू भी अच्छी रहेगी।
 
सर्दियों में तो दांतों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है और लोग अक्सर हल्के में लेते हैं... लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इससे पहले से ही मसूड़ों और दांतों में कई समस्याएं हो सकती हैं। हमें अपने खाने की आदतों पर भी ध्यान देना चाहिए, खासकर जब ठंडी हवा आती है। गर्म पानी से कुल्ला करने की जगह हल्के मिश्रण से लोअर लिप ब्रश करके मसूड़ों की देखभाल करें। और अगर दर्द होता है तो डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए... इससे हम अपने दांतों की स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और सर्दियों में संवेदनशीलता से निपटने में आसान रहेंगे।
 
मेरे दोस्तों 🤔, सर्दियों में टूथ सेंसिटिविटी की समस्या तो हर कोई महसूस करता है, लेकिन बहुत कम लोग इसके बारे में जागरूकता फैलाते हैं। मैंने अपने दादाजी की कहानी सुनाई थी, जब उन्होंने खुद भी इस समस्या से जूझा था। उनका कहना था कि अगर ठंडी हवा मुंह में आती है तो उसके मसूड़ों में खून बहने लगा था। अब वे पानी पीने से पहले अपने दांतों को चोटे हुए दिखाते हैं और गर्म पानी से हाथ धोते हैं। 😅

मुझे लगता है कि हमें अपने दांतों की देखभाल करनी चाहिए, खासकर सर्दियों में। यदि आपको दांतों की सेंसिटिविटी की समस्या है, तो तुरंत डॉक्टर से बात करें और अपने मसूड़ों को अच्छी तरह साफ रखें।
 
मुझे लगता है कि सर्दियों में दांतों की संवेदनशीलता बढ़ने का नियमित रूप से नहीं सोचा जाता। जैसे ही, जब सर्दी आ जाए तो हम सब ठंड लगने लगते हैं लेकिन दांतों पर यह प्रभाव कब होता है और कैसे? कभी-कभी मुझे भी ऐसा महसूस हुआ है जब मुंह खोलने पर दर्द होने लगा। मेरा मानना है कि हमें अपने दांतों को अधिक सावधानी से लेना चाहिए, खासकर सर्दियों में। गर्म पानी से कुल्ला करना एक अच्छा विचार है।
 
मैंने जो पढ़ा है वह बहुत ही सच्चा है . सर्दियों में दांतों की सेंसिटिविटी बढ़ जाती है तो लोग अक्सर हल्के में लेते हैं। लेकिन हमें पता होना चाहिए कि यह समस्या हमारे दांतों और मसूड़ों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। मैंने अपने दोस्त की बहन को भी ऐसा हुआ था। उन्हें बाहर की ठंडी हवा में दांतों में दर्द होता था, तो उन्होंने गर्म पानी से कुल्ला कर लिया था। लेकिन उसके मसूड़ों में बीमारी आ गई। इसलिए हमें अपने दांतों और मसूड़ों की देखभाल करनी चाहिए, विशेषकर सर्दियों में।
 
यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है सर्दियों में दांतों की संवेदनशीलता का। मैंने भी कभी-कभार ऐसा अनुभव किया है जब बाहर की ठंडी हवा मुंह में आती है तो मेरे दांत्स में जल्दी जल्दी पेचन लग जाती है। लेकिन जैसे ही मैं गर्म पानी से कुल्ला करता हूँ, तो दर्द शुरू हो जाता है 🤕। मुझे लगता है कि यह समस्या बहुत आसानी से हल हो सकती है, अगर हम अपने दांतों को ठीक से धोने और साफ करने का ध्यान रखेंगे। साथ ही, अगर हम अपने दंत स्वास्थ्य का ख्याल रखने का प्रयास करेंगे, तो यह समस्या नहीं बनेगी। 🤞
 
सर्दियों के दौरान मुंह का दर्द तो बस इतना नहीं होता, बल्कि यह एक समस्या बन जाती है... 👀 मैंने अपने बच्चे को भी कई बार ऐसा महसूस हुआ है, और मुझे लगता है कि लोग इसे हल्के में लेते हैं। उन्हें गर्म पानी से निकालने की सलाह देते हैं, पर यह तो ठीक नहीं है। मैं अपने बच्चों को हमेशा ठंडा पानी से निकालने के लिए कहती हूँ, और फिर उन्हें मौखिक स्नान करने के लिए कहती हूँ। इससे उनके दांतों की संवेदनशीलता कम होती है। 😊
 
मुझे लगता है कि सर्दियों में दांतों की सेंसिटिविटी की समस्या न होने के लिए हमें अपने आप को ध्यान में रखना चाहिए। जब तो पास की रेस्तरां में शिमला ट्रीटमेंट का ऑफर दिया जाता है तो मुझे लगता है कि यह अच्छा विचार नहीं है। लेकिन फिर भी अगर आपके दांत खुजले लगे तो शायद गर्म स्नान करना एक अच्छा विचार हो। मैं अपने दोस्त की बेटी को कभी-कभी गर्म चाय पीने देता हूँ और वह अच्छी लगती है।
 
Wow, तो गर्मियों में तो पानी से कुल्ला करने का खेल मैंने भी खेला है 🤪, लेकिन सर्दियों में ठंडी हवा मुंह में आती है, तो बिल्कुल नहीं, यह तेज झनझनाहट और चुभन महसूस कराती है। और फिर लोग गर्म पानी से कुल्ला करने लगते हैं, लेकिन इससे दांतों में दरार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है... यह तो एक बड़ा जोखिम है, तो हमें सावधानी बरतनी चाहिए।

Interesting, भारत में ठंड पड़ते ही सेंसिटिविटी के केसेज में अचानक उछाल आ जाता है। यह तो एक बड़ा पैटर्न है, और हमें अपनी सेहत पर ध्यान रखना चाहिए, खासकर सर्दियों में। कम पानी पीना और ड्राई हवा से भी दांतों की सेंसिटिविटी बढ़ सकती है... तो हमें इन आदतों से बचने का प्रयास करना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि जब हमारे दांतों पर ठंड का प्रभाव पड़ता है, तो यह और भी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। मैंने कई दोस्तों को सुना है जिनकी सर्दियों में मुंह की समस्याएं थीं और उन्हें बाद में बहुत दर्द हुआ। मुझे लगता है कि हमें अपने दांतों की देखभाल करनी चाहिए और ठंड के मौसम में खास ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि हम गर्म पानी से नहाते हैं लेकिन ठंडे पानी से नहीं होना चाहिए तो दांतों को दर्द ना आे। और जब भी मुंह में दर्द होता है तो पहले थोड़ा हल्का उपचार करें फिर डॉक्टर से जाएं।
 
मुझे लगता है कि सर्दियों में तो हमारे दांतों को बहुत प्यार करना चाहिए, लेकिन फिर भी इस समस्या से निपटने के लिए कुछ आसान चीजें कर सकते हैं। सबसे पहले, हमें अपने दांतों को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए और पानी से नहीं बल्कि दंत चिकित्सक द्वारा सुझाई गई दवा से ही कुल्ला कराना चाहिए। फिर भी, अगर हमारे मुंह में खून आ गया है या दर्द बहुत ज्यादा है, तो जरूर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

मुझे लगता है कि भारत में ठंड पड़ने पर सेंसिटिविटी की समस्या थोड़ी ज्यादा आती है, मान लें कि हमारे शरीर में ठंड की तुलना में हवा अधिक तेज़ चलती है। ऐसे में हमें अपने दांतों और मुंह को विशेष सावधानी से रखनी चाहिए। मैंने भी अपने खाली पानी से कभी-कभी थोड़ी डसी लेना शुरू कर दिया है, ताकि मेरे मुंह को नम रखा जा सके।
 
🤔 तो ये तो समझ में आता है, सर्दियों में हवा बहुत सूखी होती है और इससे दांतों पर प्रभाव पड़ता है। लेकिन क्या हमारे पास ऐसे उपचार हैं जिससे यह दर्द निवारक दवाइयों से दूर हो जाए? 🤷‍♀️ मेरी अनुभाग में पढ़ा है कि थोड़ी सी रूटिंग और प्रोबियोटिक्स लेने से मदद मिल सकती है।
 
बहुत दिलचस्प बात है, टूथ सेंसिटिविटी की समस्या सर्दियों में बढ़ जाती है न? लेकिन मुझे लगता है कि हमारी आदतें और जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी होगा। गर्म पानी से कुल्ला करने की बात तो सही है, लेकिन कभी-कभी दर्द निवारक दवा खाने से हमारे दांतों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। और कम पानी पीने से सर्दियों में दूर-दूर तक जाने की जरूरत नहीं होती, तो ठंड का जवाब देने के लिए हम अपने शरीर को मजबूत बना सकते थे। मुझे लगता है कि सेंसिटिविटी कम करने के लिए ड्राई माउथ क्लीनर्स और टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना जरूरी होगा। 🤔😊
 
मुझे लगता है कि यारों को बाहर की ठंडी हवा मुंह में जाने पर दांतों में तेज झनझनाहट महसूस होना क्यों इतना आसान है? मैंने अपने दोस्त को बताया था कि उसकी दांतों में संवेदनशीलता बढ़ गई है, तो वह गर्म पानी से कुल्ला कर लेता है। लेकिन फिर भी वह दर्द निवारक दवा खा लेता है और ठीक होने का इंतजार करता है। मैंने उससे कहा था कि इसके बजाय गर्म स्नान करो, और अपने दांतों को साफ-सफाई करने की कोशिश करो। लेकिन वह नहीं सुनता। अब वह तो दर्द निवारक दवा खाता हुआ ही बाहर रहता है।
 
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